USDA की कल की रिपोर्ट तेज़ी वालों के लिए काल बनी। रिपोर्ट ने तेज़ी की कोशिश का the end कर दिया है।
अर्जेटिना ब्राज़ील में सोय्या फसल कितनी है,इसका अब कोई मतलब नहीं है। अब फंड्स का सारा फोकस अमेरिका के स्टॉक पर है।
रिपोर्ट में अमेरिका के सीजन एंड स्टॉक को पिछले साल से 30 फीसदी ज्यादा बताया गया है। अमेरिका में सोय्या तेल की बायो डीजल डिमांड को पूरा करने के लिए क्रश तो बढ़ेगा तो भी स्टॉक 4 साल का सबसे ज्यादा होने वाला है।
अमेरिका से इस सीजन एक्सपोर्ट भी 4 साल का सबसे कम होने वाला है। एक्सपोर्ट के अनुमान में अभी और भी कमी के आसार है।
USDA ने ब्राज़ील अर्जेटिना पैरागुए की सोय्या फसलें 2155 लाख टन आंकी है जो अभी तक कि सबसे ज्यादा होने वाली है। ब्राज़ील की फसल पिछले साल से 70 लाख टन कम होने का अब कोई मतलब नहीं रह गया। इन तीनों देशों की फ़सल पिछले साल से अभी भी 185 लाख टन ज्यादा है। इतनी बड़ी फ़सल और अमेरिका का 4 साल का हाई स्टॉक सीबोट पर दवाब बानाये रखेगा।
अमेरिका में ग्रीन फ्यूल पर फोकस है मगर उसका अपना सोय्या तेल उतपादन शॉर्ट होने से दूसरे टेलों का इम्पोर्ट बढ़ता रहेगा।
USDA का अनुमान है कि भारत की सरसोँ मील का एक्सपोर्ट पिछले साल से 20 फीसदी कम रहेगा।
वर्ल्ड सन आयल ट्रेड में भारत का शेयर अब 25 फीसदी है जो पिछले साल 16 फीसदी था।