तेल मिलों की खरीद बनी रहने से लगातार चौथे दिन सरसों तेज
नई दिल्ली। तेल मिलों की मांग बनी रहने से घरेलू बाजार में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन सरसों की कीमतों में तेजी जारी रही। जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव 50 रुपये की तेजी आकर दाम 5,625 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान सरसों की दैनिक आवक बढ़कर 14.25 लाख बोरियों की हुई।
विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में आज मिलाजुला रुख रहा। मलेशियाई पाम तेल के भाव में हल्की नरमी दर्ज की गई, जबकि शिकागो में सोया तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी। जानकारों के अनुसार विश्व बाजार में खाद्वय तेलों में मुनाफावसूली से नरम आई है, लेकिन बड़ी गिरावट के आसार नहीं है। घरेलू बाजार में सरसों तेल की कीमतें स्थिर से तेज हुई, जबकि इस दौरान सरसों खल के भाव तेज हुए।
उत्पादक मंडियों में शुक्रवार को सरसों की दैनिक आवकों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। उत्पादक राज्यों में मौसम साफ है, इसलिए सरसों की दैनिक आवकों का दबाव अभी बना रहेगा। चालू रबी में सरसों का उत्पादन अनुमान ज्यादा है तथा किसान माल नहीं रोक रहे हैं। दैनिक आवकों का देखते हुए तेल मिलें भी केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं। खपत का सीजन होने के कारण सरसों तेल में मांग अभी बनी रहेगी। हालांकि आयातित खाद्वय तेलों में नरमी आने से भाव में हल्का मंदा आ सकता है।
सरसों तेल स्थिर से तेज
जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी और एक्सपेलर की कीमतों में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन तेजी दर्ज की गई। कच्ची घानी सरसों तेल के भाव 4 रुपये तेज होकर दाम 1,065 रुपये प्रति 10 किलो हो गए, जबकि सरसों एक्सपेलर तेल के दाम भी 4 बढ़कर भाव 1,055 रुपये प्रति 10 किलो हो गए। इस दौरान गंगापुर में सरसों तेल कच्ची घानी के दाम 1,050 से 1,052 रुपये प्रति 10 किलो पर स्थिर हो गए। भरतपुर में सरसों तेल कच्ची घानी के दाम 1,060 से 1,065 रुपये प्रति 10 किलो बोले गए।
विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में आज मिलाजुला रुख रहा। मलेशियाई पाम तेल के भाव में हल्की नरमी दर्ज की गई, जबकि शिकागो में सोया तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी। जानकारों के अनुसार विश्व बाजार में खाद्वय तेलों में मुनाफावसूली से नरम आई है, लेकिन बड़ी गिरावट के आसार नहीं है। घरेलू बाजार में सरसों तेल की कीमतें स्थिर से तेज हुई।
विश्व बाजार में खाद्वय तेलों में मिलाजुला रुख
बर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (बीएमडी) पर मई डिलीवरी वायदा अनुबंध में पाम तेल की कीमतें 2 रिंगिट यानी की 0.05 फीसदी कमजोर होकर 4,293 रिंगिट प्रति टन पर बंद हुई। इसके भाव में सप्ताहिक आधार पर सक्रिय अनुबंध में 4.86 फीसदी की वृद्धि हुई।
इस दौरान शिकागो में सीबीओटी सोया तेल की कीमतें 0.83 फीसदी कमजोर हुई। डालियान के सबसे सक्रिय सोया तेल वायदा अनुबंध में 0.62 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि इसके पाम तेल वायदा अनुबंध में 0.47 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
शुक्रवार को मलेशियाई एक्सचेंज में पाम तेल की कीमतों में हल्की नरमी आई, लेकिन प्रतिकूल मौसम की चिंता के कारण उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका से लगातार चौथी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई।
मलेशियाई रिंगिट में डॉलर के मुकाबले 0.38 फीसदी की गिरावट आई, जिससे आयातकों के लिए पाम तेल के आयात सौदे महंगे हुए।
कार्गो सर्वेक्षक इंटरटेक टेस्टिंग सर्विसेज ने शुक्रवार को कहा कि 1-15 मार्च के दौरान मलेशियाई पाम तेल उत्पादों का निर्यात 3.3 फीसदी बढ़कर 580,330 टन हो गया, जबकि पिछले महीने की समान अवधि के दौरान इसका निर्यात 561,614 टन का हुआ था।
एमस्पेक एग्री मलेशिया के अनुसार 1-15 मार्च के दौरान पाम तेल उत्पादों का निर्यात पिछले महीने की समान अवधि की तुलना में 8.4 फीसदी बढ़कर 542,973 टन का हो गया।
सरसों खल एवं डीओसी तेज
जयपुर में शुक्रवार को सरसों खल की कीमतें 35 रुपये बढ़कर 2,540 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। इस दौरान गंगापुर में सरसों खल के भाव तेज होकर 2,620 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। नीमच मंडी में सरसों खल की कीमतें बढ़कर 2,550 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।
