नवम्बर से जनवरी में भारत के तेलों का इंपोर्ट पिछले साल से 11 लाख टन कम हुआ था। सभी लोकेशन में सप्लाई भी पिछले साल से 5 लाख टन कम हुईं है। यह ट्रेड के नोटिस में नहीं आया, इसी वजह से फरवरी में तेल मार्केट ने तेजी शुरू करके हैरान किया।
नवम्बर से जनवरी में लोकल ऑयल का उत्पादन भी 60000 टन घटा है।
पोर्ट्स पर जनवरी में पाम ऑयल स्टॉक पिछले साल से 3.60 लाख टन और सॉफ्ट ऑयल का 4 लाख टन कम था तो तेजी आने की वजह भी थी।