नाफेड हैफेड की मॉर्च अप्रैल में 14 लाख टन सरसोँ खरीद हो जाने के अनुमान है।
सीजन की खरीद सरकार के 28 लाख टन वॉयदे से 8 लाख टन कम रहने के आसार है।

सबसे खराब खरीद राजस्थान में हुई है। वहां इलेक्शन पूरे हो गए है तो बीजेपी सरकार की सरसोँ किसानों से हमदर्दी भी गायब हो रही है। सबसे ज्यादा सरसोँ पैदा करने वाले राजस्थान में अभी तक खरीद डेढ़ लाख टन भी नहीं हुई है। मप्र में भी इतनी ही खरीद हुई है। दोनों राज्यों में बीजेपी की सरकार है। सरसोँ कि इतनी कम खरीद इन बीजेपी सरकारों पर कलंक है।
मॉर्च अप्रैल में 35 लाख टन सरसो आवक के अनुमान है। किसानों के पास 90 लाख टन सरसोँ अभी भी बाकी है।

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