दाल मिलों की मांग बढ़ने से उड़द एवं अरहर तथा चना मजबूत, मसूर तथा मूंग के दाम रुके

नई दिल्ली। आयात पड़ते महंगे होने के कारण दाल मिलों की खरीद से घरेलू बाजार में शुक्रवार को उड़द के साथ ही अरहर एवं चना की कीमतों में तेजी आई, जबकि इस दौरान मसूर तथा मूंग की कीमतें स्थिर बनी रही।

सूत्रों के अनुसार चेन्नई बंदरगाह पर 11 से 19 मार्च के दौरान कुल 20,425 टन आयातित दलहन आई, जिसमें सबसे ज्यादा मात्रा म्यांमार से 405 कंटेनरों में 10,125 टन उड़द थी। इसके अलावा थाईलैंड से दो कंटेनर उड़द के 50 टन माल लेकर आए। इस दौरान म्यांमार से 276 कंटेनरों में 6,900 टन लेमन अरहर, मोजाम्बिक से 725 टन अरहर, कनाडा से 375 टन मसूर के अलावा अमेरिका से 75 टन मसूर तथा 1,125 टन पीली मटर की आवक कनाडा से हुई।

चेन्नई में बर्मा की उड़द एफएक्यू और एसक्यू की कीमतों में सुधार आया। साथ ही दौरान लेमन अरहर की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। उड़द एफएक्यू के भाव अप्रैल शिपमेंट के 5 डॉलर तेज होकर दाम 1,035 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव पांच डॉलर बढ़कर 1,120 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 20 डॉलर तेज होकर दाम 1,260 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए।

चेन्नई में उड़द की कीमतों में डॉलर में हल्का सुधार आया, इसलिए घरेलू बाजार में उड़द की कीमतें लगातार दूसरे दिन तेज हुई। व्यापारियों के अनुसार आयात पड़ते महंगे होने के कारण उड़द की कीमतों में हल्का सुधार तो और भी बन सकता है, लेकिन बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं। वैसे भी उड़द दाल में खुदरा एवं थोक मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में नई उड़द की आवक पहले की तुलना में बढ़ी है। आगामी दिनों में बर्मा में नई फसल की आवकों में बढ़ोतरी होगी, जिस कारण इसका आयात बढ़ने की उम्मीद है। वैसे भी सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें उड़द की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही हैं, तथा मार्च क्लोजिंग एवं त्योहार के कारण भी घरेलू बाजार में व्यापार सीमित ही हो रहा है।

घरेलू बाजार में आयातित के साथ ही देसी अरहर की कीमतें तेज हुई। लेमन के दाम डॉलर में चेन्नई में तेज हुए है, जिस कारण आयात को मौजूदा कीमतों में पड़ते नहीं लग रहे। ऐसे में इसकी कीमतों में हल्का सुधार और भी बन सकता है। हालांकि थोक के साथ ही खुदरा में अरहर दाल में ग्राहकी उम्मीद के अनुसार बढ़ नहीं पा रही है। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की लगातार समीक्षा कर रही है जबकि घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक अभी बनी रहेगी। आगामी दिनों में म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात बढ़ेगा। ऐसे में इसके भाव में अभी एकतरफा बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है।

नीचे दाम पर स्टॉकिस्टों की सक्रियता से दिल्ली में चना के भाव में तेजी आई है, हालांकि व्यापारी अभी इसके भाव में बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं कर रहे। उत्पादक राज्यों में मौसम साफ रहा तो फिर नए चना की आवकों में अगले सप्ताह से बढ़ोतरी होगी। उत्पादक मंडियों में चना के दाम समर्थन मूल्य से ऊपर है, जिस कारण मौजूदा कीमतों में दाल मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। हालांकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है, लेकिन एक बार आवकों का दबाव बनने पर कीमतों में मंदा आयेगा। खपत का सीजन होने के कारण चना दाल एवं बेसन की मांग अभी बनी रहेगी।

मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के दाम 4,025 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,025 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

दिल्ली में देसी मसूर के साथ ही बंदरगाह पर आयातित की कीमतें स्थिर हो गई। चालू सप्ताह में इसके भाव तेज हुए थे, हालांकि उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल रहा तो नई मसूर की आवक अगले सप्ताह से बढ़ जायेगी। मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अप्रैल के पहले सप्ताह में नई फसल की आवकों का दबाव बनेगा। वैसे भी चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए इसके भाव में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। हालांकि आयातकों के पास उंचे भाव का स्टॉक है, तथा उत्पादक मंडियों में पुरानी देसी मसूर की स्टॉक सीमित मात्रा में ही बचा हुआ है।

मूंग के भाव उत्पादक राज्यों में दूसरे दिन भी स्थिर बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, वैसे भी रबी सीजन में इसकी बुआई पिछले साल की तुलना में कम हुई थी, जिस कारण उत्पादन अनुमान कम है। हालांकि उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में नई मूंग की दैनिक आवक बढ़ेगी, तथा अगले सप्ताह से इसकी आवकों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसलिए मौजूदा कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी रह सकती है। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।

चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 100 रुपये तेज होकर 9,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 25 रुपये बढ़कर 8,925 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम तेज होकर 9,950 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 75 रुपये तेज होकर 9,200 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 50 रुपये तेज होकर भाव 8,900 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,100 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में लेमन अरहर के दाम फसल सीजन 2024 के 100 रुपये तेज होकर दाम 10,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

देसी अरहर की कीमतें सोलापुर, अकोला, कुरनूल और रायपुर में तेज हुई।

मुंबई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 10,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 150 रुपये बढ़कर 10,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर से तेज हुई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 100 रुपये तेज होकर 10,200 से 10,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 9,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। मतवारा अरहर के भाव 9,150 से 9,250 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। सफेद अरहर की कीमतें 9,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम 6,300 से 6,325 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,050 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के दाम 5,950 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजीरा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के भाव 5,975 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 75 रुपये तेज होकर 5,925 से 5,950 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन में चना के भाव 75 रुपये बढ़कर 5,875 से 5,900 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 75 रुपये तेज होकर 5,825 से 5,850 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 75 रुपये बढ़कर 5,800 से 5,825 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

लातूर मंडी में चमकी मूंग के दाम 6,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,100 से 8,850 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में मीडियम मूंग के दाम 7,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

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