केंद्र दलहन की कीमतों को लेकर सजग, अरहर एवं उड़द तथा चना और मूंग में गिरावट
नई दिल्ली। आयात पड़ते सस्ते होने के साथ ही दाल मिलों की खरीद कमजोर बनी रहने के कारण घरेलू बाजार में सोमवार को अरहर एवं उड़द के साथ ही चना तथा मूंग की कीमतों में मंदा आया, जबकि इस दौरान देसी मसूर की कीमतें तेज हुई।
केंद्र सरकार ने चना और अरहर की कीमतों में आई तेजी को देखते हुए नेफेड एवं एनसीसीएफ के साथ ही अन्य अधिकारियों के साथ पिछले सप्ताह बैठक बुलाकर इनकी कीमतों को नियंत्रित करने के कदम उठाने को कहां है।
बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू और एफएक्यू के भाव पांच-पांच डॉलर हो गए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतों में भी पांच डॉलर की गिरावट दर्ज की गई। उड़द एफएक्यू के भाव मई एवं जून शिपमेंट के दाम 5 डॉलर कमजोर होकर 1,065 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 5 डॉलर घटकर 1,155 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 5 डॉलर कमजोर होकर 1,355 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए।
बर्मा से आयातित एफएक्यू एवं एसक्यू उड़द के दाम चेन्नई में डॉलर में कमजोर हुए हैं, अत: घरेलू बाजार में दाल मिलों की मांग कमजोर होने से कीमतों में नरमी बनी रही। व्यापारियों के अनुसार उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उड़द की आवक अभी बनी रहने का अनुमान है। उधर म्यांमार में नई उड़द की आवक बढ़ने से आयात पहले की तुलना में बढ़ा है। वैसे भी बर्मा में उड़द का उत्पादन अनुमान ज्यादा है। साथ ही केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें जरुरत के हिसाब ही उड़द की खरीद कर रही हैं। इसलिए इसके भाव में अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है। हालांकि उड़द के आयात पड़ते अभी भी महंगे है जिस कारण आयातक दाम घटाकर बिकवाली नहीं करना चाहते। वैसे
लेमन अरहर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई जबकि अफ्रीकी देशों से आयातित के दाम तीसरे दिन भी स्थिर बने रहे। उधर बर्मा से आयातित लेमन अरहर के दाम चेन्नई में डॉलर में दूसरे दिन भी स्थिर बने रहे। जानकारों के अनुसार अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। केंद्र सरकार भी लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। ऐसे में इसके भाव में हल्का सुधार तो बन सकता है, लेकिन बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, तथा घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है। इसलिए स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज करना चाहते हैं, वैसे भी प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है।
चना के दाम सुबह के सत्र में तेज हुए थे, लेकिन शाम को मुनाफावसूली से इसके दाम नरम हुए। व्यापारियों के अनुसार ऊंचे दाम पर दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है, इसलिए हल्की गिरावट और भी आ सकता है। हालांकि उत्पादक मंडियों में नए चना की आवक अपेक्षा अनुरूप बढ़ नहीं पा रही है, क्योंकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। चना के दाम उत्पादक मंडियों में समर्थन मूल्य से ऊपर चल रहे है तथा उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो चना की आवक बनी रहेगी। ऐसे में नीचे दाम पर चना की खरीद करनी चाहिए, क्योंकि भविष्य तेजी का ही है।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,150 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 4,425 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम तेज हुए है, जबकि बंदरगाह पर आयातित की कीमतें स्थिर ही बनी रही। व्यापारियों के अनुसार मौसम अनुकूल रहा तो नई मसूर की आवक मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अभी बनी रहेगी। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए मौजूदा कीमतों में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। जानकारों के अनुसार बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक भी ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक छह से साढ़े लाख टन का बचा हुआ है।
उत्पादक मंडियों में मूंग के भाव कमजोर हुए हैं, क्योंकि मूंग दाल में ग्राहकी कमजोर है। मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक बढ़ने लगी है तथा चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार आगामी दिनों में नई मूंग की आवक उत्पादक मंडियों में बढ़ेगी, जिससे इसकी मौजूदा कीमतों में नरमी आने का अनुमान है। हालांकि मध्य मई तक मूंग दाल में मांग भी बराबर बनी रहेगी, तथा मई अंत में दालों में ग्राहकी आमतौर पर कम हो जाती है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 50 रुपये घटकर 9,550 रुपये और एफएक्यू के भाव 75 रुपये कमजोर होकर 9,050 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 25 रुपये घटकर 9,925 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। एफएक्यू के दाम 50 रुपये कम होकर 9,500 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 50 रुपये कमजोर होकर 9,225 से 9,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव घटकर 8,500 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये कमजोर होकर 10,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
देसी अरहर की कीमतें कानपुर और लातूर में कमजोर हुई, जबकि अन्य उत्पादक मंडियों में स्थिर बनी रही।
मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 75 रुपये कमजोर होकर 10,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 11,325 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर बनी रही। सूडान से आयातित अरहर के दाम 11,650 से 11,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 10,300 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 10,100 से 10,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 10,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये तेज होकर 6,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,225 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 6,025 रुपये और हजीरा बंदरगाह पर 6,075 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में देसी मसूर के बिल्टी के भाव 6,000 से 6,050 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 25 रुपये कमजोर होकर 6,475 से 6,500 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 6,425 से 6,450 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 8,200 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में नई समर मसूर मूंग के दाम 100 रुपये कमजोर होकर 8,400 से 8,600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 200 रुपये घटकर 8,200 से 8,600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।