मार्च से मई में भारत का मौसम नॉर्मल से ज्यादा गर्म रहने के संकेत है, इसका असर फसलों की yield पर आ सकता है। मौसम गर्म रहेगा तो बिजली की डिमांड भी ज्यादा रहेगी।
भारत climate चेंज के कारण ज्यादा बारिश और बाढ़, हीट वेव, सूखे मौसम की ज्यादा परिस्थिति भी झेल रहा है।