मांग कमजोर बनी रहने से उड़द एवं मसूर में मंदा, अरहर में मिलाजुला रुख
नई दिल्ली। दाल मिलों की मांग कमजोर बनी रहने से उड़द एवं देसी मसूर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि इस दौरान अरहर की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा। चना के साथ ही मूंग के दाम स्थिर ही बने रहे।
व्यापारियों के अनुसार स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली बनी रहने उड़द के भाव में गिरावट आई है। व्यापारियों के अनुसार केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए बढ़े दाम पर दाल मिलें जरुरत के हिसाब ही खरीद कर रही हैं। वैसे भी उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उड़द की आवक अभी बनी रहने का अनुमान है। उधर म्यांमार में नई उड़द की आवक बढ़ने से आगामी दिनों में आयात बढ़ेगा, तथा बर्मा में उड़द का उत्पादन अनुमान ज्यादा है। इसलिए बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि आयातित उड़द डिस्पैरिटी में बिक रही है, इसलिए आयातक भाव तेज कर करना चाहते हैं।
अरहर की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा। व्यापारियों के अनुसार अरहर में स्टॉकिस्टों की सक्रियता बनी हुई है। केंद्र सरकार दालों के सप्ताहिक स्टॉक की जानकारी लेगी, जिस कारण मिलर्स जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रहे हैं। वैसे भी बढ़ी हुई कीमतों में अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी उम्मीद के अनुसार बढ़ नहीं पा रही है। जानकारों के अनुसार आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। इसलिए बढ़े दाम स्टॉक हल्का करना चाहिए। हालांकि घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है वैसे भी प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है तथा अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं।
चना के दाम स्थिर हो गए, हालांकि जहां बढ़े दाम पर मिलों की खरीद कमजोर है, वहीं घटे भाव में बिकवाली भी नहीं आ रही। व्यापारियों के अनुसार चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है, इसलिए चना का भविष्य तेजी का ही है। हालांकि अभी एकतरफा बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए क्योंकि उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो नए चना की आवक बनी रहेगी। चना के दाम उत्पादक मंडियों में समर्थन मूल्य से ऊपर है, जिस कारण मौजूदा कीमतों में दाल मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। ऐसे में चना में समय, समय पर मुनाफावसूली करते रहना चाहिए।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,375 से 4,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,250 से 4,275 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 25 रुपये कमजोर होकर 4,225 से 4,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 4,525 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम कमजोर हुए हैं, लेकिन बंदरगाह पर आयातित के भाव स्थिर ही बने रहे। व्यापारियों के अनुसार मौसम अनुकूल रहा तो आगामी दिनों में नई मसूर की आवक मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अभी बराबर बनी रहेगी। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। ऐसे में बड़ी हुई कीमतों में मसूर का स्टॉक हल्का करना चाहिए।
मूंग के भाव उत्पादक मंडियों में स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी। हालांकि रबी सीजन में इसकी बुआई पिछले साल की तुलना में कम हुई थी, जिस कारण उत्पादन अनुमान में कमी आई थी। हालांकि उत्पादक राज्यों में अभी मूंग की दैनिक आवक बनी रहेगी। इसलिए मौजूदा कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है। वैसे भी चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये घटकर 9,650 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 9,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम कमजोर होकर 10,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 50 रुपये घटकर 9,750 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 25 रुपये कमजोर होकर 9,400 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव दाम तेज होकर 8,100 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 25 रुपये घटकर 10,725 रुपये प्रति क्विंटल रह गए
देसी अरहर की कीमतें सोलापुर और इंदौर में कमजोर हुई, जबकि अन्य मंडियों में दाम स्थिर बने रहे।
मुंबई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 125 रुपये बढ़कर 10,825 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 11,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 11,350 से 11,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 10,200 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 10,000 से 10,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 10,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 75 रुपये कमजोर होकर भाव 6,300 से 6,325 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,050 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 6,100 रुपये और हजीरा बंदरगाह पर 6,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। पटना में देसी मसूर के बिल्टी दाम तेज होकर 6,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 6,325 से 6,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 6,300 से 6,325 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,300 से 9,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 8,200 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जलगांव मंडी में नई मूंग के दाम 9,700 से 10,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।