सोया सन सीपीओ और ओलिन के तीनों टॉप 3 ओरिजिन्स से जनवरी मॉर्च में 91.50 लाख टन की शिपमेन्ट हुई है। यह अभी तक का सबसे ज्यादा शिपमेन्ट है।पिछले साल शिपमेन्ट 82.29 लाख टन था2 साल पहले 81.50 लाख टन शिपमेन्ट हुई थी।2021 में 89.61 लाख टन शिपमेन्ट हुई थी।2022 और 2023 में एक्सपोर्ट में …

अर्जेटिना में प्लांट्स में सनआयल स्टॉक बढ़ता जा रहा है-

उत्पादन से डिमांड कम है, इस वजह से हर महीने स्टॉक बढ रहा है।जनवरी के उतपादन 92000 टन था, स्टॉक 1.19 लाख टन था।फ़रवरी का उतपादन 1.27 लाख टन, स्टॉक 1.37 लाख टन हैमॉर्च का उत्पदान 1.54 लाख टन, स्टॉक 1.39 लाख टन हैअप्रैल का उत्पदान 1.16 लाख टन और स्टॉक 1.71 लाख टन है।

अर्जेटिना ब्राज़ील के सोय्या तेल के हॉट रन का klc पर कोई असर नहीं हुआ तो इसी कारण अर्जेटिना पर तेज़ी रोकने का दबाब बना है।मई में पास की शिपमेन्ट का सोय्या तेल 140 डॉलर तेज़ हुआ है, सीपीओ 7 डॉलर ही तेज़ हुआ हैं ।मलेशिया में पाम आयल उतपादन बढ़ रहा है, इस कारण …

कल एकाएक अर्जेटिना ब्राज़ील में सोय्या तेल ने तेज़ी को बड़ा ब्रेक दिया।कल सोया तेल ने एक दिन की सबसे बड़ी मंदी कीसोयाबीन की सप्लाई में टेंस से सोय्या तेल हॉट सीट पर बैठा हुआ हैजून शिपमेन्ट 3 दिन में64 डॉलर तेज़ हुई, कल एक ही झटके में आधी तेज़ी साफ हो गई।जुलाई शिपमेन्ट में …

ALERT-

कांड़ला में आज मई महीने का लास्ट सोया तेल वेसल लगा है। ब्राज़ील अर्जेटिना का कोई और वेसल इस महीने कांड़ला नहीं आएगा।ब्राज़ील अर्जेटिना पोर्टस के वेसल लाइन अप के हिसाब से जून में 3लाख टन कारगो भारत मे लैंड करेगा।अर्जेटिना से 3 वेसल 70000 टन कारगो के साथ अप्रैल के आखिरी दिनों में भारत …

*बीजेपी फिर से पावर सीट संभालेगी, इस उम्मीद में रुपिया और मजबूत हुआ है मगर आज एशियाई शेयर इंडेक्स ढीला है। *रूस के सूत्रों ने कहा है कि पुतिन इस शर्त पर यूक्रेन वार रोक सकते है अगर यूक्रेन रूस के कब्जे वाली जमीन को रूस का ही हिस्सा मान ले।

फलोदी सट्टा बाजार ने बीजेपी की 2024 इलेक्शन में सीट्स को बढ़ाकर 304 से 306 किया है मगर उसके साथ वाली पार्टीज की जीत को 25 सीट तक सीमित किया है।

*सरसोँ में तेज़ी से किसान की बिकवाली बढ़ी है। *बंगाल की खाड़ी में अगले 24 घंटों में इस सीजन के पहले तूफान की उम्मीद है । मानसून एक सप्ताह ही दूर है।

जनवरी से मॉर्च में सोया तेल इम्पोर्ट में पिछले साल से 4 लाख टन की अप्रैल जून की तिमाही में भरपाई होनी मुश्किल है।अप्रैल जून के इम्पोर्ट 10.36 लाख टन हो सकता है जो पिछले साल 10.19 लाख टन था