एग्री जिंसों की दैनिक रिपोर्ट 26 फरवरी 2024

एग्री जिंसों की दैनिक रिपोर्ट 26 फरवरी 2024
चना के साथ अरहर में मंदा, अन्य दालों के भाव स्थिर
गेहूं के भाव तेज, ग्वार गम एवं सीड में नरमी
नई दिल्ली। दिल्ली में चना के दाम लगातार तीसरे कार्यदिवस में 10 रुपये कमजोर हुए है। व्यापारियों के अनुसार उत्पादक राज्यों में मौसम साफ है इसलिए आगामी दिनों में नई फसल की आवक बढ़ेगी। राजस्थान और मध्य प्रदेश में होली के बाद नई फसल की आवक का दबाव बनेगा। इसलिए मिलें इस समय जरूरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं। अत: बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। हालांकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है, तथा मंडियों में अच्छी क्वालिटी का पुराना चना कम है। इसलिए अभी एकतरफा बड़ी गिरावट के आसार भी अभी कम है। दिल्ली में राजस्थान के चना के भाव 10 रुपये घटकर 6,100 से 6,125 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए, जबकि मध्य प्रदेश के चना के दाम 10 रुपये कमजोर होकर 6,050 से 6,075 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। चना की दैनिक आवक 10 से 12 मोटरों की हुई।

राजस्थान लाइन की मोठ के दाम दिल्ली में 50 रुपये घटकर 6,350 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

सोलापुर में अरहर की कीमतें 100 रुपये कमजोर हो गई। व्यापारियों के अनुसार पिछले सप्ताह के अंत में चेन्नई में लेमन अरहर के दाम डॉलर में कमजोर हुए थे। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। वैसे भी अरहर में बढ़े दाम पर मिलों की मांग का समर्थन नहीं मिल पा रहा है। जानकारों के अनुसार बढ़े दाम पर दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही अरहर की खरीद कर रही है। देसी अरहर की आवक उत्पादक मंडियों में अभी बनी रहेगी, साथ ही लेमन अरहर के आयात में भी आगामी दिनों में बढ़ोतरी होगी। नई फसल को देखते हुए मिलर्स भी जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रहे हैं। इसलिए इसके भाव में हल्का सुधार तो आ सकता है, लेकिन बढ़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए सोलापुर मंडी में नई देसी अरहर के भाव 9,500 से 10,300 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

आयातित उड़द की कीमतों में चेन्नई में पिछले सप्ताह मंदा आया था। जानकारों के अनुसार हाजिर बाजार में उड़द दाल में थोक एवं खुदरा में मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है, साथ ही कृष्णा जिले में नई उड़द की आवकों में बढ़ोतरी हुई है। उधर उड़ीसा में भी नई उड़द की आवक हो रही है। केंद्र सरकार की सख्ती से उड़द की खरीद दाम मिलें केवल जरुरत के हिसाब से कर रही रही है। हालांकि खपत का सीजन होने के कारण आगामी दिनों में उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग बढ़ेगी। जानकारों के अनुसार चालू सीजन में उड़द के कुल उत्पादन अनुमान कम होने की आशंका है। इसलिए इसकी कीमतों में अब सीमित तेजी, मंदी बनी रहने का अनुमान है। चेन्नई में उड़द एसक्यू के दाम 1,090 डॉलर और एफएक्यू के दाम 1,010 डॉलर प्रति टन बोले गए।

उत्पादक मंडियों में मूंग के भाव आज भी स्थिर बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार मूंग की कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी हुई है। खपत का सीजन होने के कारण मूंग दाल में खपत राज्यों की मांग अभी बनी रहेगी, तथा खरीफ में मूंग का उत्पादन अनुमान कम हुआ। चालू रबी में बुआई में कमी हुई। वैसे भी उत्पादक राज्यों में मूंग की दैनिक आवक पहले की तुलना में कमी हुई है। हालांकि नेफेड लगातार मूंग बेच रही है। इसलिए मूंग की कीमतों में एकतरफा बढ़ी तेजी, मंदी के आसार नहीं हैं। दिल्ली में राजस्थान लाईन की मूंग के भाव 8,800 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

देसी मसूर के दाम स्थिर हो गए, हालांकि हालांकि बीते सप्ताह इसकी कीमतों में मंदा आया था। व्यापारियों के अनुसार मध्य प्रदेश की मंडियों में नई मसूर की आवक शुरू हो गई है, तथा मौसम साफ रहा तो होली के बाद मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश में नई मसूर की आवकों में बढ़ोतरी होगी। चालू रबी में मसूर के रिकार्ड उत्पादन का अनुमान है। हालांकि बकाया स्टॉक कम होने के कारण पुरानी देसी मसूर की आवक उत्पादक मंडियों में कम हो रही है, जबकि मसूर दाल में खपत राज्यों बिहार, बंगाल एवं असम की मांग बराबर बनी रहने की उम्मीद है। आयातक भी दाम घटाना नहीं चाहते, इसलिए मौजूदा कीमतों में हल्की नरमी और आ सकती है लेकिन अभी बड़ी गिरावट के आसार अभी कम है। दिल्ली में देसी मसूर के दाम 6,025 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

धान के साथ ही बासमती चावल के दाम स्थिर हो गए। व्यापारियों के अनुसार गल्फ फूड में बासमती चावल के निर्यात सौदे अच्छी मात्रा में हुए हैं, इसलिए यहां से चावल की कीमतों में एक बार फिर सुधार बन सकता है। सिरसा मंडी में डीपी 1,401 किस्म के धान के दाम 3,800 से 4,211 रुपये तथा पीबी 1 किस्म के धान के दाम 3,500 से 3,825 रुपये और तथा रतिया मंडी में 1,401 किस्म के धान के दाम 4,181 से 4,212 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

