एग्री जिंसों की दैनिक रिपोर्ट 3 अप्रैल 2024

चना एवं मसूर तेज, अन्य दालों के भाव लगभग स्थिर
गेहूं की कीमतें बढ़ी, ग्वार गम एवं सीड में तेजी जारी
नई दिल्ली। दिल्ली में चना की कीमतों में 50 रुपये की तेजी आई है, जानकारों के अनुसार स्टॉकिस्टों की खरीद बढ़ने से भाव तेज हुए हैं, हालांकि उत्पादक राज्यों में मौसम रहा तो फिर मंडियों में चना की आवकों में बढ़ोतरी होगी। दाल मिलें केवल जरूरत के हिसाब से ही चना की खरीद कर रहे हैं। ऐसे में आवकों में बढ़ोतरी होने पर मौजूदा कीमतों में हल्की गिरावट आने की उम्मीद हैं इसलिए चना की खरीद नीचे दाम पर ही करनी चाहिए। हालांकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है।

दिल्ली में राजस्थान के नए चना के दाम 50 रुपये तेज होकर 5,775 से 5,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, इस दौरान मध्य प्रदेश के नए चना के दाम 50 रुपये बढ़कर 5,750 से 5,775 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। चना की दैनिक आवक 8 से 9 मोटरों की हुई।

जयपुर मंडी में मोठ के बिल्टी भाव 6,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

सोलापुर में अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। व्यापारियों के अनुसार पिछले दो दिनों में लेमन के डॉलर में तेज थे, इसलिए आयातकों ने दाम बढ़ाए थे। हालांकि बढ़े दाम पर मिलों की खरीद नहीं बढ़ पाई। जानकारों के अनुसार आगामी दिनों में म्यांमार से लेमन की आवक बढ़ेगी, साथ ही सूडान से नई अरहर की शिपमेंट आयेगी। घरेलू बाजार में दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से खरीद कर रही है क्योंकि अरहर दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर ही है। उधर केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। जानकारों के अनुसार देसी अरहर की आवक उत्पादक मंडियों में अभी बनी रहेगी। सोलापुर मंडी में देसी अरहर के भाव 9,500 से 10,800 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

बर्मा से आयातित उड़द की कीमतें चेन्नई में डॉलर में लगातार दो दिन तेज हुई थी। इसलिए घरेलू बाजार में इसके भाव में तेजी आई थी। हालांकि उड़द दाल में थोक एवं खुदरा में मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना के साथ ही आंध्र प्रदेश में उड़द की आवक बनी हुई हैं। केंद्र सरकार की सख्ती से उड़द की खरीद दाम मिलें केवल जरुरत के हिसाब से कर रही रही है। वैसे भी आगामी दिनों में म्यांमार से उड़द का आयात बढ़ेगा, वैसे भी म्यांमार में उत्पादन अनुमान ज्यादा है। ऐसे घरेलू बाजार में स्टॉकिस्टों की सक्रियता से उड़द की कीमतों में हल्की तेजी तो बन सकता है लेकिन बड़ी तेजी के आसार नहीं है। बर्मा से चेन्नई के लिए उड़द एसक्यू के दाम 1,155 डॉलर एवं एफएक्यू के 1,065 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए।  

मूंग के भाव उत्पादक मंडियों में अभी भी स्थिर बने रहे। व्यापारी मूंग की कीमतों में अभी बड़ी तेजी के पक्ष में नहीं है। मौसम साफ है इसलिए उत्पादक राज्यों की मंडियों में मूंग की दैनिक आवक पहले की तुलना में बढ़ने लगी है, साथ ही खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, तथा मूंग का उत्पादन अनुमान कम होने की आशंका है। इसलिए इसके भाव में सीमित तेजी, मंदी बनी रहने का अनुमान है। छिंदवाड़ा मंडी में मूंग के दाम 6,800 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।  

देसी मसूर के दाम दिल्ली में 25 रुपये तेज हो गए, हालांकि व्यापारी ज्यादा तेजी में नहीं है। मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश में मौसम अनुकूल रहा तो नई मसूर की आवकों में बढ़ोतरी होगी। चालू रबी में मसूर के रिकार्ड उत्पादन का अनुमान है। हालांकि बकाया स्टॉक कम होने के कारण पुरानी देसी मसूर की आवक उत्पादक मंडियों में कम हो रही है, जबकि मसूर दाल में खपत राज्यों बिहार, बंगाल एवं असम की मांग बराबर बनी रहने की उम्मीद है। इसलिए इसके भाव में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। दिल्ली में देसी मसूर के दाम 6,375 से 6,400 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

धान के साथ ही बासमती चावल के भाव में सुधार आया है। व्यापारियों के अनुसार मिलों के पास उंचे भाव का धान का स्टॉक है, जबकि चावल में निर्यात मांग बनी रहने की उम्मीद है। इसलिए भाव में ज्यादा मंदा नहीं आयेगा। सिरसा मंडी में 1,401 किस्म के धान का भाव 4350 रुपये तथा पीबी 1 किस्म के धान के दाम 3,923 रुपये तथा रतिया मंडी में 1,401 किस्म के धान के भाव 4,325 से 4,331 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। पीबी 1 किस्म के धान के दाम 3,935 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

