उत्पादक राज्यों में प्रतिकूल मौसम से चना, मसूर तथा मूंग के साथ अरहर एवं उड़द में तेजी
नई दिल्ली। दलहन के अधिकांश उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि के साथ ही दाल मिलों की मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में शनिवार को अरहर एवं उड़द के साथ ही मसूर तथा मूंग एवं चना की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश और बर्फबारी हुई। पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ीं। उत्तर प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के मध्य भागों में हल्की बारिश हुई। मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट हल्की वर्षा हुई।
चेन्नई में बर्मा की उड़द एफएक्यू और एसक्यू के भाव स्थिर हो गए। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतें भी रुक गई। उड़द एफएक्यू के भाव मार्च शिपमेंट के 1,010 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 1,085 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,255 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में उड़द की कीमतें डॉलर में स्थिर हो गई, जबकि घरेलू बाजार में इसके भाव स्थिर से तेज हुए। व्यापारियों के अनुसार सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें उड़द की खरीद केवल जरुरत के हिसाब से ही कर रही हैं, क्योंकि उड़द दाल में बढ़ी हुई कीमतों में खुदरा एवं थोक मांग भी नहीं बढ़ पा रही। उधर कृष्णा जिले में नई उड़द की आवक पहले की तुलना में बढ़ी है, साथ ही उड़ीसा की में भी नई उड़द की आवक बढ़ रही है। महाशिवरात्रि के बाद तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में नई उड़द की आवक बढ़ेगी। उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग भी सामान्य की तुलना में कमजोर है। इसलिए इसकी कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार नहीं है। हालांकि उड़द के आयात पड़ते अभी भी महंगे हैं, इसलिए आयातक जरूर दाम तेज करना चाहते हैं, अत: भाव तेज होने पर मुनाफावसूली करते रहना चाहिए।
घरेलू बाजार में अरहर की कीमतों में तेजी का रुख देखा गया। उधर चेन्नई में लेमन के दाम डॉलर में स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, इसलिए आयातक दाम तेज कर रहे हैं। इसलिए मौजूदा कीमतों में हल्की तेजी आ सकता है। हालांकि बढ़े दाम पर दाल मिलों की मांग नहीं बढ़ पा रही है, क्योंकि केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की लगातार समीक्षा कर रही है। घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक अभी बनी रहेगी, जबकि म्यांमार से लेमन अरहर का आयात आगामी दिनों में बढ़ेगा। ऐसे में इसके भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है, साथ ही आयात पड़ते भी महंगे हैं, इसलिए मौजूदा कीमतों में अभी तेजी, मंदी बनी रहने का अनुमान है।
दिल्ली में चना की कीमतों में लगातार पांचवे दिन भी तेजी दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक राज्यों में प्रतिकूल मौसम का असर नई फसल की आवक पर पड़ेगा। इसलिए दाम तेज बने हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के बाद मौसम साफ हो जायेगी, इसलिए इसके भाव में हल्की तेजी बन सकती है। जानकारों के अनुसार नई फसल को देखते हुए दाल मिलें भी जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं तथा मौसम साफ होने के बाद नए चना की आवक बढ़ेगी। हालांकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है, लेकिन एक बार आवकों का दबाव बनने पर कीमतों में और भी मंदा आयेगा। वैसे भी केंद्र सरकार ने चना का एमएसपी 5,440 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। खपत का सीजन होने के कारण चना दाल एवं बेसन की मांग अभी बनी रहेगी, जबकि उत्पादक राज्यों में अच्छी क्वालिटी का पुराना स्टॉक सीमित मात्रा में ही बचा हुआ है।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के दाम 4,100 से 4,125 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,150 से 4,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम तेज बने हुए हैं, जबकि आयातित के दाम बंदरगाह पर स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार मौसम खराब होने से नई मसूर की आवक कई क्षेत्रों में प्रभावित हुई है। हालांकि अगले सप्ताह से मौसम साफ हो जायेगा, ऐसे में मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में नई मसूर की आवक होली के बाद बढ़ेगी। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए इसके भाव में हल्की तेजी, मंदी बनी रह सकती। वैसे भी आयातकों के पास उंचे भाव का स्टॉक है, इसलिए आयातक दाम घटाना नहीं चाहते। उधर उत्पादक मंडियों में पुरानी देसी मसूर की आवक सीमित मात्रा में ही हो रही है।
देसी मूंग की कीमतों में तेजी आई है। व्यापारियों के अनुसार खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में मांग अभी बनी रहेगी, साथ ही रबी सीजन में इसकी बुआई पिछले साल की तुलना में घटी है। हालांकि उत्पादक राज्यों में आगामी दिनों में नई मूंग की दैनिक आवक बढ़ेगी, तथा होली के बाद अच्छी आवक हो जायेगी। इसलिए मौजूदा कीमतों में अब ज्यादा तेजी के आसार नहीं है। समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 9,325 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 50 रुपये घटकर 8,450 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 8,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द के दाम 9,850 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान एफएक्यू के दाम 25 रुपये तेज होकर 8,875 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,000 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम फसल सीजन 2024 के 10,250 से 10,350 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
देसी अरहर की कीमतें इंदौर, कानपुर, नागपुर और अकोला में तेज हुई, जबकि कटनी और रायपुर में इसके दाम स्थिर बने रहे।
मुंबई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में बढ़कर 10,250 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें तेज हुई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 100 रुपये बढ़कर 10,100 से 10,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 50 रुपये तेज होकर 9,250 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। मतवारा अरहर के भाव 25 रुपये बढ़कर दाम 9,025 से 9,125 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। सफेद अरहर की कीमतें 50 रुपये बढ़कर 9,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 125 रुपये तेज होकर दाम 6,150 से 6,175 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 5,900 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई। मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के दाम 25 रुपये घटकर 5,725 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान हजीरा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के भाव 5,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 50 रुपये तेज होकर भाव 6,275 से 6,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन में चना के भाव 50 रुपये बढ़कर 6,225 से 6,250 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
दिल्ली में राजस्थान लाईन की मूंग के दाम 100 रुपये बढ़कर 9,000 से 9,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 200 रुपये बढ़कर 7,800 से 8,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इंदौर में मीडियम मूंग के दाम 7,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।