अर्जेटिना में खेतों के सर्वे से पुष्टि हुई है कि सोय्या किसानों के Silos भरे हुए है।
ग्रे मार्किट में पीसो बैंक के रेट से 23 फीसदी ऊपर है, इस कारण किसान शिपर्स, प्लांट्स की बजाय लोकल ट्रेडर को सोयाबीन बेच रहे है। इस वजह से पोर्टस पर सोयाबीन की डिलीवरी बहुत कम हुई है।
सरकार इकॉनमी को सुधारने की कोशिश कर रही है। अभी सोय्या डॉलर के नए फेज का कोई प्लान भी नहीं है।
प्रेजिडेंट की अभी भी इच्छा है कि एक्सपोर्ट टैक्स को धीरे धीरे खतम कर दे।