स्टॉकिस्टों की सक्रियता से अरहर एवं उड़द के साथ ही चना तथा मूंग महंगी, मसूर में मिलाजुला रुख

नई दिल्ली। आयात पड़ते महंगे होने के साथ ही दाल मिलों की मांग से घरेलू बाजार में गुरुवार को अरहर एवं उड़द के साथ ही चना की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, जबकि इस दौरान मसूर के भाव में मिलाजुला रुख रहा। मूंग की कीमतें स्थिर से तेज हुई।

हाल ही में चना की कीमतों में आई तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार मटर के आयात की समय सीमा को बढ़ा सकती है। 30 अप्रैल 2024 को मटर के आयात की समय सीमा समाप्त हो रही है, लेकिन उत्पादक मंडियों में चना की दैनिक आवक अपेक्षा अनुसार बढ़ नहीं रही है।

मार्च अंत तक देश में 7.80 लाख टन पीली मटर का आयात हुआ है, अगर केंद्र सरकार ने आयात की समय सीमा बढ़ाई तो अगले तीन महीनों में पांच से छह लाख टन का और भी आयात हो सकता है।

20 से 28 मार्च के दौरान देश में करीब 1,321 कंटेनर दलहन के आए हैं, जिनमें करीब 33,025 टन दालों का आयात हुआ। इसमें सबसे ज्यादा बर्मा से उड़द के करीब 842 कंटेनर 21,050 टन के आए हैं। इसके अलावा थाईलैंड और ब्राजील से क्रमशः: 2 और 3 कंटेनर 50 और 75 टन उड़द लेकर आए।

बर्मा से लेमन अरहर के 325 कंटेनर 8,125 टन माल लेकर आए।

बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एफएक्यू और एसक्यू के भाव 15-15 डॉलर तेज हो गए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें 20 डॉलर बढ़ गई। उड़द एफएक्यू के भाव अप्रैल एवं मई शिपमेंट के 15 डॉलर बढ़कर 1,070 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 15 डॉलर तेज होकर 1,160 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 20 डॉलर तेज होकर भाव 1,330 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए।

बर्मा से चेन्नई पहुंच उड़द के दाम डॉलर में तेज होने से घरेलू बाजार में भी इसकी कीमतों में तेजी दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार उड़द के आयात पड़ते महंगे है, इसलिए आयातक दाम तेज करना चाहते हैं। ऐसे में इसकी कीमतों में हल्की तेजी तो बन सकती है, लेकिन एक तरफा बड़ी तेजी टिक नहीं पायेगी। उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उड़द की आवक अभी बनी रहने का अनुमान है। उधर म्यांमार में नई उड़द की आवक बढ़ने से आगामी दिनों में आयात बढ़ेगा, तथा बर्मा में उड़द का उत्पादन अनुमान ज्यादा है। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। अत: बढ़ी हुई कीमतों में मुनाफावसूली करते रहना चाहिए।

आयातित के साथ ही देसी अरहर की कीमतों लगातार दूसरे दिन तेजी आई है क्योंकि बर्मा से चेन्नई पहुंच लेमन की कीमतें डॉलर में तेज हो गई। जानकारों के अनुसार अरहर के आयात पड़ते और महंगे होने के कारण आयातक इसकी कीमतें तेज कर रहे हैं। हालांकि इसके भाव में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। इसलिए बढ़े भाव में मुनाफावसूली करते रहना चाहिए। वैसे भी अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी उम्मीद के अनुसार बढ़ नहीं पा रही है। आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। हालांकि घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है। प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है।

स्टॉकिस्टों की खरीद बनी रहने से चना की कीमतें तेज बनी हुई हैं। स्टॉकिस्टों के अनुसार चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है इसलिए दैनिक आवक उम्मीद के अनुरूप बढ़ नहीं पा रही हैं। हालांकि मौसम अनुकूल रहा तो नए चना की आवक उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में बढ़ेगी, वैसे भी चना के दाम उत्पादक मंडियों में समर्थन मूल्य से ऊपर है, जिस कारण मौजूदा कीमतों में दाल मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि आवकों का दबाव बनने पर कीमतों में हल्की नरमी आ सकती है। खपत का सीजन होने के कारण चना दाल एवं बेसन की मांग अभी बनी रहेगी।

मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 100 रुपये तेज होकर 4,325 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के दाम बढ़कर 4,125 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 50 रुपये तेज होकर दाम 4,125 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 75 रुपये तेज होकर 4,500 से 4,550 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में देसी मसूर की कीमतें नरम हुई, लेकिन बंदरगाह पर आयातित के भाव में तेजी दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार नई फसल की आवक लगातार बढ़ रही है, इसलिए बढ़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। मौसम अनुकूल रहा तो आगामी दिनों में इसके भाव में नरमी आने का अनुमान है। मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में चालू महीने के मध्य तक नई फसल की आवकों का दबाव बनेगा। वैसे भी चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। ऐसे में मसूर का स्टॉक हल्का करना चाहिए।

मूंग के भाव जयपुर में तेज हुए तथा अन्य मंडियों में बने रहे। व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, वैसे भी रबी सीजन में इसकी बुआई पिछले साल की तुलना में कम हुई थी, जिस कारण उत्पादन अनुमान कम है। हालांकि उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में नई मूंग की दैनिक आवक बढ़ेगी। इसलिए मौजूदा कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।

चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये तेज होकर 9,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 75 रुपये बढ़कर 9,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 25 रुपये तेज होकर 9,950 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 25 रुपये तेज होकर 9,500 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 100 रुपये तेज होकर भाव 9,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,100 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में लेमन अरहर के दाम फसल सीजन 2024 के दाम 175 रुपये तेज होकर 10,650 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

देसी अरहर की कीमतें सोलापुर, इंदौर, लातूर और कटनी में तेज हुई।

मुंबई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 125 रुपये बढ़कर 10,525 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में बढ़कर 11,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें तेज हो गई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 10,600 से 10,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 200 रुपये बढ़कर 9,700 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 200 रुपये तेज होकर 9,600 से 9,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 100 रुपये तेज होकर 9,900 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये कमजोर होकर भाव 6,375 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 50 रुपये बढ़कर 6,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में तेज होकर 5,950 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। पटना में देसी मसूर के दाम 6,235 रुपये और इंदौर में बिल्टी के दाम 6,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 25 रुपये तेज होकर 5,850 से 5,875 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 5,800 से 5,825 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 150 रुपये बढ़कर 8,300 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इंदौर में मीडियम मूंग के दाम 7,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे। जलगांव मंडी में पुरानी समर मूंग के दाम 8,700 से 9,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

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