स्टॉकिस्टों की सक्रियता से अरहर एवं उड़द के साथ मसूर तथा चना महंगा, मूंग स्थिर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की सख्ती के बावजूद भी दाल मिलों की खरीद एवं स्टॉकिस्टों की सक्रियता बनी रहने से घरेलू बाजार में बुधवार को अरहर एवं उड़द के साथ ही मसूर तथा चना की कीमतों में तेजी जारी रही, जबकि इस दौरान मूंग के भाव स्थिर हो गए।

केंद्र सरकार दलहन की कीमतों में तेजी को लेकर सजग है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने राज्यों को पत्र लिखकर दलहन के स्टॉक की जांच करने को कहा है साथ ही 15 अप्रैल से आवश्यक वस्तुओं के साप्ताहिक स्टॉक की जानकारी को अनिवार्य किया जा सकता है। चुनाव से पहले सरकार दलहन की कीमतों को नियंत्रण में रखना चाहती है।  

सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी 5,440 रुपये से अधिक दाम पर चना की खरीद करेगी। केंद्रीय पूल में चना का बफर स्टॉक बनाने के लिए सरकार को चना की खरीद करनी होगी। इस समय उत्पादक मंडियों में चना एमएसपी से ऊंचे दाम पर बिक रहा है।

बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू और एफएक्यू के भाव स्थिर हो गए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें भी स्थिर बनी रही। उड़द एफएक्यू के भाव अप्रैल एवं मई शिपमेंट के 1,070 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 1,165 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,340 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।

बर्मा से चेन्नई पहुंच उड़द के दाम डॉलर में दो दिनों की नरम के बाद स्थिर हो गए, हालांकि घरेलू बाजार में आयातित उड़द के भाव तेज हुए, लेकिन बढ़े दाम पर दाल मिलों की खरीद सीमित बनी रही। व्यापारियों के अनुसार उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उड़द की आवक अभी बनी रहने का अनुमान है। उधर म्यांमार में नई उड़द की आवक बढ़ने से आगामी दिनों में आयात बढ़ेगा, तथा बर्मा में उड़द का उत्पादन अनुमान ज्यादा है। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। हालांकि आयातित उड़द डिस्पैरिटी में बिक रही है, इसलिए आयातक भाव तेज कर रहे हैं। ऐसे में इसकी कीमतों में हल्की तेजी तो बन सकती है लेकिन बड़ी तेजी टिक नहीं पायेगी।

अरहर की कीमतों में लगातार चौथे कार्यदिवस में तेजी आई है, जबकि बर्मा से चेन्नई पहुंच लेमन की कीमतें डॉलर में दूसरे दिन भी स्थिर बनी रही। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार अरहर कीमतों में हाल ही में आई तेजी को लेकर सचेत हैं। हालांकि अरहर में स्टॉकिस्ट दाम तेज कर रहे हैं, लेकिन सरकारी सख्ती तो देखते हुए मौजूदा कीमतों में मुनाफावसूली करनी चाहिए। वैसे भी बढ़ी हुई कीमतों में अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी उम्मीद के अनुसार बढ़ नहीं पा रही है, तथा आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। हालांकि घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है वैसे भी प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है। हालांकि अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं।

स्टॉकिस्टों की सक्रियता बनी रहने से चना की कीमतों में तेजी जारी है। केंद्र सरकार बाजार भाव पर चना खरीदेगी, इसलिए तेल को बल मिल रहा है। वैसे भी चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है, इसलिए चना का भविष्य तो तेजी का ही है। हालांकि अभी एकतरफा बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो नए चना की आवक आगामी दिनों में और बढ़ेगी। चना के दाम उत्पादक मंडियों में समर्थन मूल्य से ऊपर है, जिस कारण मौजूदा कीमतों में दाल मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है।

मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के दाम 25 रुपये तेज होकर 4,125 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 25 रुपये बढ़कर 4,125 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। कानपुर में देसी मटर के भाव तेज होकर 4,550 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में देसी मसूर के साथ ही बंदरगाह पर आयातित के भाव तेज हुए हैं, हालांकि व्यापारी बड़ी तेजी के पक्ष में नहीं है। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक राज्यों की मंडियों में नई फसल की आवक लगातार बढ़ रही है। मौसम अनुकूल रहा तो आगामी दिनों में मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में नई फसल की आवकों का दबाव बनेगा। वैसे भी चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। ऐसे में बड़ी हुई कीमतों में मसूर का स्टॉक हल्का करना चाहिए।

मूंग के भाव उत्पादक मंडियों में स्थिर बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, वैसे भी रबी सीजन में इसकी बुआई पिछले साल की तुलना में कम हुई थी, जिस कारण उत्पादन अनुमान कम है। हालांकि उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में नई मूंग की दैनिक आवक बढ़ेगी। इसलिए मौजूदा कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।

चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम शाम के सत्र में 25 रुपये तेज होकर 9,725 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 25 रुपये तेज होकर 9,325 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 10,050 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 9,650 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 25 रुपये तेज होकर भाव 9,325 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,100 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में लेमन अरहर के दाम फसल सीजन 2024 के दाम 100 रुपये तेज होकर 11,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

देसी अरहर की कीमतें सोलापुर, इंदौर, कानपुर, लातूर, और अकोला में तेज हुई।

मुंबई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये बढ़कर 11,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 150 रुपये तेज होकर 11,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें तेज हुई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 150 रुपये बढ़कर 11,550 से 11,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 100 रुपये बढ़कर 10,400 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 100 रुपये बढ़कर 10,200 से 10,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 50 रुपये बढ़कर 10,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये तेज होकर भाव 6,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 50 रुपये तेज होकर 6,250 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 5,950 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 50 रुपये तेज होकर 6,025 रुपये और हजीरा बंदरगाह पर 50 रुपये बढ़कर 6,075 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। पटना में देसी मसूर के दाम 6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 175 रुपये तेज होकर 6,125 से 6,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 175 रुपये बढ़कर 6,100 से 6,125 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,300 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 8,200 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जलगांव मंडी में पुरानी समर मूंग के दाम 8,700 से 9,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

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