गेहूं के दाम लारेंस रोड पर 30 रुपये तेज होकर दाम 2500 से 2,530 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। मौसम अनुकूल रहा तो उत्तर भारत के राज्यों में नए गेहूं की आवक आगामी दिनों बढ़ेगी, इसलिए आगे इसके भाव में नरमी आने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में नए गेहूं की आवकों में बढ़ोतरी हुई है।

मक्का के भाव में नरमी आई है। व्यापारियों के अनुसार मक्का की आवक बिहार की मंडियों में लगातार बढ़ी रही है, इसलिए इसके भाव में आगे और भी नरमी आने का अनुमान है। सांगली मंडी में मक्का के बिल्टी भाव 2,340 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

बाजरा की कीमतें स्थिर हो गई। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक मंडियों में बाजरे की आवक काफी कम हो रही है, इसलिए इसके भाव में ज्यादा मंदे के आसार नहीं हैं। जगदीशपुर पहुंच बाजरा का व्यापार 2,430 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ।

जौ के भाव स्थिर हो गए। उत्पादक मंडियों में जौ की नई फसल की आवक बढ़ी है, तथा आगामी दिनों में आवक और बढ़ेगी, इसलिए आगे इसके दाम घटने की उम्मीद है। उत्पादक मंडियों में जौ के भाव 1500 से 1,850 रुपये प्रति क्विंटल क्वालिटी अनुसार चल रहे हैं।

चीनी के दाम स्थिर बने हुए है। व्यापारी अभी चीनी में ज्यादा मंदे में नहीं है, गर्मियों का सीजन होने के कारण चीनी में मांग बनी रहने की उम्मीद है। हालांकि केंद्र सरकार ने मार्च के लिए चीनी का कोटा ज्यादा मात्रा में जारी किया है।

कैस्टर सीड के दाम गुजरात में लगातार दूसरे दिन 5 रुपये कमजोर होकर 1,150 से 1,175 रुपये प्रति 20 किलो रह गए, तथा दैनिक आवक 1,00,000 बोरियों की हुई। कैस्टर तेल के दाम राजकोट में कमर्शियल के 1,200 रुपये और एफएसजी के 1,210 रुपये प्रति 10 किलो पर स्थिर रहे।

सरसों के भाव में सुधार आने की उम्मीद है। मलेशिया में पाम तेल में तेजी आई है, साथ ही शिकागो में सोया तेज तेज हैं। उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो नई सरसों की आवक बनी रहेगी। ऐसे में इसकी कीमतों में हल्का सुधार बन सकता है। सरसों तेल के और खल के दाम स्थिर हो गए।

घरेलू बाजार में खाद्वय तेलों के दाम 5 से 10 रुपये लगातार तीसरे दिन भी तेज खुले हैं। उधर मलेशिया में जून के पाम तेल वायदा अनुबंध में 84 रिगिंट की तेज आकर भाव 4,396 रिगिंट प्रति टन हो गए, उधर शिकागो में सोया तेल के भाव तेज खुले है। जानकारों के अनुसार विश्व बाजार में खाद्वय तेलों में हल्की तेजी तो और भी आ सकती है, लेकिन बड़ी तेज की उम्मीद कम है, इसलिए घरेलू बाजार में इनकी कीमतों में हल्का सुधार और आ सकता है लेकिन बड़ी तेजी के आसार कम है।

सोयाबीन के दाम उत्पादक मंडियों में दूसरे दिन तेज हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार घरेलू बाजार में इसके भाव में अभी ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं है। उत्पादक मंडियों में अभी दैनिक आवक बराबर बनी रहेगी है, जबकि प्लांट जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रहे हैं। शिकागो में सोयाबीन और मील के भाव में मंदा आया है, जबकि सोया तेल तेज है।

घरेलू बाजार में कॉटन की कीमतों में गिरावट आई है, विदेशी बाजार में कॉटन वायदा में मंगलवार को तीन अंकों की गिरावट आई थी, जिस कारण घरेलू मिलों की मांग कमजोर हुई है। व्यापारियों के अनुसार कॉटन में स्पिनिंग मिलों की मांग बनी रहने की उम्मीद है, क्योंकि मिलों के पास कॉटन का बकाया स्टॉक कम है। इसलिए आगे दाम फिर बढ़ने की उम्मीद है।

बिनौला और कपास खली के भाव में सुधार आया है। व्यापारियों के अनुसार नीचे दाम पर बिकवाली घटी है, इसलिए हल्का सुधार और भी बन सकता है। वैसे भी उत्पादक मंडियों में कपास की दैनिक आवकों में पहले की तुलना में कमी आई है, तथा आगामी दिनों में आवक और घटेगी, इसलिए इनकी कीमतों में हल्की तेजी हल्की तेजी और भी बन सकती है।

ग्वार सीड और ग्वार गम की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। स्टॉकिस्ट चालू सीजन में अल नीनो के असर से कम बारिश की आशंका से दाम तेज करना चाहते हैं, अत: बढ़े दाम मुनाफावसूली करते रहना चाहिए, क्योंकि इसकी कीमतों में एकतरफा तेजी की उम्मीद नहीं है। वैसे भी ग्वार गम उत्पादों में निर्यात मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है। हालांकि पहले की तुलना में ग्वार सीड की दैनिक आवकों में कमी आई है।

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