भारत मे विदेशी टेलों की एक्स्ट्रा सप्लाई का बोझा कम हो रहा है। अगस्त में पोर्टस और ट्रेड के पास अभी तक के सबसे ज्यादा 58 दिनों की खपत के बराबर सप्लाई थी जो मॉर्च में 34 दिन ही रह गई है। स्टॉक में कमी से ट्रेड और मिलर्स को राहत मिली हैं ।
*मॉर्च में पोर्ट का सीपीओ स्टॉक जनवरी के 3.30 लाख टन से आधा है तो ओलिन स्टॉक जनवरी के 2 लाख टन का 35 फीसदी ही है।
*सोय्या तेल स्टॉक भी जनवरी के 2 लाख टन का आधा है।