स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली से सरसों के दाम कमजोर
नई दिल्ली। स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली से घरेलू बाजार में शनिवार को लगातार चार दिनों की तेजी के बाद सरसों की कीमतों में नरमी दर्ज की गई। जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव में 25 रुपये की गिरावट आकर दाम 5,600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान सरसों की दैनिक आवक बढ़कर 14.50 लाख बोरियों की हुई।
विश्व बाजार में सप्ताहांत में खाद्वय तेलों की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा था। हालांकि जानकारों का मानना है कि विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में अभी ज्यादा मंदा आने के आसार नहीं है। अत: घरेलू बाजार में सरसों तेल की कीमतों में लगातार चार दिनों की तेजी के बाद दाम स्थिर से कमजोर हुए है, लेकिन बड़ी गिरावट के आसार कम है। इस दौरान सरसों खल के भाव भी नरम हुए।
उत्पादक मंडियों में शनिवार को भी सरसों की दैनिक आवकों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। उत्पादक राज्यों में मौसम साफ है, इसलिए सरसों की दैनिक आवकों का दबाव अभी बना रहेगा। चालू रबी में सरसों का उत्पादन अनुमान ज्यादा है तथा किसान माल नहीं रोक रहे हैं। दैनिक आवकों का देखते हुए तेल मिलें भी केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं। खपत का सीजन होने के कारण सरसों तेल में मांग अभी बनी रहेगी।
पाम के उत्पादन में कमी की आशंका
मलेशिया और इंडोनेशिया में पाम उत्पादों के उत्पादन में कमी आने की आशंका है, जबकि मार्च में निर्यात में बढ़ोतरी होने का अनुमान है। ऐसे में पाम उत्पादों की कीमतों में आगे फिर सुधार आने के आसार है।
इंटरटेक टेस्टिंग सर्विसेज के अनुसार 1-15 मार्च के दौरान मलेशियाई पाम तेल उत्पादों का निर्यात 3.3 फीसदी बढ़कर 580,330 टन का हुआ। उधर एमस्पेक एग्री मलेशिया के अनुसार 1-15 मार्च के दौरान पाम तेल उत्पादों का निर्यात पिछले महीने की समान अवधि की तुलना में 8.4 फीसदी बढ़कर 542,973 टन का हुआ।
सरसों तेल स्थिर से कमजोर
जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी और एक्सपेलर की कीमतों में शनिवार को लगातार चार दिनों की तेजी के बाद गिरावट दर्ज की गई। कच्ची घानी सरसों तेल के भाव 3 रुपये तेज होकर दाम 1,062 रुपये प्रति 10 किलो रह गए, जबकि सरसों एक्सपेलर तेल के दाम भी 3 घटकर भाव 1,052 रुपये प्रति 10 किलो हो गए। इस दौरान गंगापुर में सरसों तेल कच्ची घानी के दाम 1,050 से 1,052 रुपये प्रति 10 किलो पर स्थिर हो गए। भरतपुर में सरसों तेल कच्ची घानी के दाम 1,060 से 1,065 रुपये प्रति 10 किलो बोले गए।
विश्व बाजार में सप्ताहांत में खाद्वय तेलों की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा था। हालांकि जानकारों का मानना है कि विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में अभी ज्यादा मंदा आने के आसार नहीं है। अत: घरेलू बाजार में सरसों तेल की कीमतों में लगातार चार दिनों की तेजी के बाद दाम स्थिर से कमजोर हुए है
सरसों खल में मिलाजुला रुख, डीओसी स्थिर
जयपुर में शनिवार को सरसों खल की कीमतें 15 रुपये कमजोर होकर 2,525 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। इस दौरान गंगापुर में सरसों खल के भाव 2,620 रुपये प्रति क्विंटल स्थिर हो गए। नीमच मंडी में सरसों खल की कीमतें बढ़कर 2,570 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।
निर्यातकों के साथ ही स्थानीय मांग सीमित होने से डीओसी के दाम स्थिर हुए। कोटा में सरसों डीओसी के बिल्टी भाव 21,500 रुपये प्रति टन पर स्थिर हो गए। इस दौरान मुरैना में सरसों डीओसी के बिल्टी दाम 21,200 रुपये प्रति टन बोले गए। कानपुर में सरसों डीओसी के बिल्टी भाव 21,500 रुपये प्रति टन पर स्थिर हो गए।