गेहूं के दाम लारेंस रोड पर 25 रुपये तेज होकर दाम 2,450 से 2,475 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। गुजरात के बाद मध्य प्रदेश की कुछ मंडियों में नये गेहूं की आवक शुरू हो गई है तथा मौसम साफ रहा तो आगामी दिनों में इसकी दैनिक आवक बढ़ेगी। सरकार ओएमएसएस के साथ गेहूं की बिक्री उत्तर भारत के राज्यों में पहली मार्च से बंद करेगी। इसलिए इसके भाव में हल्का सुधार आ सकता है लेकिन बड़ी तेजी के आसार नहीं है।

मक्का के भाव स्थिर ही बने हुए है। व्यापारियों के अनुसार पुरानी मक्का की आवक उत्पादक मंडियों में पहले की तुलना में कम हो गई है, जबकि रबी मक्का की आवक चालू महीने के अंत तक बिहार में शुरू हो जायेगी। इसलिए इसके भाव में सीमित तेजी, मंदी बनी रहने का अनुमान है। सांगली मंडी में मक्का के भाव बिल्टी भाव 2375 से 2,425 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

बाजरा की कीमतें स्थिर हो गई। उत्पादक मंडियों में बाजरे की आवक काफी कम हो रही है, इसलिए आगे इसके भाव में सुधार आने का अनुमान है। करनाल में बाजरा का व्यापार 2430 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ।

जौ के भाव उत्पादक मंडियों में स्थिर बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार जौ में माल्ट कंपनियों की मांग अभी बनी रहेगी, जिस कारण इसके भाव में बड़ी गिरावट के आसार नहीं है। जौ का बकाया स्टॉक कम है, जबकि नई फसल मार्च, अप्रैल में आयेगी।

चीनी के दाम स्थिर बने हुए है। व्यापारी अभी चीनी में ज्यादा मंदे में नहीं है, वैसे भी आगे खपत का सीजन शुरू होगा, इसलिए चीनी में मांग बनी रहने की उम्मीद है। चालू पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन अनुमान 333.5 लाख टन होने का अनुमान है।

सरसों के भाव में नरमी आने का अनुमान है। विदेशी बाजार में आज खाद्वय तेलों के दाम कमजोर खुले हैं। घरेलू मंडियों में नई सरसों की आवक लगातार बढ़ रही है, तथा मौसम अनुकूल है। इसलिए आगामी दिनों में आवकों का दबाव बनेगा, वैसे भी चालू सीजन में उत्पादन अनुमान ज्यादा है। ऐसे में कीमतों में बड़ी तेजी की उम्मीद नहीं है। सरसों तेल और खल की कीमतों पर दबाव है।।

घरेलू बाजार में खाद्य तेल की कीमतें लगभग स्थिर हो गई। मलेशिया में मई वायदा अनुबंध में पाम तेल की कीमतों में 8 रिगिंट की गिरावट आकर भाव 3,845 रिगिंट प्रति टन रह गए। जानकारों के अनुसार विश्व बाजार में अभी खाद्वय तेलों की कीमतों में बड़ी तेजी के आसार नहीं है, इसलिए घरेलू बाजार में भी इनकी कीमतों में हल्की नरमी आने की उम्मीद है।

सोयाबीन के दाम उत्पादक मंडियों में स्थिर बने हुए हैं। विदेश में इसके भाव में मिलाजुला रुख है। इसलिए व्यापारी घरेलू बाजार में इसके भाव में अभी ज्यादा तेजी में नहीं है। उत्पादक मंडियों में अभी दैनिक आवक बराबर बनी रहेगी है, जबकि प्लांट जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रहे हैं। शिकागो में सोयाबीन और मील के दाम तेज हुए है, जबकि सोया तेल में मंदा आया है।

घरेलू बाजार में कॉटन की कीमतें स्थिर हो गई। विदेशी बाजार में कॉटन की कीमतें कमजोर खुली हैं। जानकारों के अनुसार विश्व बाजार में पिछले सप्ताह कॉटन के दाम तेज हुए थे, जिस कारण इसके निर्यात में पड़ते लग रहे, इसलिए स्पिनिंग मिलों की मांग बनी रहने से घरेलू बाजार में इसके भाव में ज्यादा मंदा नहीं आयेगा। वैसे भी आगामी दिनों में कॉटन की दैनिक आवकों में कमी आयेगी।

बिनौला और कपास खली के भाव रुक गए हैं। व्यापारी अभी बिनौला एवं कपास खली में बड़ी तेजी के पक्ष में नहीं है। उत्पादक मंडियों में कपास की दैनिक आवकों में जरुर पहले की तुलना में कमी आने लगी है, तथा आगामी दिनों में आवक और घटेगी, हालांकि ग्राहकी भी सामान्य की तुलना में कमजोर है।

ग्वार सीड और ग्वार गम के भाव नरम हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार ग्वार सीड में प्लांटों की मांग सीमित बनी हुई है, क्योंकि प्लांटों के पास ग्वार सीड का बकाया स्टॉक ज्यादा है। ग्वार गम उत्पादों की निर्यात अप्रैल से दिसंबर के दौरान पिछले साल की तुलना में कम हुआ है। उधर उत्पादक मंडियों में इसकी दैनिक आवक पहले की तुलना में कम हुई है। इसलिए हल्की तेजी, मंदी बनी रह सकती है।

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