पोलिटिकल जरूरतों और इच्छाओं ने किसान और ट्रेड की जरूरतों को पूरा नज़र अंदाज कर दिया है।
इन्फ्लेशन रोकने के सभी हथियार इस्तेमाल होने पर भी यही सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है।
आधे भारत की रोजी रोटी खेती पर टिकी है।
सरकार ने लंबे समय से राइसब्रान DeOiled, गेहूं, चीनी, चावल ब्रोकन और पर बॉयल्ड का एक्सपोर्ट बन्द किया हुआ है। एक्सपोर्ट की रुक गया मगर इन्फ्लेशन काबू में नहीं आ रही।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इन आइटम्स का 2023 में एक्सपोर्ट 2022 से 154.75 लाख टन घटा है।
जनवरी मॉर्च के एक्सपोर्ट भी पिछले साल से 31.76 लाख टन घटा है।
15 महीने में इन अग्रि कमोडिटीज का एक्सपोर्ट 185 लाख टन घटने से एक्सपोर्ट मार्किट में भारत की पोजीशन खराब ही हुई है।
सरकार जब भी अपनी गलती ठीक करेगी, तब भी भारत की एक्सपोर्ट मार्किट में साख लौटना मुश्किल है।