स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली से चना एवं मसूर तथा मूंग कमजोर, अरहर एवं उड़द तेज
नई दिल्ली। स्टॉकिस्टों की सक्रियता के साथ ही आयात पड़ते महंगे होने से घरेलू बाजार में शनिवार को अरहर एवं उड़द की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, जबकि इस दौरान चना के साथ मसूर तथा मूंग के दाम कमजोर हुए। दालों में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी कमजोर हुई।
बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू और एफएक्यू की कीमतें तेज हुई। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें स्थिर ही बनी रही। उड़द एफएक्यू के भाव मई एवं जून शिपमेंट के 10 डॉलर तेज होकर 1,100 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 10 डॉलर बढ़कर 1,190 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,410 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर बने रहे।
चेन्नई में आयातित उड़द की कीमतें डॉलर में लगातार पांचवें दिन तेज हुई, जिसके कारण घरेलू बाजार में भी इसके दाम तेज हुए। व्यापारियों के अनुसार जिस तरह से आयात पड़ते महंगे हो रहे है, उसे देखते हुए स्टॉकिस्टों की बिकवाली उड़द में कम आ रही है इसलिए इसकी कीमतों में हल्की तेजी और भी बन सकती है, लेकिन बड़ी तेजी टिक नहीं पायेगी। वैसे भी बढ़े दाम पर उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है तथा जून में आमतौर पर दलहन में मांग कम हो जाती है। इसलिए दाल मिलें उड़द की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही है, क्योंकि मध्य प्रदेश की मंडियों में समर उड़द की आवक पहले की तुलना में बढ़ी है। उधर म्यांमार से भी उड़द के आयात सौदे बराबर हो रहे हैं। केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें भी जोखिम कम ले रही है। इसलिए मौजूदा कीमतों में एकतरफा बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।
मध्य प्रदेश की जबलपुर मंडी में नई उड़द की 2,500 बोरियों की आवक हुई तथा इसका व्यापार 9,340 से 9,455 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ।
वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान 6,24,221 टन उड़द का आयात हुआ, जिसमें सबसे ज्यादा 6,07,489 टन का म्यांमार से हुआ। उड़द का आयात सबसे ज्यादा अक्टूबर एवं नवंबर महीने में क्रमश: 80,911 टन एवं 80,156 टन का हुआ था।
आयातित लेमन अरहर की कीमतें डॉलर में चेन्नई में लगातार दूसरे दिन स्थिर बनी रही, जबकि घरेलू बाजार में इसकी कीमतें आज भी तेज हुई। व्यापारियों के अनुसार घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है, जिस कारण स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज कर रहे हैं। वैसे भी चालू सीजन में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है। साथ ही आयातित अरहर महंगी है। ऐसे में इसकी कीमतों में हल्की तेजी और भी बन सकती है, लेकिन बढ़े दाम पर मुनाफावसूली करते रहना चाहिए। वैसे भी अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी बना रहने की उम्मीद है। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। ऐसे में अरहर के भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।
वित्त वर्ष 2023—24 के दौरान 7,71,024 टन अरहर का आयात हुआ, इसमें मोजाम्बिक की हिस्सेदारी 2,64,413 टन, बर्मा की 2,08,650 टन, तंजानिया की 1,78,526 टन तथा मलावी की 52,773 टन के अलावा सूडान की 45,219 टन तथा अन्य देशों की 21,441 टन की रही।
चना की कीमतों में मुनाफावसूली से 50 रुपये की नरमी आई है, तथा मौजूदा कीमतों में जहां दाल मिलें खरीद नहीं कर रही, वहीं बिकवाली भी कमजोर है। इसलिए हल्की गिरावट और भी आ सकती है। हालांकि चना में माल की मिलकत कम है, जिस कारण इसके भाव में बड़ी गिरावट के आसार नहीं है। उत्पादक मंडियों में चना की आवक अपेक्षा अनुरूप बढ़ नहीं पा रही है, क्योंकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। उधर ऑस्ट्रेलिया में दाम तेज होने के कारण आयात पड़ते महंगे हुए हैं, इसलिए चना का भविष्य तेजी का ही है जानकारों के अनुसार चना में समय, समय पर मुनाफावसूली करते रहे।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,000 रुपये और कनाडा की पीली मटर के दाम 4,125 से 4,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 4,450 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिसंबर 23 से मार्च 24 के दौरान पीली मटर का आयात 11,69,210 टन का हुआ है, इसमें सबसे ज्यादा आयात मार्च में 6,70,836 टन का हुआ है।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम कमजोर हुए, जबकि बंदरगाह पर आयातित की कीमतें स्थिर बनी रही। व्यापारियों के अनुसार मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में मसूर की दैनिक आवकों में पहले की तुलना में कमी आने लगी है। हालांकि चालू सीजन में उत्पादन अनुमान ज्यादा है, लेकिन अधिकांश माल मंडियों में आ चुका है। अत: बिकवाली कम आने से चालू सप्ताह में इसके दाम तेज हुए थे, हालांकि व्यापारी मसूर में अभी एकतरफा बड़ी तेजी के पक्ष में नहीं है क्योंकि बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक भी बचा हुआ है। इसलिए बढ़े दाम पर मसूर में मुनाफावसूली करते रहना चाहिए।
मूंग के दाम कमजोर हुए हैं। जानकारों के अनुसार मूंग दाल में मौजूदा भाव में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है। इसलिए इसकी कीमतों में नरमी आ सकती है। मौसम अनुकूल बना रहा तो मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक आगामी दिनों में बढ़ेगी। वैसे भी चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार जून में मूंग दाल में ग्राहकी आमतौर पर कम रहती है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द के दाम 50 रुपये तेज होकर भाव 9,800 से 9,850 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम तेज होकर 9,150 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 75 रुपये तेज होकर 10,125 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। एफएक्यू के दाम 9,450 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 50 रुपये बढ़कर 9,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,500 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
कोलकाता में उड़द एफएक्यू के भाव 50 रुपये घटकर 9,150 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये तेज होकर भाव 11,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
देसी अरहर की कीमतें सोलापुर, कटनी और लातूर मंडी में तेज हुई, जबकि अन्य उत्पादक मंडियों में स्थिर बनी रही।
मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये बढ़कर 11,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 75 रुपये बढ़कर 11,700 से 11,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 12,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 10,800 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 10,500 से 10,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 11,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये कमजोर होकर दाम 6,575 से 6,600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कनाडा की मसूर के भाव कंटेनर में 6,150 से 6,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 6,075 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए, जबकि हजीरा बंदरगाह पर इसके दाम 6,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। पटना में देसी मसूर के भाव 100 रुपये तेज होकर 6,450 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 50 रुपये घटकर 6,775 से 6,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के चना के भाव 50 रुपये कमजोर होकर 6,725 से 6,750 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
दिल्ली में मूंग के दाम 100 रुपये कमजोर होकर 8,550 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इंदौर में समर मूंग के भाव 150 रुपये कमजोर होकर 8,100 से 8,450 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। लातूर में चमकी मूंग के दाम 6,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 100 रुपये बढ़कर 8,200 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।