ग्राहकी कमजोर बनी रहने से चना एवं मसूर तथा उड़द के साथ अरहर के भाव घटे
नई दिल्ली। दाल मिलों की खरीद कमजोर होने से घरेलू बाजार में मंगलवार को चना एवं मसूर तथा आयातित उड़द तथा अरहर की कीमतों में मंदा आया, जबकि इस दौरान मूंग की कीमतें स्थिर हो गई।
वित्त वर्ष 2023-24 के पहले 11 महीनों अप्रैल से फरवरी के दौरान मसूर का आयात बढ़कर 16,08,205 टन का हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2022-23 के अप्रैल से मार्च के दौरान इसका निर्यात केवल 8,58,437 टन का ही हुआ है।
इसी तरह से वित्त वर्ष 2023-24 के पहले 11 महीनों अप्रैल से फरवरी के दौरान उड़द का आयात बढ़कर 5,67,832 टन का हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2022-23 के अप्रैल से मार्च के दौरान इसका निर्यात केवल 5,24,813 टन का ही हुआ है।
हालांकि वित्त वर्ष 2023-24 के पहले 11 महीनों अप्रैल से फरवरी के दौरान अरहर का आयात घटकर 7,24,191 टन का ही हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2022-23 के अप्रैल से मार्च के दौरान इसका निर्यात 8,94,420 टन का ही हुआ है।
वित्त वर्ष 2023-24 के पहले 11 महीनों अप्रैल से फरवरी के दौरान पीली मटर का आयात बढ़कर 4,98,374 टन का हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2022-23 के अप्रैल से मार्च के दौरान इसका निर्यात केवल 538 टन का ही हुआ है।
वित्त वर्ष 2023-24 के पहले 11 महीनों अप्रैल से फरवरी के दौरान चना का आयात बढ़कर 1,43,067 टन का हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2022-23 के अप्रैल से मार्च के दौरान इसका निर्यात केवल 59,255 टन का ही हुआ है।
वित्त वर्ष 2023-24 के पहले 11 महीनों अप्रैल से फरवरी के दौरान काबुली चना का आयात बढ़कर 93,338 टन का हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2022-23 के अप्रैल से मार्च के दौरान इसका निर्यात केवल 1,734 टन का ही हुआ है।
बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू और एफएक्यू के भाव लगातार दूसरे दिन 15-15 डॉलर कमजोर हो गए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। उड़द एफएक्यू के भाव मई एवं जून शिपमेंट के दाम 15 डॉलर कमजोर होकर 1,050 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 15 डॉलर घटकर 1,140 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,355 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।
बर्मा से आयातित एफएक्यू एवं एसक्यू उड़द के दाम चेन्नई में डॉलर में दूसरे दिन भी कमजोर हुए हैं, जिस कारण घरेलू बाजार में दाल मिलों की मांग घटने से कीमतों में मंदा आया। व्यापारियों के अनुसार उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उड़द की आवक अभी बनी रहने का अनुमान है। उधर म्यांमार में नई उड़द की आवक बढ़ने से आयात पहले की तुलना में बढ़ा है। वैसे भी बर्मा में उड़द का उत्पादन अनुमान ज्यादा है। साथ ही केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें जरुरत के हिसाब ही उड़द की खरीद कर रही हैं। इसलिए इसके भाव में अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है। हालांकि उड़द के आयात पड़ते अभी भी महंगे है जिस कारण आयातक दाम घटाकर बिकवाली नहीं करना चाहते। वैसे
लेमन अरहर की कीमतों में नरमी दर्ज की गई जबकि अफ्रीकी देशों से आयातित के दाम स्थिर बने रहे। उधर बर्मा से आयातित लेमन अरहर के दाम चेन्नई में डॉलर में स्थिर हो गए। जानकारों के अनुसार अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। केंद्र सरकार भी लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। ऐसे में इसके भाव में हल्का सुधार तो बन सकता है, लेकिन बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, तथा घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है। इसलिए स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज करना चाहते हैं, वैसे भी प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है।
चना की कीमतों मुनाफावसूली से नरमी दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार जहां ऊंचे दाम पर दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है, वहीं नीचे भाव में बिकवाली भी कम आ रही है। उत्पादक मंडियों में नए चना की आवक अपेक्षा अनुरूप बढ़ नहीं पा रही है, क्योंकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। इसलिए मिलर्स एवं स्टॉकिस्ट खरीद भी कर रहे हैं। हालांकि चना के दाम उत्पादक मंडियों में समर्थन मूल्य से ऊपर चल रहे है तथा उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो चना की आवक बनी रहेगी। ऐसे में भाव घटने पर चना की खरीद करनी चाहिए, क्योंकि भविष्य तेजी का ही है।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 50 रुपये कमजोर होकर 4,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 50 रुपये कमजोर होकर 4,100 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 50 रुपये कम होकर 4,100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 4,425 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम स्थिर हो गए, जबकि बंदरगाह पर आयातित की कीमतें कमजोर हुई। व्यापारियों के अनुसार मौसम अनुकूल रहा तो नई मसूर की आवक मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अभी बनी रहेगी। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए मौजूदा कीमतों में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। जानकारों के अनुसार बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक भी ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक भी ज्यादा है।
उत्पादक मंडियों में मूंग के भाव स्थिर हो गए, हालांकि सोमवार को इसके दाम कमजोर हुए थे। व्यापारियों के अनुसार मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है। उधर मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक बढ़ने लगी है तथा चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार आगामी दिनों में नई मूंग की आवक उत्पादक मंडियों में बढ़ेगी, जिससे इसकी मौजूदा कीमतों में नरमी आने का अनुमान है। वैसे भी मई के अंत में दालों में ग्राहकी आमतौर पर कम हो जाती है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 50 रुपये घटकर 9,475 से 9,500 रुपये और एफएक्यू के भाव 25 रुपये कमजोर होकर 9,025 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 125 रुपये घटकर 9,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। एफएक्यू के दाम 100 रुपये कम होकर 9,400 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 75 रुपये कमजोर होकर 9,175 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,000 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 25 रुपये कमजोर होकर 10,775 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
देसी अरहर की कीमतें सोलापुर और कानपुर में कमजोर हुई, जबकि अन्य उत्पादक मंडियों में स्थिर बनी रही।
मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 10,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये कमजोर होकर 11,225 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर बनी रही। सूडान से आयातित अरहर के दाम 11,650 से 11,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 10,300 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 10,100 से 10,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 10,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 6,325 से 6,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 25 रुपये कमजोर होकर 6,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 25 रुपये नरम होकर 6,000 रुपये जबकि हजीरा बंदरगाह पर 6,075 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में देसी मसूर के बिल्टी के भाव 6,000 से 6,050 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 25 रुपये कमजोर होकर 6,450 से 6,475 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 25 रुपये घटकर 6,400 से 6,425 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 8,200 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में नई समर मसूर मूंग के दाम 8,400 से 8,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 200 रुपये घटकर 8,200 से 8,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।