ग्राहकी बनी रहने से आयातित अरहर एवं उड़द तथा देसी मसूर महंगी, चना एवं मूंग में गिरावट

नई दिल्ली। दाल मिलों की ग्राहकी बनी रहने से घरेलू बाजार में मंगलवार को आयातित अरहर एवं उड़द के साथ ही देसी मसूर की कीमतों में तेजी आई, जबकि चना एवं मूंग के दाम कमजोर हो गए।

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चेन्नई में बर्मा की उड़द एफएक्यू और एसक्यू के भाव पांच से दस डॉलर तेज हुए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें 50 डॉलर तेज हो गई। उड़द एफएक्यू के भाव मार्च शिपमेंट के पांच डॉलर तेज होकर दाम 1,025 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 10 डॉलर बढ़कर 1,100 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 30 डॉलर बढ़कर 1,305 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए।

चेन्नई में उड़द की कीमतें डॉलर में लगातार दूसरे दिन तेज हुई, जिस कारण घरेलू बाजार में आयातित की कीमतों में सुधार आया, तथा देसी के दाम स्थिर बने रहे। व्यापारियों के अनुसार आयात पड़ते महंगे होने के कारण आयातक उड़द के दाम तेज कर रहे हैं, इसलिए इसकी कीमतों में हल्का सुधार और भी आ सकता है। हालांकि बड़ी तेजी टिक नहीं पाएगी, सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें उड़द की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही हैं, क्योंकि उड़द दाल में बढ़ी हुई कीमतों में खुदरा एवं थोक मांग भी नहीं बढ़ पा रही। वैसे भी महाशिवरात्रि के बाद तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में नई उड़द की आवक बढ़ेगी। उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग भी सामान्य की तुलना में कमजोर है।

घरेलू बाजार में आयातित अरहर की कीमतों में तेजी आई, क्योंकि चेन्नई में लेमन के दाम डॉलर में दूसरे दिन भी तेज हुए। व्यापारियों के अनुसार अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, इसलिए इसकी कीमतों में तेजी आई है। स्टॉकिस्टों की सक्रियता के साथ ही आयातकों की बिकवाली कम आने से इसकी कीमतों में हल्की तेजी तो बन सकती है, लेकिन बढ़े दाम पर दाल मिलों की मांग सामान्य की तुलना में कम हुई है। वैसे भी सरकार लगातार दलहन की कीमतों की लगातार समीक्षा कर रही है। घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक अभी बनी रहेगी, जबकि म्यांमार से लेमन अरहर का आयात आगामी दिनों में बढ़ेगा। ऐसे में इसके भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने का अनुमान है।

दिल्ली में चना की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई है। व्यापारियों के अनुसार स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली से इसके दाम कमजोर हुए हैं, वैसे भी उत्पादक राज्यों में मौसम साफ रहा तो आगामी दिनों में नए चना की आवक बढ़ेगी। उत्पादक मंडियों में चना के दाम समर्थन मूल्य से तेज हैं, तथा बढ़े दाम पर मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। इसलिए चना की कीमतों में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार अभी नहीं करना चाहिए। हालांकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है, लेकिन एक बार आवकों का दबाव बनने पर कीमतों में मंदा आयेगा। वैसे भी केंद्र सरकार ने चना का एमएसपी 5,440 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। खपत का सीजन होने के कारण चना दाल एवं बेसन की मांग अभी बनी रहेगी, जबकि उत्पादक राज्यों में अच्छी क्वालिटी का पुराना स्टॉक सीमित मात्रा में ही बचा हुआ है।

मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,225 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के दाम 4,125 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,225 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम तेज हुए हैं, लेकिन आयातित की कीमतें बंदरगाह पर स्थिर हो गई। व्यापारियों के अनुसार मौसम साफ रहा तो उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में नई मसूर की आवक बढ़ेगी। माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में होली के बाद नई मसूर की आवकों का दबाव बनेगा, तथा चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए इसके भाव में बड़ी तेजी के आसार नहीं है। हालांकि आयातकों के पास उंचे भाव का स्टॉक है, इसलिए आयातक दाम घटाना नहीं चाहते। उत्पादक मंडियों में पुरानी देसी मसूर की स्टॉक सीमित मात्रा में ही बचा हुआ है।

मूंग की कीमतें दिल्ली में कमजोर हुई है, जबकि उत्पादक राज्यों में इसके दाम स्थिर बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, साथ ही रबी सीजन में इसकी बुआई पिछले साल की तुलना में कम हुई थी। हालांकि उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में नई मूंग की दैनिक आवक बढ़ेगी, तथा होली के बाद अच्छी आवक हो जायेगी। इसलिए मौजूदा कीमतों में अब ज्यादा तेजी के आसार नहीं है। समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।

चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 150 रुपये तेज होकर 9,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 200 रुपये बढ़कर 8,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 175 रुपये तेज होकर 8,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में एसक्यू उड़द के दाम 9,850 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 8,850 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,000 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में लेमन अरहर के दाम फसल सीजन 2024 के 100 रुपये तेज होकर 10,450 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

देसी अरहर की कीमतें रायपुर और नागपुर और लातूर में तेज हुई, जबकि अन्य मंडियों में इसके दाम स्थिर बने रहे।

मुंबई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये बढ़कर 10,550 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें तेज हुई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 100 रुपये बढ़कर दाम 10,200 से 10,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 9,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। मतवारा अरहर के भाव 25 रुपये तेज होकर दाम 9,050 से 9,150 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। सफेद अरहर की कीमतें 50 रुपये बढ़कर 9,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये तेज होकर दाम 6,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,000 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई। मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के दाम 5,825 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजीरा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के भाव 5,925 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 50 रुपये कमजोर होकर भाव 6,200 से 6,225 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन में चना के भाव 75 रुपये घटकर 6,125 से 6,150 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

दिल्ली में राजस्थान लाईन की मूंग के दाम 100 रुपये घटकर भाव 8,900 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 7,800 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में मीडियम मूंग के दाम 7,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

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