मिलों की खरीद बढ़ने से आयातित अरहर एवं उड़द तेज, चना एवं देसी मसूर मंदी
नई दिल्ली। दाल मिलों की खरीद कमजोर होने के कारण घरेलू बाजार में गुरुवार को चना के साथ ही देसी मसूर में गिरावट दर्ज की गई, जबकि इस दौरान अरहर एवं उड़द की कीमतों में तेजी आई। मूंग के दाम लगभग स्थिर हो गए।
बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू और एफएक्यू के भाव स्थिर हो गए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें भी स्थिर बनी रही। उड़द एफएक्यू के भाव मई एवं जून शिपमेंट के दाम 1,050 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 1,140 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,345 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में आयातित उड़द के दाम डॉलर में स्थिर हो गए, हालांकि घरेलू बाजार में दाल मिलों की मांग बढ़ने इसकी कीमतों में तेजी आई है। व्यापारियों के अनुसार उड़द के आयात पड़ते अभी भी महंगे है जिस कारण आयातक दाम तेज करना चाहते हैं हालांकि मौजूदा कीमतों में एकतरफा बड़ी तेजी टिक नहीं पायेगी। चालू महीने के मध्य तक समर उड़द की आवक मंडियों में बढ़ेगी। म्यांमार से भी उड़द की आयात सौदे बराबर हो रहे हैं तथा बर्मा में उड़द का स्टॉक भी ज्यादा है। वैसे भी केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें जरुरत के हिसाब ही उड़द की खरीद कर रही हैं। उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है तथा मई में भी मांग में बढ़ोतरी की उम्मीद कम है।
गुजरात की वेरवाल मंडी में समर सीजन की नई उड़द की आवक 70 से 80 बोरियों की हुई, जिसका व्यापार 9500 से 9700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ। पाटन मंडी में नई उड़द 9601 से 9800 रुपये प्रति क्विंटल की से बिकी।
आयातित अरहर की कीमतों में तेजी दर्ज की गई जबकि देसी के भाव में मिलाजुला रुख रहा। जानकारों के अनुसार अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी बना रहने की उम्मीद है। केंद्र सरकार भी लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। ऐसे में इसके भाव में हल्का सुधार तो बन सकता है, लेकिन बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, तथा घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है। इसलिए स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज करना चाहते हैं। चालू सीजन में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है।
चना में स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली से गिरावट आई है। व्यापारियों के अनुसार इसके भाव में ऊंचे दाम पर दाल मिलें जरुरत के हिसाब से खरीद कर रही है, जबकि नीचे भाव में बिकवाली कम हो जाती है। वैसे भी उत्पादक मंडियों में नए चना की आवक अपेक्षा अनुरूप बढ़ नहीं पा रही है, क्योंकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। इसलिए मिलर्स एवं स्टॉकिस्ट खरीद भी कर रहे हैं। चना के दाम उत्पादक मंडियों में समर्थन मूल्य से ऊपर चल रहे है तथा उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो चना की आवक बनी रहेगी। ऐसे में चना में घटे दाम पर ही खरीद करनी चाहिए, क्योंकि भविष्य तेजी का ही है।
उत्पादक मंडियों में चना की कीमतें समर्थन मूल्य से ज्यादा होने के कारण केंद्रीय एजेंसियों को मिल नहीं पा रहा है। चालू रबी में पहली मई तक समर्थन मूल्य पर केवल 765 टन चना की खरीद ही हुई है। इस दौरान राजस्थानसे 621 अन एवं गुजरात से 144 टन चना खरीदा गया है।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,100 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। कानपुर में देसी मटर के भाव कमजोर होकर 4,350 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम कमजोर हो गए। व्यापारियों के अनुसार नई मसूर की आवक मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अभी बनी रहेगी। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए मौजूदा कीमतों में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। जानकारों के अनुसार बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक भी ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक भी ज्यादा है।
उत्पादक मंडियों में मूंग के भाव स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है साथ ही मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक बढ़ने लगी है तथा चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार आगामी दिनों में नई मूंग की आवक उत्पादक मंडियों में बढ़ेगी, जिससे इसकी मौजूदा कीमतों में गिरावट आने का अनुमान है। वैसे भी मई के अंत में दालों में ग्राहकी आमतौर पर कम हो जाती है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 50 रुपये तेज होकर 9,500 रुपये और एफएक्यू के भाव 25 रुपये तेज होकर 8,925 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 50 रुपये बढ़कर 9,850 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। एफएक्यू के दाम 50 रुपये तेज होकर 9,350 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 75 रुपये कमजोर होकर 9,100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव तेज होकर 8,500 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 75 रुपये तेज होकर 10,825 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
देसी अरहर की कीमतें इंदौर और कानपुर में कमजोर हुई, जबकि अन्य उत्पादक मंडियों में स्थिर बनी रही।
मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये बढ़कर 10,850 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 25 रुपये तेज होकर 11,250 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर बनी रही। सूडान से आयातित अरहर के दाम 11,650 से 11,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 10,300 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 10,100 से 10,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 10,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 40 रुपये कमजोर होकर 6,250 से 6,260 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 6,000 रुपये जबकि हजीरा बंदरगाह पर 6,075 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। पटना में देसी मसूर के भाव 6,275 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 75 रुपये कमजोर होकर 6,375 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 75 रुपये घटकर 6,350 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 8,200 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में नई समर मसूर मूंग के दाम 8,400 से 8,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 200 रुपये घटकर 8,200 से 8,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।