फरवरी महीने में कॉटन रिफाइंड ने अब ज्यादा तेजी की थी, मार्च में दौड़ने की रफ्तार धीमी है।
इस सीजन कॉटन वाश का उत्पादन पिछले साल से 25 फीसदी घटने पर भी सभी तेलों में कॉटन रिफाइंड सभी तेलों में आता था। सोया रिफाइंड से 3 रुपए किलो नीचे, ओलीन से 3 रुपए किलो ऊपर था।
अब कॉटन और सोया रिफाइंड एक भाव है तो कंज्यूमर को अपनी पसंद का तेल चूस करने का मौका मिला है।
ओलिन इस महीने 4 से 5 रुपए किलो तेज हुआ है, सोया रिफाइंड 3 रुपए किलो आगे बढ़ा है तो कॉटन रिफाइंड में सोया से आधी ही तेजी आई है।