बढ़े दाम पर मिलों की खरीद घटने से चना एवं मूंग तथा मसूर कमजोर, अरहर एवं उड़द तेज

नई दिल्ली। स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली के साथ ही बढ़े दाम पर दाल मिलों की खरीद कमजोर होने से चना एवं मूंग के साथ ही मसूर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि इस दौरान अरहर एवं उड़द के भाव में सुधार आया। जानकारों के अनुसार दालों में खुदरा के साथ ही थोक में ग्राहकी कमजोर है। 

भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान केरल में मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू और एफएक्यू की कीमतें तेज हुई। इस दौरान लेमन अरहर के भाव स्थिर हो गए। उड़द एफएक्यू के भाव जून एवं जुलाई शिपमेंट के 10 डॉलर तेज होकर भाव 1,115 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 10 डॉलर बढ़कर 1,210 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,420 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में आयातित उड़द एफएक्यू और एसक्यू के दाम तेज हुए, जबकि घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में सुधार आया। व्यापारियों के अनुसार आयातित उड़द महंगी हैं, इसलिए आयातक भाव कर रहे हैं। हालांकि उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है तथा जून में आमतौर पर दलहन में मांग कम रहती है इसलिए मौजूदा कीमतों में एकतरफा बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। इसलिए दाल मिलें उड़द की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही है। उधर आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की मांग उड़द में सामान्य की तुलना में कमजोर हुई है, क्योंकि मध्य प्रदेश की नई समर फसल की आवक बढ़ी है। साथ ही म्यांमार से उड़द के आयात सौदे बराबर हो रहे हैं। केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें भी जोखिम कम ले रही है।

घरेलू बाजार में आयातित अरहर के दाम स्थिर से तेज हुए, जबकि देसी की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार आयातित अरहर के भाव में डिस्पैरिटी है जिस कारण आयातक दाम तेज कर रहे हैं। वैसे भी घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में काफी कम हुई है, क्योंकि चालू सीजन में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आई है। हालांकि बढ़े दाम पर मुनाफावसूली करते रहना चाहिए क्योंकि केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। साथ ही अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी भी बना रहने की उम्मीद है।

स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली से चना की कीमतें दिल्ली में गिरावट आई है। व्यापारियों के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा चना पर स्टॉक लिमिट लगाने की खबर से बिकवाली का दबाव बढ़ा है। इसलिए मौजूदा कीमतों में हल्की गिरावट और भी आ सकती है। हालांकि उत्पादक मंडियों में चना की दैनिक आवक काफी कम हो रही है, क्योंकि चालू सीजन में उत्पादन अनुमान कम है। वैसे भी ऑस्ट्रेलिया से चना के आयात पड़ते महंगे हैं, तथा आस्ट्रेलिया में नई फसल की आवक अगस्त एवं सितंबर में बनेगी। ऐसे में चना के दाम आगे फिर तेज होने की उम्मीद है। व्यापारियों के अनुसार मिलर्स एवं स्टॉकिस्ट के पास चना का बकाया स्टॉक ज्यादा है, इसलिए समय, समय पर मुनाफावसूली बनी रहेगी।

मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 25 रुपये नरम होकर 4,125 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 25 रुपये घटकर 4,125 रुपये और कनाडा की पीली मटर के दाम 25 रुपये नरम होकर 4,225 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 50 रुपये कमजोर होकर 4,600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम कमजोर हुए हैं, लेकिन आयातित की कीमतें बंदरगाह पर स्थिर बनी रही। व्यापारियों के अनुसार मसूर के आयात पड़ते महंगे हैं, जिस कारण शिपमेंट कम आ रही है। इसलिए स्टॉकिस्ट भाव तेज कर रहे हैं। वैसे भी मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में मसूर की दैनिक आवकों में पहले की तुलना में कमी आई है। हालांकि चालू सीजन में उत्पादन अनुमान ज्यादा था, जिस कारण उत्पादक राज्यों में बकाया स्टॉक अच्छा है। बंदरगाह पर आयातित मसूर का स्टॉक भी ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक बचा हुआ है। इसलिए मसूर में एकतरफा बढ़ी तेजी के आसार नहीं है।

दिल्ली में मूंग की कीमतें कमजोर हो गई। जानकारों के अनुसार उत्पादक मंडियों में नई समर मूंग की दैनिक आवक लगातार बढ़ रही है, जबकि मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है। इसलिए कीमतों पर दबाव है। उत्पादक राज्यों मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक आगामी दिनों में और बढ़ेगी। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार जून में मूंग दाल में ग्राहकी आमतौर पर कम रहती है। इसलिए मूंग में बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।

चेन्नई में एसक्यू उड़द के दाम 50 रुपये तेज होकर 10,025 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम 25 रुपये बढ़कर 9,225 से 9,250 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में एसक्यू उड़द के दाम 10,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम 9,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 9,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

कोलकाता में उड़द एफएक्यू के दाम 9,250 से 9,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,500 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 11,600 से 11,650 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

देसी अरहर की कीमतें इंदौर, सोलापुर, गुलबर्गा एवं लातूर आदि मंडियों में तेज हुई, जबकि अन्य में स्थिर बने रहे।

दिल्ली में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये तेज होकर 12,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 11,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 12,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 11,700 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 11,200 से 11,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 11,600 से 11,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम 75 रुपये कमजोर होकर दाम 6,700 से 6,725 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

कनाडा की मसूर के भाव कंटेनर में 6,250 से 6,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 6,150 से 6,200 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए, जबकि हजीरा बंदरगाह पर इसके दाम 6,175 से 6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर मंडी में देसी मसूर के बिल्टी भाव 6,250 से 6,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 150 रुपये घटकर 7,175 से 7,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के चना के भाव 125 रुपये घटकर 7,150 से 7,175 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

दिल्ली में मूंग के दाम 100 रुपये कमजोर होकर 8,125 से 8,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इंदौर में मीडियम मूंग के भाव 7,700 से 7,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 8,000 से 8,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 100 रुपये कमजोर होकर 8,200 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

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