ग्राहकी कमजोर होने से चना एवं मूंग के साथ उड़द मंदी, मसूर तथा अरहर में मिलाजुला रुख

नई दिल्ली। दाल मिलों की खरीद कमजोर होने से घरेलू बाजार में सोमवार को चना के साथ ही मूंग और उड़द की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि इस दौरान मसूर तथा अरहर के भाव में मिलाजुला रुख देखा गया।

भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार जून के दौरान, उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश क्षेत्रों और मध्य भारत के आसपास के क्षेत्रों में सामान्य से अधिक गर्मी बनी रहने की संभावना है। हालांकि मानसूनी सीजन जून से सितंबर 2024 तक देशभर में सामान्य से अधिक मानसूनी बारिश होने की संभावना है।

बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू और एफएक्यू की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा, जबकि जबकि इस दौरान लेमन अरहर के भाव 10 डॉलर कमजोर हुए। उड़द एफएक्यू के भाव मई एवं जून शिपमेंट के 5 डॉलर कमजोर होकर 1,105 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 5 डॉलर बढ़कर 1,205 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 10 डॉलर कमजोर होकर भाव 1,420 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए।

चेन्नई में आयातित उड़द एफएक्यू और एसक्यू की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा, जबकि घरेलू बाजार में इसके दाम कमजोर हुए। व्यापारियों के अनुसार उड़द में आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर हुई है, क्योंकि मध्य प्रदेश की नई समर फसल की आवक पहले की तुलना में बढ़ी है। साथ ही म्यांमार से उड़द के आयात सौदे बराबर हो रहे हैं। केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें भी जोखिम कम ले रही है। हालांकि आयातित उड़द के पड़ते अभी भी महंगे हैं, इसलिए आयातक भाव करना चाहते हैं। इसके बावजूद भी उड़द की कीमतों में एकतरफा बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए, क्योंकि उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है तथा जून में आमतौर पर दलहन में मांग कम रहती है। इसलिए दाल मिलें उड़द की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही है।

चेन्नई में लेमन अरहर की कीमतें डॉलर में कमजोर हुई है लेकिन घरेलू बाजार में इसके भाव में सीमित तेजी, मंदी दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में काफी कम हुई है, जिस कारण स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज कर रहे हैं। वैसे भी चालू सीजन में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है  साथ ही आयातित अरहर के भाव में डिस्पैरिटी है। इसलिए भाव तेज होने पर मुनाफावसूली करते रहना चाहिए क्योंकि केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। साथ ही अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी भी बना रहने की उम्मीद है।

चना की कीमतें दिल्ली में कमजोर होकर बंद हुई है। जानकारों के अनुसार नीचे दाम पर बिकवाली जरुर कमजोर है, लेकिन दाल मिलें खरीद भी नहीं कर रही है। उत्पादक मंडियों में चना की दैनिक आवक पहले की तुलना में कम हुई है, तथा चालू सीजन में उत्पादन अनुमान कम है। वैसे भी ऑस्ट्रेलिया से चना के आयात पड़ते महंगे हैं, तथा आस्ट्रेलिया में नई फसल की आवक अगस्त एवं सितंबर में बनेगी। इसलिए चना का भविष्य तेजी का ही है। हालांकि मिलर्स के साथ ही स्टॉकिस्ट के पास चना का स्टॉक ज्यादा है, इसलिए बढ़ी हुई कीमतों में मुनाफावसूली आती रहेगी।  

मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,150 से 4,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,150 रुपये और कनाडा की पीली मटर के दाम 4,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। कानपुर में देसी मटर के भाव कमजोर होकर 4,625 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम कमजोर हुए हैं, लेकिन आयातित की कीमतें बंदरगाह पर तेज हुई हैं। व्यापारियों के अनुसार मसूर के आयात पड़ते महंगे हैं, जिस कारण शिपमेंट कम आ रही है। इसलिए स्टॉकिस्ट भाव तेज कर रहे हैं। वैसे भी मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में मसूर की दैनिक आवकों में पहले की तुलना में कमी आई है लेकिन किसानों के पास अभी भी बकाया स्टॉक ज्यादा है तथा चालू सीजन में उत्पादन अनुमान ज्यादा था। उधर बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक भी बचा हुआ है। इसलिए मसूर में बढ़े दाम पर मसूर में मुनाफावसूली करते रहना चाहिए।

मूंग की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। जानकारों के अनुसार उत्पादक मंडियों में नई समर मूंग की दैनिक आवक लगातार बढ़ रही है, इसलिए इसकी कीमतों पर दबाव है। उधर मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर हुई है। उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल है, इसलिए मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक आगामी दिनों में और बढ़ेगी। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार जून में मूंग दाल में ग्राहकी आमतौर पर कम रहती है। इसलिए मूंग में बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।

चेन्नई में एसक्यू उड़द के दाम 50 रुपये कमजोर होकर 9,925 से 9,950 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम 50 रुपये घटकर 9,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

दिल्ली में एसक्यू उड़द के दाम 10,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम 9,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 25 रुपये घटकर 9,375 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

कोलकाता में उड़द एफएक्यू के दाम 9,250 से 9,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,500 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये बढ़कर 11,600 से 11,650 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

देसी अरहर की कीमतें कानपुर, लातूर, अकोला आदि मंडियों में तेज हुई, जबकि अन्य में स्थिर बने रहे।

दिल्ली में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये कमजोर होकर 12,050 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 11,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 200 रुपये तेज होकर 12,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 11,500 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 11,200 से 11,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 11,500 से 11,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये कमजोर होकर दाम 6,750 से 6,775 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

कनाडा की मसूर के भाव कंटेनर में 6,250 से 6,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 75 रुपये तेज होकर 6,150 से 6,200 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए, जबकि हजीरा बंदरगाह पर इसके दाम 50 रुपये तेज होकर 6,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इंदौर मंडी में देसी मसूर के बिल्टी भाव 50 रुपये कमजोर होकर 6,250 से 6,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 75 रुपये घटकर 7,300 से 7,325 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के चना के भाव 50 रुपये कमजोर होकर 7,275 से 7,300 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

दिल्ली में मूंग के दाम 150 रुपये कमजोर होकर 8,225 से 8,400 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इंदौर में मीडियम मूंग के भाव घटकर 7,700 से 7,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम कमजोर होकर 8,000 से 8,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,200 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

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