अप्रैल में भारत मे नए सरसोँ सीजन शुरू होता है तो मील की एक्सपोर्ट में वैल्यू मॉर्च से कम ही रहती है।
अप्रैल मई के बाद सरसोँ की आवक घटती है तो सरसो में तेज़ी भी शुरू होती है, इस कारण एक्सपोर्ट में मील के दाम बढना शुरू करते है।
पिछले 5 महीने से सरसो मील सोय्या से 200 डॉलर के डिस्काउंट पर ट्रेड कर रही है।