निर्यातकों के साथ ही स्थानीय मांग बढ़ने से डीओसी के दाम तेज हुए। कोटा में सरसों डीओसी के बिल्टी भाव 500 रुपये बढ़कर 21,500 रुपये प्रति टन हो गए। इस दौरान मुरैना में सरसों डीओसी के बिल्टी दाम 300 रुपये तेज होकर 21,200 रुपये प्रति टन बोले गए। कानपुर में सरसों डीओसी के बिल्टी भाव 500 रुपये बढ़कर 21,500 रुपये प्रति टन हो गए।
तेल मिलों की बिक्री कमजोर होने से सरसों खल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी आई। व्यापारियों के अनुसार घरेलू बाजार में सरसों के दाम तेज हुए हैं, इसलिए खल की कीमतों में सुधार आया है। हालांकि सरसों खल में खपत राज्यों की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है, जबकि उत्पादक राज्यों में नई सरसों की दैनिक आवक लगातार बढ़ रही है। चालू सीजन में सरसों का उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है इसलिए इसके भाव में अभी एकतरफा बड़ी तेजी के आसार नहीं है।
निर्यातकों के साथ ही स्थानीय मांग बढ़ने से डीओसी की कीमतें तेज हुई हैं। व्यापारियों के अनुसार डीओसी की कीमतों में तेजी आई है, लेकिन उत्पादक राज्यों में सरसों की दैनिक आवक बढ़ रही है तथा किसान माल रोक नहीं रहे हैं, जबकि उत्पादन अनुमान ज्यादा है। ऐसे में डीओसी के भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।
सरसों की दैनिक आवक ज्यादा
देशभर की मंडियों में सरसों की दैनिक आवक बढ़कर 14.25 लाख बोरियों की हुई, जबकि पिछले कारोबारी दिवस में आवक 13.50 लाख बोरियों की ही हुई थी। कुल आवकों में से प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान की मंडियों में नई सरसों की 7.25 लाख बोरी, जबकि मध्य प्रदेश की मंडियों में 1.80 लाख बोरी, उत्तर प्रदेश की मंडियों में 1.85 लाख बोरी, पंजाब एवं हरियाणा की मंडियों में 85 हजार बोरी तथा गुजरात में 65 हजार बोरी, एवं अन्य राज्यों की मंडियों में 1.85 लाख बोरियों की आवक हुई।
कॉटन वॉश की कीमतें स्थिर से कमजोर
विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में आज मिलाजुला रुख रहा, जबकि घरेलू बाजार में कॉटन वॉश की कीमतें स्थिर से कमजोर हो गई। धुले में कॉटन वॉश के दाम 950 रुपये प्रति 10 किलो पर स्थिर हो गए। इस दौरान अकोला में कॉटन वॉश के भाव 945 रुपये प्रति 10 किलो पर स्थिर हो गए। अमरावती में कॉटन वॉश की कीमतें 5 रुपये घटकर 945 रुपये प्रति दस किलो के स्तर पर आ गई।
विदेशी बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में आज मिलाजुला रुख रहा। मलेशियाई पाम तेल के भाव में हल्की नरमी दर्ज की गई, जबकि शिकागो में सोया तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी। डालियान वायदा अनुबंध में खाद्वय तेल तेज हुए। जानकारों के अनुसार विश्व बाजार में खाद्वय तेलों में मुनाफावसूली से नरम आई है, लेकिन बड़ी गिरावट के आसार नहीं है। घरेलू बाजार में कॉटन वॉश की कीमतों में हल्की नरमी आ सकती है।
बिनौला के साथ कपास खली मंदी
तेल मिलों की मांग घटने से बिनौले के भाव उत्तर भारत के राज्यों में नरम हुए। हरियाणा में बिनौले के भाव 50 रुपये घटकर दाम 2350 से 2650 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान श्रीगंगानगर लाइन में बिनौला के भाव 50 रुपये कमजोर होकर 2350 से 2750 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। बिनौला के दाम पंजाब में 50 रुपये घटकर 2350 से 2650 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
ग्राहकी कमजोर होने से कपास खली की कीमतों में दूसरे दिन मंदा आया। सेलु में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली की कीमतें 20 रुपये घटकर दाम 2,930 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। इस दौरान भोकर में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली के दाम 20 रुपये घटकर 2,900 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। शाहपुर में रेगुलर क्वालिटी की कपास खली के दाम 20 रुपये कमजोर होकर 2,930 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
तेल मिलों की खरीद कमजोर होने से बिनौला के भाव में उत्तर भारत के राज्यों में नरम हुए। उधर विश्व बाजार में आज खाद्वय तेलों में मिलाजुला रुख रहा। घरेलू मंडियों में कपास की दैनिक आवक आगामी दिनों में और घटेगी, तथा घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में तेजी, मंदी काफी हद तक आयातित खाद्वय तेलों की कीमतों पर ही निर्भर करेगी।
खपत राज्यों की मांग कमजोर होने से कपास खली की कीमतें दूसरे दिन भी नरम हुई। व्यापारियों के अनुसार तेल मिलों को नीचे दाम पर पड़ते नहीं लग रहे, इसलिए मिलें बिकवाली तो कम कर रही है लेकिन इसमें ग्राहकी भी सामान्य की तुलना में कमजोर है। उत्पादक राज्यों में कपास की दैनिक आवक पहले की तुलना में हुई है, इसलिए इसके भाव में सीमित तेजी, मंदी बनी रहने के आसार हैं।