भारत की रिफाइनरीज ने पिछले महीनों में एक्स्ट्रा इंपोर्ट से अपनी अंगुली जलाई है।
उन्हें यकीन था कि साउथ अमेरिका की बड़ी फसलें तेजी में रुकावट रहेंगी, मार्केट में दवाब रहेगा।
तेल फंड्स ब्राजील की फसल को बड़ा नुकसान चिल्ला रहे थे मगर अर्जेंटीना की दोगुनी फसल ने फंड्स पर CHECK रखा।
भारत में कम इंपोर्ट, पाइपलाइन और पोर्ट के कम होते रहे स्टॉक ने अपना असर दिखाया, तेजी चाहे देर से ही शुरुहुई। ट्रेड को पोर्ट और पाइपलाइन की कम हो रही सप्लाई का अंदाजा भी नहीं था।

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