नई दिल्ली। नीचे दाम पर दाल मिलों की मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में मंगलवार को चना के दाम तेज हुए, जबकि इस दौरान जहां अरहर में मिलाजुला रुख रहा, वहीं उड़द की कीमतों में गिरावट आई। मसूर के साथ ही मूंग के भाव लगभग स्थिर हो गए।
बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू के भाव स्थिर बने रहे लेकिन एफएक्यू के भाव पांच डॉलर कमजोर हुए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें लगातार दिन पांच डॉलर तेज हुई। उड़द एफएक्यू के भाव अप्रैल एवं मई शिपमेंट के दाम 5 डॉलर नरम होकर 1,080 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 1,170 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर बने रहे। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम पांच डॉलर तेज होकर भाव 1,385 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए।
बर्मा से आयातित एफएक्यू उड़द के दाम चेन्नई में डॉलर में नरम हुए, जबकि एसक्यू के स्थिर बने रहे। घरेलू बाजार में दाल मिलों की खरीद कमजोर होने से आयातित उड़द के दाम लगातार दूसरे दिन नरम हुए। व्यापारियों के अनुसार उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उड़द की आवक अभी बनी रहने का अनुमान है। उधर म्यांमार में नई उड़द की आवक बढ़ने से आगामी दिनों में आयात बढ़ेगा, तथा बर्मा में उड़द का उत्पादन अनुमान ज्यादा है। उड़द की कीमतों में अभी बड़ी तेजी टिक नहीं पायेगी,
क्योंकि केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए बढ़े दाम पर दाल मिलें जरुरत के हिसाब ही खरीद कर रही हैं। अत: इसके भाव में सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है। हालांकि उड़द के आयात पड़ते महंगे है जिस कारण आयातक दाम घटाकर बिकवाली नहीं करना चाहते।
अरहर की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा, जबकि बर्मा से आयातित लेमन अरहर के दाम चेन्नई में डॉलर में लगातार दूसरे दिन तेज हुए। जानकारों के अनुसार अरहर के आयात पड़ते महंगे हुए हैं, साथ ही घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है। इसलिए स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज करना चाहते हैं, वैसे भी प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है। ऐसे में इसके भाव में हल्का सुधार तो और भी और भी आ सकता है, लेकिन बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। जानकारों के अनुसार बढ़ी हुई कीमतों में अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी उम्मीद के अनुसार बढ़ नहीं पा रही है जबकि आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। उधर केंद्र सरकार भी लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है।
चना के दाम उपर से 100 रुपये कमजोर हुए थे, अत: नीचे दाम पर मिलों की खरीद आने से आज भाव तेज हो गए। उत्पादक मंडियों में नए चना की आवक अपेक्षा अनुरूप बढ़ नहीं पा रही है, क्योंकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। इसलिए जहां स्टॉकिस्टों की खरीद बनी हुई है, वहीं किसान भी माल रोक रहे हैं। हालांकि चना के दाम उत्पादक मंडियों में समर्थन मूल्य से ऊपर चल रहे है, जिस कारण मौजूदा कीमतों में दाल मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। अत: चना की कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है। उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो नए चना की आवक बनी रहेगी तथा नीचे दाम पर खरीद करनी चाहिए। चना का भविष्य तेजी का ही है।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,150 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 25 रुपये तेज होकर दाम 4,375 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में देसी मसूर के साथ ही बंदरगाह पर आयातित की कीमतें स्थिर हो गई। व्यापारियों के अनुसार मौसम अनुकूल रहा तो नई मसूर की आवक मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अभी बराबर बनी रहेगी। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए मौजूदा कीमतों में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। जानकारों के अनुसार बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक भी ज्यादा है।
मध्य प्रदेश की बीना मंडी में मसूर की आवक 5,000 बोरियों की हुई तथा इसका व्यापार 5,500 से 5,700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ।
मूंग के भाव उत्पादक मंडियों में स्थिर हो गए। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार आगामी दिनों में नई मूंग की आवक उत्पादक मंडियों में बढ़ेगी, जिससे इसकी मौजूदा कीमतों में नरमी आने का अनुमान है। हालांकि मध्य मई तक मूंग दाल में मांग भी बराबर बनी रहेगी, तथा मई अंत में दालों में ग्राहकी आमतौर पर कम हो जाती है, क्योंकि आम की आवक बढ़ जाती है। मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक शुरू हो गई है।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम कमजोर होकर 10,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। एफएक्यू के दाम घटकर 9,725 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 100 रुपये कमजोर होकर दाम 9,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कोलकाता में उड़द एफएक्यू के दाम 50 रुपये घटकर 9,350 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
जयपुर मंडी में उड़द के बिल्टी भाव 8,500 से 9,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये तेज होकर 10,950 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
देसी अरहर की कीमतें सोलापुर और इंदौर में तेज हुई, जबकि अन्य मंडियों में दाम स्थिर बने रहे।
मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये घटकर 10,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये तेज होकर भाव 11,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर बनी रही। सूडान से आयातित अरहर के दाम 11,650 से 11,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 10,300 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 10,100 से 10,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 10,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 6,275 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।
कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,225 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,050 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 6,050 रुपये और हजीरा बंदरगाह पर 6,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। पटना में देसी मसूर के बिल्टी के भाव 6,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 100 रुपये बढ़कर 6,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 100 रुपये तेज होकर 6,225 से 6,250 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 8,200 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में नई समर मसूर मूंग के दाम घटकर 8,700 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 100 रुपये घटकर 8,200 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। दाहोद मंडी में नई मूंग के दाम 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।