अभी तक देश मे 6.07 लाख टन सरसोँ की सरकारी खरीद हुई है।
राजस्थान 38000 टन, यूपी 1100 टन, गुजरात 19000 टन, हरयाणा में नाफेड 3.25 लाख टन और हैफेड की 1.75 लाख टन खरीद हुई है।
श्री अनिल चत्तर, जयपुर के अनुसार डिस्परिटी की वजह से काफी ज्यादा मिल्स बंद हो गई है। इस हालत में अप्रैल में क्रश मॉर्च के 13 लाख टन से 40 फीसदी कम होने का खतरा है। नाफेड हैफेड अप्रैल में 10 लाख टन सरसोँ खरीद सकती है।
एक बड़े आयल मिलर के अनुसार क्रश की कमी से अप्रैल में सरसोँ तेल में बड़ी मंदि के आसार नहीं है।
अप्रैल का क्रश पिछले साल के 9 लाख टन से कम ही रहेगा।
विदेशी टेलों की टोन देखते हुए अंदाज़ा यही है कि सीजन में सरसोँ तेल 95 रुपए हो सकता है।
सरसोँ की आवक घट रही है। किसान मंडी में 4800/5000 रुपए में सरसोँ बेचने की राजी नहीं है।
अप्रैल में आवक मॉर्च से कम भी हो सकती है।
आज आवक मॉर्च की औसतन आवक 50000 टन से 40 फीसदी कम है।
केवल नई मिल्स या जो मिल्स ब्रांड की लॉयल्टी ले सकती है, वही मिल्स चल रही है।
स्टॉकिस्ट्स की खरीद बढ़ी हुई है। उनका अंदाज़ा है कि सरसोँ अभी बहुत सस्ती है।