नीचे दाम पर तेल मिलों की खरीद से सरसों के भाव में सुधार
नई दिल्ली। नीचे दाम पर तेल मिलों की खरीद बढ़ने के कारण घरेलू बाजार में मंगलवार को सरसों के भाव में सुधार आया। जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव 25 रुपये तेज होकर दाम 5,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान सरसों की दैनिक आवक घटकर 7.50 लाख बोरियों की ही हुई।
विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मलेशियाई पाम तेल के भाव में हल्की नरमी आई, साथ ही इस दौरान शिकागो में सोया तेल के भाव भी नरम हुए। व्यापारियों के अनुसार पाम तेल के निर्यात में तो बढ़ोतरी हुई है, लेकिन साथ ही आगामी दिनों में उत्पादन में बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इसलिए विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार कम है। नीचे दाम पर तेल मिलों की बिक्री कमजोर होने से घरेलू बाजार में सरसों तेल की कीमतों में सुधार आया, जबकि इस दौरान सरसों खल के भाव स्थिर बने रहे।
उत्पादक मंडियों में मंगलवार को सरसों की दैनिक आवकों में गिरावट दर्ज की गई। व्यापारियों के मार्च क्लोजिंग के कारण तेल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। हालांकि मौसम अनुकूल रहा तो सरसों की दैनिक आवक उत्पादक मंडियों में अभी बराबर बनी रहने का अनुमान है। वैसे भी चालू रबी में सरसों का उत्पादन अनुमान ज्यादा है तथा किसान माल नहीं रोक रहे हैं। जानकारों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण सरसों तेल में मांग अभी बनी रहेगी, लेकिन इसकी कीमतों में तेजी, मंदी काफी हद तक आयातित खाद्वय तेलों के दाम पर ही निर्भर करेगी।
सरसों तेल के दाम तेज
जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी और एक्सपेलर की कीमतों में मंगलवार को तेजी आई। कच्ची घानी सरसों तेल के भाव 10 रुपये तेज होकर दाम 1,036 रुपये प्रति 10 किलो हो गए, जबकि सरसों एक्सपेलर तेल के दाम भी 10 बढ़कर भाव 1,026 रुपये प्रति 10 किलो हो गए। इस दौरान गंगापुर में सरसों तेल कच्ची घानी के दाम तेज होकर 1,020 से 1,021 रुपये प्रति 10 किलो हो गए। भरतपुर में सरसों तेल कच्ची घानी के दाम 1,025 से 1,035 रुपये प्रति 10 किलो पर स्थिर हो गए।
विदेशी बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मलेशियाई पाम तेल के भाव में हल्की नरमी आई, साथ ही इस दौरान शिकागो में सोया तेल के भाव भी नरम हुए। व्यापारियों के अनुसार पाम तेल के निर्यात में तो बढ़ोतरी हुई है, लेकिन साथ ही आगामी दिनों में उत्पादन में बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इसलिए विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार कम है। नीचे दाम पर तेल मिलों की बिक्री कमजोर होने से घरेलू बाजार में सरसों तेल की कीमतों में सुधार आया।
विश्व बाजार में खाद्वय तेल कमजोर
बर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (बीएमडी) पर जून डिलीवरी के पाम तेल वायदा अनुबंध में 10 रिंगिट यानी की 0.24 फीसदी की गिरावट आकर भाव 4,237 रिंगिट प्रति टन पर बंद हुए। इस दौरान डालियान का सबसे सक्रिय सोया तेल वायदा अनुबंध 0.54 फीसदी कमजोर हो गया, जबकि इसका पाम तेल वायदा अनुबंध 0.41 फीसदी घट गया। उधर शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड पर सोया तेल की कीमतें 0.35 फीसदी तक कमजोर हो गई।
विश्व बाजार में खाद्वय तेल कीमतों में आई गिरावट के साथ ही निवेशकों की मुनाफावसूली से मलेशियाई पाम तेल वायदा में गिरावट दर्ज की गई। साथ ही मजबूत रिंगिट का असर भी कीमतों पर पड़ा है।
जानकारों के अनुसार उपलब्धता कम होने के कारण पाम तेल की कीमतें अन्य खाद्वय तेलों की तुलना में ऊंची बनी हुई हैं। डॉलर के मुकाबले मलेशियाई व्यापार की मुद्रा रिंगिट 0.13 फीसदी तक मजबूत हुई।
सरसों खल स्थिर, डीओसी में सुधार
जयपुर में मंगलवार को सरसों खल की कीमतें 2,480 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। इस दौरान गंगापुर में सरसों खल के भाव 2,550 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। नीमच मंडी में सरसों खल की कीमतें 2,500 रुपये प्रति क्विंटल के पूर्व स्तर पर स्थिर हो गई।
निर्यातकों के साथ ही स्थानीय मांग सुधरने से डीओसी की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कोटा में सरसों डीओसी के बिल्टी भाव तेज होकर 20,600 रुपये प्रति टन हो गए। इस दौरान मुरैना में सरसों डीओसी के बिल्टी दाम तेज होकर 20,500 रुपये प्रति टन बोले गए। कानपुर में सरसों डीओसी के बिल्टी भाव बढ़कर 20,600 रुपये प्रति टन हो गए।
