आयात पड़ते महंगे होने से अरहर एवं उड़द के साथ मसूर की कीमतें बढ़ी, चना मंदा

नई दिल्ली। आयात पड़ते महंगे होने के साथ ही दाल मिलों की मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में सोमवार को लेमन एवं देसी अरहर के साथ उड़द तथा मसूर की कीमतों में तेजी आई, जबकि बढ़े दाम पर मुनाफावसूली आने से चना के दाम नरम हो गए। इस दौरान मूंग की कीमतें स्थिर बनी रही।

चेन्नई में बर्मा की उड़द एफएक्यू और एसक्यू के भाव पांच से दस डॉलर तेज हुए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें पांच डॉलर तेज हो गई। उड़द एफएक्यू के भाव मार्च शिपमेंट के दस डॉलर तेज होकर दाम 1,020 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव पांच डॉलर बढ़कर 1,090 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम पांच डॉलर बढ़कर 1,275 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए।

चेन्नई बंदरगाह पर बर्मा से दो जहाज उड़द एवं अरहर लेकर आ रहे हैं, जोकि पांच और छह मार्च को पहुंच सकते हैं।

व्यापारियों के अनुसार मार्च क्लोजिंग के कारण चालू महीने में दलहन में व्यापारी सीमित बना रहने की उम्मीद है।

चेन्नई में उड़द की कीमतें डॉलर में तेज हुई, जिस कारण घरेलू बाजार में इसके भाव में हल्का सुधार आया। व्यापारियों के अनुसार सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें उड़द की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही हैं, क्योंकि उड़द दाल में बढ़ी हुई कीमतों में खुदरा एवं थोक मांग भी नहीं बढ़ पा रही। उधर कृष्णा जिले में नई उड़द की आवक पहले की तुलना में बढ़ी है, साथ ही उड़ीसा की में भी नई उड़द की आवक बढ़ रही है। महाशिवरात्रि के बाद तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में नई उड़द की आवक बढ़ेगी। उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग भी सामान्य की तुलना में कमजोर है। इसलिए इसकी कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है। हालांकि उड़द के आयात पड़ते अभी भी महंगे हैं, इसलिए आयातक जरूर दाम तेज करना चाहते हैं, अत: भाव बढ़े दाम पर मुनाफावसूली करनी चाहिए।

घरेलू बाजार में लेमन के साथ ही देसी अरहर की कीमतों में सुधार आया, जबकि अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर के दाम स्थिर हो गए। उधर चेन्नई में लेमन के दाम डॉलर में तेज हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, इसलिए आयातक दाम तेज कर रहे हैं। इसलिए मौजूदा कीमतों में हल्की तेजी आ सकता है। हालांकि बढ़े दाम पर दाल मिलों की मांग नहीं बढ़ पा रही है, क्योंकि केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की लगातार समीक्षा कर रही है। घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक अभी बनी रहेगी, जबकि म्यांमार से लेमन अरहर का आयात आगामी दिनों में बढ़ेगा। ऐसे में इसके भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है, साथ ही आयात पड़ते भी महंगे हैं।

दिल्ली में चना की कीमतों में हल्की नरमी आई है। सप्ताह भर में इसके दाम 200 रुपये तेज हुए थे, अत: बढ़े दाम पर स्टॉकिस्टों की मुनाफावसूली से भाव घटे हैं। जानकारों के अनुसार उत्पादक राज्यों में मौसम साफ रहा तो आगामी दिनों में नए चना की आवक बढ़ेगी। उत्पादक मंडियों में चना के दाम समर्थन मूल्य से तेज हैं, तथा बढ़े दाम पर मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। इसलिए चना की कीमतों में बड़ी तेजी मानकर व्यापार अभी नहीं करना चाहिए। हालांकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है, लेकिन एक बार आवकों का दबाव बनने पर कीमतों में मंदा आयेगा। वैसे भी केंद्र सरकार ने चना का एमएसपी 5,440 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। खपत का सीजन होने के कारण चना दाल एवं बेसन की मांग अभी बनी रहेगी, जबकि उत्पादक राज्यों में अच्छी क्वालिटी का पुराना स्टॉक सीमित मात्रा में ही बचा हुआ है।

मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 25 रुपये तेज होकर दाम 4,225 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के दाम 4,100 से 4,125 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 50 रुपये तेज होकर दाम 4,225 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में देसी मसूर के साथ ही आयातित के दाम बंदरगाह पर तेज हो गए। व्यापारियों के अनुसार हाल ही मौसम खराब से नई मसूर की आवक कई क्षेत्रों में प्रभावित हुई है, इसलिए भाव में सुधार आया है लेकिन बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है। मौसम अब साफ हो जाएगा, ऐसे में मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में नई मसूर की आवक आगामी दिनों में बढ़ेगी। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। हालांकि आयातकों के पास उंचे भाव का स्टॉक है, इसलिए आयातक दाम घटाना नहीं चाहते। उधर उत्पादक मंडियों में पुरानी देसी मसूर की आवक सीमित मात्रा में ही हो रही है।

मूंग की कीमतें स्थिर हो गई। व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, साथ ही रबी सीजन में इसकी बुआई पिछले साल की तुलना में घटी है। हालांकि उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में नई मूंग की दैनिक आवक बढ़ेगी, तथा होली के बाद अच्छी आवक हो जायेगी। इसलिए मौजूदा कीमतों में अब ज्यादा तेजी के आसार नहीं है। समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।

चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 9,325 से 9,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 50 रुपये बढ़कर 8,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 25 रुपये तेज होकर 8,525 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में एसक्यू उड़द के दाम 50 रुपये बढ़कर 9,900 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 50 रुपये तेज होकर 8,900 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,000 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में लेमन अरहर के दाम फसल सीजन 2024 के 100 रुपये तेज होकर 10,450 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

देसी अरहर की कीमतें कानपुर और कटनी में तेज हुई, जबकि अन्य मंडियों में इसके दाम स्थिर बने रहे।

मुंबई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 150 रुपये बढ़कर 10,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर बनी रही। सूडान से आयातित अरहर के दाम 10,100 से 10,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 9,250 रुपये प्रति क्विंटल बोले हो गए। मतवारा अरहर के भाव 9,025 से 9,125 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। सफेद अरहर की कीमतें 9,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये तेज होकर दाम 6,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 100 रुपये तेज होकर दाम 6,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 100 रुपये बढ़कर 6,000 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई। मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के दाम 100 रुपये तेज होकर 5,825 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान हजीरा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के भाव 125 रुपये तेज होकर 5,925 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 25 रुपये कमजोर होकर भाव 6,250 से 6,275 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन में चना के भाव 25 रुपये घटकर 6,200 से 6,225 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

दिल्ली में राजस्थान लाईन की मूंग के दाम 9,000 से 9,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 7,800 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में मीडियम मूंग के दाम 7,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

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