ग्राहकी कमजोर होने से आयातित उड़द एवं अरहर तथा चना के साथ मसूर मंदी, मूंग स्थिर
नई दिल्ली। दाल मिलों की खरीद कमजोर होने से घरेलू बाजार में मंगलवार को आयातित उड़द एवं अरहर के साथ ही चना तथा मसूर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि इस दौरान मूंग की कीमतें स्थिर बनी रही।
मार्च क्लोजिंग के कारण अधिकांश घरेलू मंडियों में 31 मार्च तक व्यापार सीमित मात्रा में ही होगा, तथा इस दौरान मिलर्स केवल जरुरत के हिसाब से ही दलहन की खरीद करेंगे।
भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 27-29 मार्च के दौरान जम्मू-कश्मीर, के साथ ही लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद तथा 28 से 29 मार्च को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में छिटपुट गरज के साथ हल्की बारिश या फिर बर्फबारी होने की संभावना है।
चेन्नई में बर्मा की उड़द एफएक्यू और एसक्यू की कीमतें स्थिर हो गई। दौरान लेमन अरहर की कीमतें भी पूर्व स्तर पर स्थिर बनी रही। उड़द एफएक्यू के भाव अप्रैल एवं मई शिपमेंट के 1,035 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 1,120 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,260 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में उड़द की कीमतें डॉलर में स्थिर हो गई, लेकिन घरेलू बाजार में दाल मिलों की मांग बनी रहने से आयातित उड़द के दाम नरम हुए। व्यापारियों के अनुसार मार्च क्लोजिंग के कारण सप्ताह भर मिलों की मांग सीमित बनी रहने की उम्मीद है। हालांकि उड़द के आयात पड़ते महंगे हैं, जिस कारण आयातक इसके दाम तेज करना चाहते हैं, लेकिन बड़ी तेजी टिक नहीं पायेगी। उड़द दाल में खुदरा एवं थोक मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में नई उड़द की आवक पहले की तुलना में बढ़ी है। आगामी दिनों में बर्मा में नई फसल की आवकों में बढ़ोतरी होगी, जिस कारण इसका आयात बढ़ने की उम्मीद है। वैसे भी सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें उड़द की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही हैं।
घरेलू बाजार में लेमन अरहर की कीमतें नरम हुई। हालांकि लेमन के दाम डॉलर में चेन्नई में स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार पिछले सप्ताह लेमन की कीमतें डॉलर में तेज हुई थी, जिस कारण इसके आयात पड़ते महंगे हैं। ऐसे में इसकी कीमतों में हल्का सुधार और बन सकता है, लेकिन अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है। थोक के साथ ही खुदरा में अरहर दाल में ग्राहकी उम्मीद के अनुसार बढ़ नहीं पा रही है क्योंकि केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की लगातार समीक्षा कर रही है। घरेलू मंडियों में अभी देसी अरहर की आवक बनी रहेगी। आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। ऐसे में इसके भाव में अभी एकतरफा बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है।
दाल मिलों की खरीद कमजोर होने से दिल्ली में चना के भाव में गिरावट दर्ज की गई। नई फसल की आवकों को देखते हुए, व्यापारी अभी चना के भाव में बड़ी तेजी के पक्ष में नहीं है। उत्पादक राज्यों में मौसम साफ रहा तो फिर नए चना की आवकों में अगले सप्ताह से बढ़ोतरी हो जायेगी। उत्पादक मंडियों में चना के दाम समर्थन मूल्य से ऊपर है, जिस कारण मौजूदा कीमतों में दाल मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। हालांकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है, लेकिन एक बार आवकों का दबाव बनने पर कीमतों में मंदा आयेगा। खपत का सीजन होने के कारण चना दाल एवं बेसन की मांग अभी बनी रहेगी।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के दाम 25 रुपये कमजोर होकर 4,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 25 रुपये घटकर 4,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
रुस से एक जहाज 32,000 टन पीली मटर लेकर 23 मार्च को मुंद्रा बंदरगाह पर आया था।
कनाडा से एक जहाज 25,146 टन पीली मटर लेकर 23 मार्च को ही मुंद्रा बंदरगाह पर पहंचा था, जबकि इससे पहले एक जहां 16 मार्च को भी कनाडा से 58,189 टन पीली मटर लेकर आया था।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम नरम हुए हैं, जबकि बंदरगाह पर आयातित की कीमतें स्थिर बनी रही। व्यापारियों के अनुसार पिछले सप्ताह इसके भाव तेज हुए थे, लेकिन जिस तरह से नई फसल की आवक बढ़ रही है। उसे देखते हुए आगामी दिनों में इसके भाव में नरमी आने का अनुमान है। मौसम अनुकूल रहा तो मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अप्रैल के पहले सप्ताह तक नई फसल की आवकों का दबाव बनेगा। वैसे भी चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए इसके भाव में बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि आयातकों के पास उंचे भाव का स्टॉक है, तथा उत्पादक मंडियों में पुरानी देसी मसूर की स्टॉक सीमित मात्रा में ही बचा हुआ है।
मूंग के भाव उत्पादक राज्यों में स्थिर ही बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, वैसे भी रबी सीजन में इसकी बुआई पिछले साल की तुलना में कम हुई थी, जिस कारण उत्पादन अनुमान कम है। हालांकि उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में नई मूंग की दैनिक आवक बढ़ेगी, तथा अगले सप्ताह से इसकी आवकों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसलिए मौजूदा कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 50 रुपये कमजोर होकर 9,400 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 25 रुपये घटकर 8,850 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम कमजोर होकर 9,875 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 50 रुपये कमजोर होकर 9,150 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 25 रुपये कमजोर होकर भाव 8,875 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,100 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम फसल सीजन 2024 के 25 रुपये कमजोर होकर दाम 10,125 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
देसी अरहर की कीमतें सोलापुर, इंदौर, अकोला, कुरनूल और रायपुर में स्थिर बनी रही।
मुंबई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 10,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 150 रुपये बढ़कर 10,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर बनी रही। सूडान से आयातित अरहर के दाम 10,200 से 10,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 9,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। मतवारा अरहर के भाव 9,150 से 9,250 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। सफेद अरहर की कीमतें 9,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये घटकर 6,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 5,950 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के दाम 5,950 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजीरा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के भाव 5,975 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 75 रुपये कमजोर होकर 5,850 से 5,875 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन में चना के भाव 75 रुपये घटकर 5,800 से 5,825 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 75 रुपये कमजोर होकर 5,750 से 5,775 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 75 रुपये घटकर 5,725 से 5,750 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,100 से 8,850 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में मीडियम मूंग के दाम 7,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। जलगांव मंडी में पुरानी समर मूंग के दाम 8,800 से 9,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सुमेरपुर मंडी में देसी मूंग के दाम 5,950 से 8,050 रुपये प्रति क्विंटल क्वालिटी अनुसार बोले गए।