ग्राहकी बनी रहने से चना एवं देसी मसूर के साथ ही लेमन अरहर मजबूत, उड़द मंदी

नई दिल्ली। दाल मिलों की खरीद बढ़ने के कारण घरेलू बाजार में शुक्रवार को चना एवं लेमन अरहर के साथ ही देसी मसूर की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, जबकि इस दौरान आयातित उड़द की कीमतें कमजोर हुई। मूंग की कीमतें उत्पादक राज्यों में स्थिर ही बनी रही।

बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू और एफएक्यू के भाव कमजोर हो गए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें स्थिर बनी रही। उड़द एफएक्यू के भाव मई एवं जून शिपमेंट के दाम 10 डॉलर कमजोर होकर 1,070 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 10 डॉलर घटकर 1,160 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,360 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।

बर्मा से आयातित एफएक्यू एवं एसक्यू उड़द के दाम चेन्नई में डॉलर में कमजोर हुए, जिस कारण घरेलू बाजार में दाल मिलों की मांग कमजोर होने से आयातित उड़द के दाम घट गए। व्यापारियों के अनुसार केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें जरुरत के हिसाब ही उड़द की खरीद कर रही हैं। इसलिए इसके भाव में अभी सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है। हालांकि उड़द के आयात पड़ते अभी भी महंगे है जिस कारण आयातक दाम घटाकर बिकवाली नहीं करना चाहते। वैसे उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उड़द की आवक अभी बनी रहने का अनुमान है। उधर म्यांमार में नई उड़द की आवक बढ़ने से आयात पहले की तुलना में बढ़ा है। वैसे भी बर्मा में उड़द का उत्पादन अनुमान ज्यादा है।

लेमन अरहर की कीमतों में हल्का सुधार आया, तथा अफ्रीकी देशों से आयातित के दाम दूसरे दिन भी स्थिर बने रहे। उधर बर्मा से आयातित लेमन अरहर के दाम चेन्नई में डॉलर में आज भी स्थिर बने रहे। जानकारों के अनुसार अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। केंद्र सरकार भी लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। ऐसे में इसके भाव में हल्का सुधार तो बन सकता है, लेकिन बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, तथा घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है। इसलिए स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज करना चाहते हैं, वैसे भी प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है।

चना के दाम दिल्ली में आज भी 100 रुपये तेज हुए, हालांकि शाम के सत्र में बढ़ी हुई कीमतों में ग्राहकी कमजोर हुई। माना जा रहा है कि चना में स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली आ सकती है। हालांकि उत्पादक मंडियों में नए चना की आवक अपेक्षा अनुरूप बढ़ नहीं पा रही है, क्योंकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। व्यापारियों के अनुसार चना के भाव में अभी तेजी, मंदी बनी रहने का अनुमान है, क्योंकि बढ़े दाम पर दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं। चना के दाम उत्पादक मंडियों में समर्थन मूल्य से ऊपर चल रहे है तथा उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो चना की आवक बनी रहेगी। नीचे दाम पर चना की खरीद करनी चाहिए, क्योंकि भविष्य तेजी का ही है।

मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 50 रुपये घटकर 4,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,150 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 50 रुपये तेज होकर 4,450 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम दूसरे दिन तेज हुए, जबकि बंदरगाह पर आयातित की कीमतें स्थिर कमजोर हुई। व्यापारियों के अनुसार मौसम अनुकूल रहा तो नई मसूर की आवक मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अभी बराबर बनी रहेगी। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए मौजूदा कीमतों में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। जानकारों के अनुसार बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक भी ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक छह से साढ़े लाख टन का है।

उत्पादक मंडियों में मूंग के भाव स्थिर हो गए। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार आगामी दिनों में नई मूंग की आवक उत्पादक मंडियों में बढ़ेगी, जिससे इसकी मौजूदा कीमतों में नरमी आने का अनुमान है। हालांकि मध्य मई तक मूंग दाल में मांग भी बराबर बनी रहेगी, तथा मई अंत में दालों में ग्राहकी आमतौर पर कम हो जाती है। मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक शुरू हो गई है।

चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 25 रुपये घटकर 9,600 रुपये और एफएक्यू के भाव 25 रुपये कमजोर होकर 9,150 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 10,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। एफएक्यू के दाम 9,600 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 9,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर गए।

कोलकाता में उड़द एफएक्यू के दाम 9,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

जयपुर मंडी में उड़द के बिल्टी भाव 8,500 से 9,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये तेज होकर 10,900 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

देसी अरहर की कीमतें जबलपुर और लातूर में तेज हुई, जबकि अन्य मंडियों में दाम स्थिर बने रहे।

मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में तेज होकर 11,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 25 रुपये तेज होकर भाव 11,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर बनी रही। सूडान से आयातित अरहर के दाम 11,650 से 11,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 10,300 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 10,100 से 10,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 10,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये तेज होकर 6,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,225 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 20 रुपये घटकर 6,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 6,025 रुपये और हजीरा बंदरगाह पर 6,075 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में देसी मसूर के बिल्टी के भाव 6,000 से 6,050 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 100 रुपये बढ़कर 6,500 से 6,525 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 100 रुपये तेज होकर 6,450 से 6,475 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 8,200 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में नई समर मसूर मूंग के दाम 8,500 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,200 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। लातूर मंडी में नई चमकी मूंग के दाम 6,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

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