ग्राहकी सीमित बनी रहने से सरसों खल की कीमतें स्थिर बनी रही। व्यापारियों के अनुसार घरेलू बाजार में सरसों खल में खपत राज्यों की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि उत्पादक राज्यों में नई सरसों की दैनिक आवक अभी बनी रहने का अनुमान है। मार्च क्लोजिंग के कारण व्यापारिक गतिविधियां अभी कमजोर रहेंगी। चालू सीजन में सरसों का उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है इसलिए इसके भाव में अभी एकतरफा बड़ी तेजी के आसार नहीं है।
निर्यातकों के साथ ही स्थानीय मांग बढ़ने से डीओसी की कीमतें तेज हुई। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक राज्यों में सरसों की दैनिक आवकों में कमी आई है, हालांकि मार्च क्लोजिंग के कारण व्यापार कम हो रहा है। किसान चालू सीजन में सरसों को रोक नहीं रहे हैं, जबकि सरसों का उत्पादन अनुमान ज्यादा है। ऐसे में डीओसी के भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।
सरसों की दैनिक आवक घटी
देशभर की मंडियों में सरसों की दैनिक आवक घटकर 7.50 लाख बोरियों की ही हुई, जबकि पिछले कारोबारी दिवस में आवक 11 बोरियों की हुई थी। कुल आवकों में से प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान की मंडियों में नई सरसों की 4.25 लाख बोरी, जबकि मध्य प्रदेश की मंडियों में 70 हजार बोरी, उत्तर प्रदेश की मंडियों में 75 हजार बोरी, पंजाब एवं हरियाणा की मंडियों में 60 हजार बोरी तथा गुजरात में 25 हजार बोरी, एवं अन्य राज्यों की मंडियों में 95 हजार बोरियों की आवक हुई।
कॉटन वॉश की कीमतें स्थिर
विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन घरेलू बाजार में कॉटन वॉश की कीमतें स्थिर हो गई। धुले में कॉटन वॉश के दाम 885 रुपये प्रति 10 किलो पर स्थिर हो गए। इस दौरान जालना में कॉटन वॉश के भाव 890 रुपये प्रति 10 किलो के पूर्व स्तर पर स्थिर हो गए। गुजरात डिलीवरी कॉटन वॉश की कीमतें 910 रुपये प्रति दस किलो के स्तर पर स्थिर हो गई।
विदेशी बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मलेशियाई पाम तेल के भाव में हल्की नरमी आई, साथ ही इस दौरान शिकागो में सोया तेल के भाव भी नरम हुए। व्यापारियों के अनुसार पाम तेल के निर्यात में तो बढ़ोतरी हुई है, लेकिन साथ ही आगामी दिनों में उत्पादन में बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इसलिए विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार कम है। ऐसे में घरेलू बाजार में कॉटन वॉश की कीमतों में भी बड़ी तेजी की संभावना अभी नहीं है।
बिनौला के साथ ही कपास खली मंदी
तेल मिलों की मांग कमजोर होने से बिनौले के भाव उत्तर भारत के राज्यों में कमजोर हुए। हरियाणा में बिनौले के भाव 50 रुपये घटकर दाम 2250 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान श्रीगंगानगर लाइन में बिनौला के भाव 50 रुपये कमजोर होकर 2250 से 2550 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। बिनौला के दाम पंजाब में 50 रुपये घटकर 2200 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
ग्राहकी कमजोर होने से कपास खली की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सेलु में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली की कीमतें कमजोर होकर दाम 2,830 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान भोकर में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली के दाम घटकर 2,820 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। सूर्यापेट में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली के दाम कमजोर होकर 2,730 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर आ गए।
तेल मिलों की खरीद कमजोर होने के कारण बिनौला के भाव में उत्तर भारत के राज्यों में कमजोर हुए। विदेशी बाजार में आज अधिकांश खाद्वय तेलों के दाम घट गए, इसलिए घरेलू मिलों की मांग बिनौला में कमजोर हुई। हालांकि घरेलू मंडियों में कपास की दैनिक आवक आगामी दिनों में और घटेगी, लेकिन घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में तेजी, मंदी काफी हद तक आयातित खाद्वय तेलों की कीमतों पर ही निर्भर करेगी।
ग्राहकी कमजोर होने से कपास खली की कीमतों में मंदा आया है। व्यापारियों के अनुसार इसमें ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा मार्च क्लोजिंग के कारण अभी व्यापार कमजोर रहेगा। हालांकि तेल मिलों को नीचे दाम पर पड़ते नहीं लग रहे, जिस कारण मिलें भाव घटाकर बिकवाली कम कर रही है। ऐसे में इसके भाव में सीमित तेजी, मंदी बनी रहने के आसार हैं।