DDGS SPECIAL REPORT-

भारत मे अमेरिका के सोयाबीन सूत्रों के अनुसार भारत मे DDGS उत्पादन बढने की बहुत बड़ी संभावना है मग़र रॉ मटेरियल की कमी है।
किसी भी ग्रेन से DDGS बन सकता है जबकि अमेरिका में केवल कॉर्न से ही बन रहा है।
एथनॉल में कॉर्न यूज़ का एक तिहाई DDGS निकलता है।
नवंबर से फ़रवरी में 3.50 लाख टन DDGS बना है। साल में 12 लाख टन DDGS मिल सकता है अगर कॉर्न की सप्लाई पैरिटी में आये।
भारत सरकार क्लाइमेट सेफ्टी के लिए बेहद चिंतित है, ग्रीन फ्यूल को बढ़ावा से रही है
कॉर्न में फूड, फीड और एथनॉल प्लांट्स की सप्लाई पकड़ने के लिए खींचतान है।
डैमेज गेहूं और ब्रोकन राइस की सीमित सप्लाई है।
अमेरिका में गल्फ पोर्ट पर DDGS के दाम 229 डॉलर है। वियतनाम को डिलीवरी में 293 डॉलर, थाईलैंड 314 डॉलर, बर्मा 311 डॉलर है।

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