*अमेरिका में डॉलर इंडेक्स बढ़ने से रुपिया कमजोर हुआ है।*रूस से सप्लाई की चिंता से पेट्रो कई महीने की हाई पर आया है।*ब्राज़ील में 950 लाख टन सोयबीन की कटाई हो गई है। हज़ारों ट्रक प्लांट्स, गोदाम और पोर्टस कि तरफ सप्लाई लेकर बढ़ रहे है।

*चीन ने देश मे सप्लाई बढ़ाने के लिए कॉर्न और सोयाबीन की कई नई किसमे approve की है। *चीन के एडिबल आयल इम्पोर्टर्स भी साउथ अमेरिका की बड़ी सोय्या फसल के इम्प्रैशन में है। नवंब्बर में तेलों का स्टॉक 22.24 लाख टन था मगर इम्पोर्ट घटने से फ़रवरी का स्टॉक 5.25 लाख टन घटा है।

*सीबोट कल दवाब में आया, फंड्स अमेरिका में नई फसल की बिज़ाई बढ़ने के संकेत से दवाब में आये है। *फ़ेड बैंक की मीटिंग शुरू होने से पहले अमेरिका में शेयर इंडेक्स नरम हुए है।

ब्राज़ील और अर्जेटिना में सोया फ़सल को थोड़े नुकसान के बाद भी साउथ अमेरिका की फसल बहुत बड़ी हैसप्लाई बड़ रही है, स्टॉक बढ़ रहे है, भाव मंदे हो रहे है तो ब्राज़ील में किसान bankruptsy का खतरा देखते हुए ऑफिशल्स के पास प्रोटेक्शन के लिए अर्जी फ़ाइल कर रहे है।फारवर्ड में और मंदि देखते …

लगता है 20 फ़रवरी से शुरू हुई तेलों की तेजी अब शांत होने लगी है। तेज़ी की वजह मलसिया में पाम आयल सप्लाई घटने, ब्राज़ील अर्जेटिना में किसानों की धीमी सोय्या बिकवाली थी या भारत मे पोर्टस पर स्टॉक की कमी। विदेशी और देसी बाज़ार एक समान रफ्तार से बढ़े तो यह कहना मुश्किल हुआ …

दो दिन में klc 92 रिंगित टूटी है। मुनाफा वसूली अकेली वजह है। मॉर्च में मलेशिया का पाम आयल उतपादन बेहतर होने के संकेत है। klc 4200 रिंगित पर टिकने की स्थिति में है।Klc पिछले साल के इतिहास को दोहरा रही है-Klc पिछले साल से पहले कभी भी लगातार तीन महीने तेज़ नहीं हुई थी। …

भारत मे पोर्टस पर ओलिन के स्टॉक एक ही महीने में आधे रह गए है। मिड फ़रवरी में स्टॉक 1.99 लाख टन था, अब आधा है।एक महीने पहले कांड़ला मूंदरा में स्टॉक 50000 टन था, अब नहीं है।चेन्नई कृष्णपत्नम में भी स्टॉक 1 महीने पहले से आधा है।हल्दिया पारादीप बुजबुज के टैंक्स खाली है।