मॉर्च में पोर्टस पर सभी तेलों का स्टॉक फ़रवरी से कम हुआ है। मॉर्च का 5.90 लाख टन स्टॉक 22 महीने का सबसे कम है।
*सीपीओ स्टॉक 1.65 लाख टन है जो देश की रिफायनरीज की कम से कम 5 लाख टन रिफाइनिंग के 10 दिनों के बराबर है।
मॉर्च का स्टॉक जनवरी के 3.30 लाख टन से पूरा आधा है।
*मॉर्च में ओलिन स्टॉक 68000 टन है जो फ़रवरी के 1.60 लाख टन से 1 लाख टन कम है। इतना कम स्टॉक कभी नहीं हुआ है। स्टॉक हमेशा सवा लाख टन से ज्यादा ही रहा है।
*मॉर्च में पोर्ट पर सोय्या तेल स्टॉक फ़रवरी के 83000 टन से 25 फीसदी बढा है तो भी भारत के एक महीने के एवरेज इम्पोर्ट 3 लाख टन का एक तिहाई ही है।
*सन आयल स्टॉक रिकॉर्ड इम्पोर्ट की वजह से बढ़ रहा है। मॉर्च का 2.52 लाख टन स्टॉक सभी रिफायनरीज की एक महीने की रिफाइनिंग के बराबर है
*पोर्टस और ट्रेड का स्टॉक सेप्टेम्बर में 37.35 लाख टन पीक के बाद हर महीने कम हो रहा है। लगातार 7 महीने से स्टॉक घट रहा है। मॉर्च का स्टॉक सेप्टेम्बर से 14 लाख टन घटा है।