मार्किट सूत्रों का अनुमान है कि नाफेड हैफेड की बड़ी सरसोँ खरीद, मंडी की आवक को अपने गोदाम में डालने की कोशिश ही मई में सरसोँ काम्प्लेक्स में बड़ी तेजी की वजह है।
हरयाणा में हैफेड ट्रेडर्स से सरसोँ खरीद करता है। ट्रेडर्स हैफेड को अपनी सरसोँ एडवांस में लिखवाते है, बाद में मंडी से कवर करके हैफेड को डिलीवरी देते है।
इस सीजन के शुरू में मंडी में सरसोँ MSP से बहुत सस्ती थी, इस कारण ट्रेडर्स ने बड़े वॉल्यूम कमिट किये।
मुनाफा बड़ा मिल रहा था, इस कारण राजस्थान यूपी के ट्रेडर्स की सारी सरसोँ हरयाणा में उनहे बेचने को प्रेरित किया ।
हरयाणा के ट्रेडर्स की सरसोँ लाओ-लाओ ने मई में मिल्स में सरसोँ की कमी बना दी, मार्किट मे हर रोज नया भाव बना।
मार्किट को ऐसा लगता है कि अभी भी हरयाणा के काफी ट्रेडर्स की हैफेड को डिलीवरी बाकी है।
पहले मंडी में सरसों MSP से नीची थी तो ट्रेडर्स को हैफेड की डिलीवरी में मार्जिन था, अब सरसो हाथ से निकल गई है तो हैफेड को डिलीवरी रुक गई है।
इसका तोड़ निकालते हुए ट्रेडर्स ने हैफेड को कन्विंस किया कि वह पुरानी सरसोँ बेच दे, यही ट्रेडर्स उसे खरीदकर वापिश हैफेड को बेच देंगे तो उनकी committed डिलीवरी पूरी हो जाएगी।