सोपा, मोपा के अनुसार फ़रवरी लास्ट में ट्रेड और किसान के पास 90 लाख टन स्टॉक था जो पिछले साल से 5 लाख टन ज्यादा है। फ़रवरी में स्टॉक बढ़ने की अकेली वजह सरसोँ का स्टॉक बढ़कर 13 लाख टन होना था।
फ़रवरी का स्टॉक जनवरी से 16 लाख टन कम हैं।
कस्टम के अनुसार जनवरी में भारत से सरसोँ मील एक्सपोर्ट पिछले साल के 1.37 लाख टन का आधा भी नहीं है। जनवरी में बांग्लादेश की खरीद केवल 5500 टन थी जो पिछले साल 27000 टन थी।
भारत ने पिछले साल जनवरी से मॉर्च में 5 लाख टन एक्सपोर्ट किया था।
जनवरी फ़रवरी में सरसोँ तेल का उतपादन पिछले साल के 4.75 लाख टन से 20 फीसदी ज्यादा हुआ है। 2023 में सरसोँ तेल उत्पादन 38.38 लाख टन हुआ था।
