मिलों की ग्राहकी से दलहन बाजार तेज, अरहर एवं उड़द तथा मसूर और चना के साथ मूंग मजबूत

नई दिल्ली। दाल मिलों की मांग बनी रहने से घरेलू बाजार में बुधवार को अरहर एवं उड़द के साथ ही मसूर तथा चना एवं मूंग की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, हालांकि बढ़े दाम दाम पर दालों में खुदरा के साथ ही थोक मांग अपेक्षा अनुरूप बढ़ नहीं बढ़ पाई।

भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के 19 मई के आसपास दक्षिण अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और निकोबार द्वीप समूह में आगे बढ़ने की संभावना है।

आईएमडी के अनुसार उत्तर पश्चिम भारत में 16 मई से और पूर्वी भारत में 18 मई, 2024 से गर्मी का एक नया दौर शुरू होने की उम्मीद है।

बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू एवं एफएक्यू की कीमतें दूसरे दिन 5-5 डॉलर तेज हो गई। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। उड़द एफएक्यू के भाव मई एवं जून शिपमेंट के 5 डॉलर तेज होकर 1,075 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव भी 5 डॉलर बढ़कर 1,165 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,385 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में आयातित उड़द की कीमतें डॉलर में लगातार दूसरे दिन तेज हुई, अत: घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में हल्का सुधार आया। व्यापारियों के अनुसार आयातित उड़द में डिस्पैरिटी है, इसलिए आयातक दाम तेज कर रहे हैं। हालांकि उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है तथा जून में आमतौर पर दलहन में मांग कम रहती है। इसलिए दाल मिलें उड़द की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही है, क्योंकि मध्य प्रदेश की मंडियों में समर उड़द की आवक पहले की तुलना में बढ़ी है। उधर म्यांमार से भी उड़द के आयात सौदे बराबर हो रहे हैं। केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें जोखिम नहीं लेना चाहती। हालांकि इसलिए मौजूदा कीमतों में हल्का सुधार तो और भी बन सकता है, लेकिन बड़ी तेजी टिक नहीं पायेगी।

मध्य प्रदेश की जबलपुर मंडी में नई उड़द की आवक 3,000 बोरियों की हुई इसका व्यापार 8,800 से 9,600 रुपये प्रति क्विंटल हुआ। हालांकि बढ़े दाम पर शाम के सत्र में लिवाली कमजोर हुई।

आयातित लेमन अरहर की कीमतें डॉलर में स्थिर हो गई, हालांकि घरेलू बाजार में इसके भाव में तेजी जारी रही। व्यापारियों के अनुसार अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, तथा घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है। इसलिए स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज कर रहे हैं। वैसे भी चालू सीजन में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है। अत: इसकी कीमतों में हल्की तेजी और भी बन सकती है, लेकिन तेजी आने पर मुनाफावसूली करते रहना चाहिए। वैसे भी अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी बना रहने की उम्मीद है। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। ऐसे में अरहर के भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।

चना की कीमतों में सुधार आया है। व्यापारियों के अनुसार चना में माल की मिलकत कम है, जिस कारण बिकवाली भी कमजोर है। इसलिए इसके भाव में ज्यादा मंदे के आसार नहीं है। वैसे भी उत्पादक मंडियों में चना की आवक अपेक्षा अनुरूप बढ़ नहीं पा रही है, क्योंकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। उधर ऑस्ट्रेलिया में दाम तेज होने के कारण आयात पड़ते महंगे हुए हैं, इसलिए चना का भविष्य तेजी का ही है जानकारों के अनुसार चना में समय, समय पर मुनाफावसूली करते रहे।

मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 50 रुपये तेज होकर 3,975 से 4,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 50 रुपये बढ़कर 3,957 से 4,000 रुपये और कनाडा की पीली मटर के दाम 25 रुपये बढ़कर 4,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 4,325 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

दिल्ली में देसी मसूर के भाव तेज हुए हैं, साथ ही आयातित की कीमतें भी बंदरगाह पर बढ़ गई। आयातित मसूर, देसी की तुलना में ऊंचे दाम पर बिक रही है, इसलिए देसी के भाव भी हाल में तेज हुए हैं। हालांकि हालांकि व्यापारी इसकी कीमतों में अभी बड़ी तेजी के पक्ष में नहीं है क्योंकि मसूर की आवक मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अभी बनी रहने की उम्मीद है। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। जानकारों के अनुसार बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक भी ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक भी बचा हुआ है।

मूंग के दाम स्थिर से तेज हुए हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है साथ ही मौसम अनुकूल बना रहा तो मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक बढ़ेगी। वैसे भी चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार मूंग की कीमतों में तेजी उत्पादक राज्यों में मौसम कैसा रहता है, इस पर भी निर्भर करेगी। जून में दालों में ग्राहकी आमतौर पर कम रहती है। इसलिए एकतरफा बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।

चेन्नई में एसक्यू उड़द के दाम 9,650 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम 25 रुपये बढ़कर 9,050 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 9,925 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। एफएक्यू के दाम 9,350 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 25 रुपये तेज होकर 9,250 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,500 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

कोलकाता में उड़द एफएक्यू के भाव 9,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये तेज 11,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

देसी अरहर की कीमतें कानपुर मंडी में तेज हुई, जबकि अन्य उत्पादक मंडियों में स्थिर बनी रही।

मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये बढ़कर 11,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 11,500 से 11,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 11,650 से 11,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 10,500 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 10,300 से 10,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 10,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम 50 रुपये तेज होकर दाम 6,475 से 6,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

कनाडा की मसूर के भाव कंटेनर में 6,150 से 6,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 25 रुपये तेज होकर दाम 6,050 रुपये जबकि हजीरा बंदरगाह पर इसके दाम 25 रुपये बढ़कर 6,075 से 6,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। पटना में देसी मसूर के भाव 6,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 25 रुपये बढ़कर 6,625 से 6,650 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 25 रुपये तेज होकर 6,600 से 6,625 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

दिल्ली में मूंग के दाम 100 रुपये तेज होकर 8,550 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इंदौर में समर मूंग के भाव तेज होकर 8,100 से 8,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। लातूर में चमकी मूंग के दाम 6,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,200 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

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