श्री अतुल चतुर्वेदी ने कहा है कि भारत मे सरसोँ की बहुत बड़ी सप्लाई सोय्या पाम की तेजी को काबू में रखेगी।
भारत में पाम तेल की एससेन्सिल जरूरत 4.50 से 5 लाख टन है, इम्पोर्ट इससे एक्स्ट्रा होगा तो बेचने में मेहनत करनी पड़ती है।
अप्रैल में इम्पोर्ट 7 लाख टन होने के आसार है, इस कारण ओलिन की लोकल प्राइस पर दबाब रहने के आसार है।

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