ग्राहकी कमजोर होने से उड़द एवं अरहर तथा आयातित मसूर के दाम घटे, चना तेज
नई दिल्ली। दाल मिलों की ग्राहकी कमजोर होने से घरेलू बाजार में शुक्रवार को उड़द एवं अरहर के साथ ही आयातित मसूर के दाम घटे गए, जबकि इस दौरान चना की कीमतों में तेजी आई। मूंग की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान, लक्षद्वीप, केरल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है। तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, पूर्वोत्तर बिहार, ओडिशा, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और पश्चिमी हिमालय में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। अगले दो दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में गरज के साथ बारिश के साथ धूल भरी आंधी चल सकती है।
बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू और एफएक्यू की कीमतें नरम हो गई। उड़द एफएक्यू के भाव जून एवं जुलाई शिपमेंट के 10 डॉलर कमजोर होकर 1,105 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव पांच डॉलर कमजोर होकर 1,205 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए।
चेन्नई में आयातित उड़द एफएक्यू और एसक्यू के दाम कमजोर हुए हैं, साथ ही घरेलू बाजार में भी दाल मिलों की खरीद से दूसरे दिन भाव में मंदा आया है। व्यापारियों के अनुसार उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है जिस कारण दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की मांग उड़द में पहले की तुलना में कम हुई है, क्योंकि मध्य प्रदेश की नई समर फसल की आवक बढ़ी है। साथ ही म्यांमार से उड़द के आयात सौदे बराबर हो रहे हैं। केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें भी जोखिम कम ले रही है। इसलिए मौजूदा कीमतों में बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि आयातित उड़द महंगी हैं, इसलिए आयातकों को डिस्पैरिटी का सामना करना पड़ रहा है।
घरेलू बाजार में आयातित लेमन अरहर की कीमतों में मंदा आया, जबकि अफ्रीकी देशों से आयातित के दाम स्थिर बने रहे। व्यापारियों के अनुसार अरहर दाल में बढ़ी हुई कीमतों में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी कमजोर हुई है, जबकि म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी भी बना रहने की उम्मीद है। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। इसलिए बढ़े दाम पर मुनाफावसूली करते रहना चाहिए। हालांकि आयातित अरहर के भाव में डिस्पैरिटी ज्यादा है इसलिए आयातक फिर दाम तेज करेंगे। वैसे भी घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में काफी कम हुई है, क्योंकि चालू सीजन में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आई है।
नीचे दाम पर स्टॉकिस्टों की मांग से चना की कीमतों में सुधार आया है। व्यापारियों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा चना पर स्टॉक लिमिट लगाने की खबर से बिकवाली बढ़ गई थी, तथा चना के दाम करीब 250 से 300 प्रति क्विंटल तक कमजोर हुए थे। स्टॉकिस्ट चना में ज्यादा मंदे में नहीं है, क्योंकि उत्पादक मंडियों में चना की दैनिक आवक पहले की तुलना में काफी कम हो गइ है। वैसे भी चालू सीजन में उत्पादन अनुमान कम है तथा ऑस्ट्रेलिया से चना के आयात पड़ते महंगे हैं। आस्ट्रेलिया में नई फसल की आवक अगस्त एवं सितंबर में बनेगी। व्यापारियों के अनुसार मिलर्स एवं स्टॉकिस्ट के पास चना का बकाया स्टॉक ज्यादा है, इसलिए तेजी आने पर मुनाफावसूली करते रहे।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए, जबकि कनाडा की पीली मटर के दाम 25 रुपये घटकर 4,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। कानपुर में उत्तर प्रदेश लाइन की देसी मटर के भाव 4,500 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम स्थिर हो गए, जबकि आयातित की कीमतें बंदरगाह पर दूसरे दिन भी कमजोर हुई। व्यापारियों के अनुसार चालू सीजन में उत्पादन अनुमान ज्यादा था, जिस कारण उत्पादक राज्यों में बकाया स्टॉक अच्छा है। उधर बंदरगाह पर आयातित मसूर का स्टॉक भी ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक बचा हुआ है। अत: स्टॉकिस्टों की बिकवाली से दाम कमजोर हुए हैं। हालांकि व्यापारी बड़ी गिरावट के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि मसूर के आयात पड़ते महंगे हैं, जिस कारण शिपमेंट कम आ रही है। मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में मसूर की दैनिक आवकों में पहले की तुलना में कम हुई है।
दिल्ली में मूंग की कीमतों में सुधार आया है, लेकिन उत्पादक मंडियों में इसके भाव में मिलाजुला रुख रहा। व्यापारी मूंग में अभी ज्यादा तेजी में नहीं है। जानकारों के अनुसार मध्य प्रदेश एवं गुजरात के बाद उत्तर भारत की मंडियों में भी नई समर मूंग की दैनिक आवक बढ़ी है, जबकि मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है। इसलिए कीमतों पर दबाव है। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार जून में मूंग दाल में ग्राहकी आमतौर पर कम रहती है। इसलिए मूंग में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।
चेन्नई में एसक्यू उड़द के दाम 25 रुपये कमजोर होकर 9,950 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम 50 रुपये घटकर 9,150 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द के दाम 50 रुपये घटकर 10,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम 50 रुपये कमजोर होकर 9,550 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 50 रुपये घटकर 9,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कोलकाता में उड़द एफएक्यू के दाम 50 रुपये घटकर 9,200 से 9,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,500 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये घटकर 11,500 से 11,550 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
देसी अरहर की कीमतें इंदौर, सोलापुर, कानपुर, गुलबर्गा एवं लातूर में कमजोर हुई, जबकि अन्य में स्थिर बने रहे।
दिल्ली में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये कमजोर होकर 12,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये घटकर 11,600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 12,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 11,800 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 11,300 से 11,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 11,800 से 11,900 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 6,650 से 6,675 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
कनाडा की मसूर के भाव कंटेनर में 6,250 से 6,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 50 रुपये घटकर 6,100 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए, जबकि हजीरा बंदरगाह पर इसके दाम 25 रुपये घटकर 6,150 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इंदौर मंडी में देसी मसूर के बिल्टी भाव 25 रुपये कमजोर होकर 6,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 75 रुपये तेज होकर भाव 7,125 से 7,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के चना के भाव 50 रुपये बढ़कर 7,075 से 7,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में मूंग के दाम 50 रुपये तेज होकर 8,050 से 8,225 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इंदौर में समर मूंग के भाव 100 रुपये तेज होकर 7,600 से 7,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 7,800 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 100 रुपये कमजोर होकर 8,200 से 8,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।