बार बार यह साबित हुआ है कि भारत की तेल मार्किट की मूवमेंट KLC से जुड़ी है-

अप्रैल के 3 दिन में klc 204 रिंगित तेज़ हुई है तो सभी तेल भी तेज दौड़े।
सीपीओ 3 दिन में विदेश में 30 डॉलर तेज़ हुआ मगर हाई सीज सप्लाई की कमी से 4 रुपए किलो तेज़ हुआ है । मॉर्च के ऊंचे भाव सौदे की मुनाफा वसूली से प्लांट के ओलिन में 3 रुपए किलो की तेजी आइहै।
अप्रैल में सीबोट वायदा 90 पॉइंट तेज़ हुआ है।
Klc की तेज दौड़ के सामने सीबोट कि तेजी फीकी है-
Cif में कोई तेज़ी ना आने परभी हाई सीज सप्लाई की कमी से 4 रुपए तेज़ हुआ तो प्लांट में रिफाइंड भी इतना ही तेज़ हुआ है।
सरसोँ की आवक बढ़ रही है, इस कारण कोल्हू तेल में इन तीन दिनों में कोई तेज़ी नहीं आई है। अभी भी कोल्हू तेल रिफाइंड से 3 रुपए किलो ऊपर है, इस कारण लिवाली कम है।
सोय्या पाम की तेज़ी से कॉटन वाश 4 रुपए,राइसब्रान आयल क्रूड भी 4 रुपए तेज़ हुआ है।

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