ग्राहकी सीमित बनी रहने से सरसों खल की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा। व्यापारियों के अनुसार घरेलू बाजार में सरसों के दाम नरम हुए हैं। सरसों खल में खपत राज्यों की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि उत्पादक राज्यों में नई सरसों की दैनिक आवक लगातार बढ़ रही है। चालू सीजन में सरसों का उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है इसलिए इसके भाव में अभी एकतरफा बड़ी तेजी के आसार नहीं है।
बढ़े दाम पर निर्यातकों के साथ ही स्थानीय मांग सीमित से डीओसी की कीमतें स्थिर हो गई। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक राज्यों में सरसों की दैनिक आवक बढ़ रही है तथा किसान माल रोक नहीं रहे हैं, जबकि उत्पादन अनुमान ज्यादा है। ऐसे में डीओसी के भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।
सरसों की दैनिक आवक ज्यादा
देशभर की मंडियों में सरसों की दैनिक आवक बढ़कर 14.50 लाख बोरियों की हुई, जबकि पिछले कारोबारी दिवस में आवक 14.25 लाख बोरियों की ही हुई थी। कुल आवकों में से प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान की मंडियों में नई सरसों की 7.50 लाख बोरी, जबकि मध्य प्रदेश की मंडियों में 1.80 लाख बोरी, उत्तर प्रदेश की मंडियों में 1.85 लाख बोरी, पंजाब एवं हरियाणा की मंडियों में 85 हजार बोरी तथा गुजरात में 65 हजार बोरी, एवं अन्य राज्यों की मंडियों में 1.85 लाख बोरियों की आवक हुई।
विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में सप्ताहांत में मिलाजुला रुख रहा था, जबकि घरेलू बाजार में कॉटन वॉश की कीमतें स्थिर से कमजोर हो गई। धुले में कॉटन वॉश के दाम 950 रुपये प्रति 10 किलो पर स्थिर हो गए। इस दौरान गोंडल में एक्स मिल कॉटन वॉश के भाव कमजोर होकर 990 रुपये प्रति 10 किलो रह गए। राजकोट में कॉटन वॉश की कीमतें तेज होकर 960 रुपये प्रति दस किलो के स्तर पर पहुंच गई।
तेल मिलों की मांग घटने से बिनौले के भाव उत्तर भारत के राज्यों में नरम हुए। हरियाणा में बिनौले के भाव 50 रुपये घटकर दाम 2350 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान श्रीगंगानगर लाइन में बिनौला के भाव 50 रुपये कमजोर होकर 2350 से 2700 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। बिनौला के दाम पंजाब में 50 रुपये घटकर 2350 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
ग्राहकी कमजोर होने से कपास खली की कीमतों में तीसरे दिन मंदा आया। सेलु में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली की कीमतें 30 रुपये घटकर दाम 2,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। इस दौरान भोकर में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली के दाम 20 रुपये घटकर 2,880 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। शाहपुर में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली के दाम 30 रुपये कमजोर होकर 2,900 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
तेल मिलों की खरीद कमजोर होने से बिनौला के भाव में उत्तर भारत के राज्यों में दूसरे दिन नरम हुए। उधर विश्व बाजार में सप्ताहांत में खाद्वय तेलों में मिलाजुला रुख रहा था। हालांकि घरेलू मंडियों में कपास की दैनिक आवक आगामी दिनों में और घटेगी, तथा घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में तेजी, मंदी काफी हद तक आयातित खाद्वय तेलों की कीमतों पर ही निर्भर करेगी।
खपत राज्यों की मांग कमजोर होने से कपास खली की कीमतें तीसरे दिन भी नरम हुई। व्यापारियों के अनुसार तेल मिलों को नीचे दाम पर पड़ते नहीं लग रहे, इसलिए मिलें बिकवाली तो कम कर रही है लेकिन इसमें ग्राहकी भी सामान्य की तुलना में कमजोर है। उत्पादक राज्यों में कपास की दैनिक आवक पहले की तुलना में हुई है, इसलिए इसके भाव में सीमित तेजी, मंदी बनी रहने के आसार हैं।