*AmSpec के अनुसार फरवरी में मलेशिया से पाम ऑयल एक्सपोर्ट 2.55 लाख टन 21 फीसदी कम हुआ है। *अगली रिपोर्ट में USDA अमेरिका के सोयाबीन स्टॉक में शायद कोई बदलाव नहीं करे। एक्सपोर्ट के कमी को ज्यादा क्रश से एडजस्ट करेगा।

Mpoc के अनुसार जनवरी में भारत में एडिबल ऑयल का स्टॉक 8 लाख टन रह गया है जो सितंबर के 13.45 लाख टन था। जनवरी का स्टॉक पीक से 42 फीसदी कम है।सन ऑयल स्टॉक पिछले साल के 2.29 लाख टन से आधा हैंजनवरी में सोया तेल स्टॉक पिछली जनवरी और दिसम्बर के बराबर था।

इस साल अक्टूबर से जनवरी में कॉटन रिफाइंड का उत्पादन पिछले साल के 4.27 लाख टन से 25 फीसदी कम हुआ है। अगले महीनों में कपास की आवक कम रहेगी, इस कारण कॉटन वाश का उत्पादन भी कम रहेगा। इसी कारण इस महीने कॉटन रिफाइंड में 10 रुपए किलो की तेजी आ चुकी है।

फरवरी में ब्राजील से सोयाबीन एक्सपोर्ट पिछले साल के 73 लाख टन से 12 लाख टन ज्यादा होने की उम्मीद है मगर क्रश पिछले साल से 4 लाख तो घटकर 14.30 लाख तो रह सकता है।

अमेरिका में सोया तेल की बड़ी कमी है। इस वजह से कनोला तेल की डिमांड ज्यादा है। कनाडा में अगस्त से जनवरी तक कानोला क्रश 12 फीसदी बढ़कर 55.14 लाख टन हुआ है। कनाडा कनोला तेल की सप्लाई बढ़ाने के लिए कनोला एक्सपोर्ट धीमे रखे हुए है।

इस साल मलेशिया की करेंसी 3.70 फीसदी कमजोर हुई है। एडपर्ट्स को उम्मीद है कि कुछ ही महीने में फेड बैंक ब्याज दरों में कमी शुरू करेगा तो साल खत्म होने तक रिंगित बड़ी रिकवरी कर लेगा। वैसे भी रिंगित की कमजोरी येन और बहत से कम है।

*ट्रेड का अनुमान है की इस महीने सभी तेल तेज हुए है। इस वजह से ट्रेड में मुनाफावसोली भी आ सकती है। *वर्ल्ड बैंक के अनुसार इस सीजन अमेरिका चीन भारत के कपास की फसल कम है, इस कारण मार्केट में रिकवरी आ सकती है।