ट्रेड की चर्चा है कि कॉटन ऑयल के तेजी के चांस बनते है-

कॉटन ऑयल अभी सबसे सस्ता तेल है
दूसरे तेलों की तुलना में कॉटन रिफाइंड पिछले साल से अब ज्यादा मंदा है
अब कॉटन रिफाइंड पिछले साल से 15 रुपए किलो सस्ता है
वैसे सोया रिफाइंड भी पिछले साल से 18 रुपए किलो, ओलिन 7 रुपए किलो नीचा है।
इस महीने के सोया और ओलिन में 4से 5 रुपए किलो की तेजी आई है, इस कारण कॉटन रिफाइंड में 5 रुपए किलो की तेजी सही है।
इस सीजन कॉटन की आवक पिछले साल से 50 लाख गांठ 50 फीसदी ज्यादा आई है मगर कॉटन सीड का पिछला स्टॉक नहीं होने से वाश ऑयल उत्पादन 1 लाख टन घटा है। आवक ज्यादा होने से अगले महीनों में कॉटन की आवक कम ही रहेगी।
भारत की कॉटन विदेश से सस्ती है, इस कारण भारत से एक्सपोर्ट बढ़ेगा तो लोकल में सप्लाई कम रहेगी।
इस फैक्टर पर कॉटन ऑयल में तेजी की टोन बनेगी।

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