भारत की तेल रिफाइनरीज ने बड़ी देरी के बाद समझा की ट्रेड में मुनाफा इंपोर्ट कम करके ही आ सकता है। फरवरी में बिना इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए मार्केट ने बड़ी तेजी की है।
4 महीने के बाद फरवरी के एडिबल ऑयल इंपोर्ट 10 लाख टन के नीचे आया है। फरवरी का इंपोर्ट जनवरी के 11.89 लाख टन से 2.20 लाख टन कम हुआ है। नॉर्थ जोन में इंपोर्ट 1.50 लाख टन कम हुआ तो तेज़ी की शुरुआत भी नॉर्थ जोन से ही हुई।
फरवरी में पाम ऑयल इंपोर्ट जनवरी के 7.85 लाख टन से 2.85 लाख टन घटा है। सारी कमी नॉर्थ जोन में ही आई है।