दाल मिलों की खरीद से चना एवं उड़द के साथ ही अरहर तथा देसी मसूर तेज, मूंग नरम
नई दिल्ली। दाल मिलों की खरीद बढ़ने से घरेलू बाजार में मंगलवार को चना एवं उड़द के साथ ही अरहर तथा देसी मसूर की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, जबकि इस दौरान मूंग के दाम नरम हुए।
भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल और अगले 3-4 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी हुई हैं। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में चल रही हीट वेव की स्थिति में 30 मई, 2024 से धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।
बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू के दाम नरम हुए जबकि एफएक्यू की कीमतें स्थिर बनी रही। इस दौरान लेमन अरहर के भाव भी स्थिर हो गए। उड़द एफएक्यू के भाव जून एवं जुलाई शिपमेंट के 1,105 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 5 डॉलर घटकर 1,200 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ रह गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,420 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में आयातित उड़द एफएक्यू के दाम स्थिर बने रहे, लेकिन एसक्यू की कीमतों में नरमी आई। हालांकि घरेलू बाजार में इसके दाम तेज हुए। व्यापारियों के अनुसार आयातित उड़द महंगी हैं, इसलिए आयातक भाव करना चाहते हैं। हालांकि इसकी कीमतों में एकतरफा बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए, क्योंकि उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है तथा जून में आमतौर पर दलहन में मांग कम रहती है। इसलिए दाल मिलें उड़द की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही है। उधर आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की मांग उड़द में सामान्य की तुलना में कमजोर हुई है, क्योंकि मध्य प्रदेश की नई समर फसल की आवक बढ़ी है। साथ ही म्यांमार से उड़द के आयात सौदे बराबर हो रहे हैं। केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें भी जोखिम कम ले रही है।
चेन्नई में लेमन अरहर की कीमतें डॉलर में स्थिर बनी रही, लेकिन घरेलू बाजार में इसके भाव तेज हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार आयातित अरहर के भाव में डिस्पैरिटी है जिस कारण आयातक दाम तेज कर रहे हैं। वैसे भी घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में काफी कम हुई है, क्योंकि चालू सीजन में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आई है। हालांकि बढ़े दाम पर मुनाफावसूली करते रहना चाहिए क्योंकि केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। साथ ही अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी भी बना रहने की उम्मीद है।
राजस्थानी चना की कीमतें दिल्ली में तेज हुई है, जबकि राजस्थानी चना के दाम स्थिर हैं। इन भाव में जहां मिलों की खरीद कमजोर है, वहीं बिकवाली भी कम आ रही है। जानकारों के अनुसार केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। हालांकि उत्पादक मंडियों में चना की दैनिक आवक पहले की तुलना में कम हुई है, तथा चालू सीजन में उत्पादन अनुमान कम है। वैसे भी ऑस्ट्रेलिया से चना के आयात पड़ते महंगे हैं, तथा आस्ट्रेलिया में नई फसल की आवक अगस्त एवं सितंबर में बनेगी। हालांकि मिलर्स के साथ ही स्टॉकिस्ट के पास चना का बकाया स्टॉक ज्यादा है, इसलिए बढ़ी हुई कीमतों में मुनाफावसूली आ सकती है।
चना की कीमतों में तेजी इसी तरह जारी रही तो फिर केंद्र सरकार स्टॉक लिमिट लगाने जैसा कदम उठा सकती है। उत्पादक मंडियों में चना के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी से 35 फीसदी तेज हो चुके हैं। केंद्र सरकार ने चना का एमएसपी 5,440 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है जबकि मंडियों में दाम 7,000 से 7,200 रुपये प्रति क्विंटल हैं।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 40 रुपये तेज होकर 4,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 25 रुपये नरम होकर 4,151 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,150 रुपये और कनाडा की पीली मटर के दाम 4,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 25 रुपये तेज होकर 4,650 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम तेज हुए हैं, जबकि आयातित की कीमतें बंदरगाह पर स्थिर हो गई। व्यापारियों के अनुसार मसूर के आयात पड़ते महंगे हैं, जिस कारण शिपमेंट कम आ रही है। इसलिए स्टॉकिस्ट भाव तेज कर रहे हैं। वैसे भी मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में मसूर की दैनिक आवकों में पहले की तुलना में कमी आई है लेकिन किसानों के पास अभी भी बकाया स्टॉक ज्यादा है तथा चालू सीजन में उत्पादन अनुमान ज्यादा था। उधर बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक भी बचा हुआ है। इसलिए मसूर में बढ़े दाम पर मसूर में मुनाफावसूली करते रहना चाहिए।
दिल्ली में मूंग की कीमतें स्थिर हो गई, लेकिन जयपुर में इसके दाम नरम हुए। जानकारों के अनुसार उत्पादक मंडियों में नई समर मूंग की दैनिक आवक लगातार बढ़ रही है, इसलिए इसकी कीमतों पर दबाव है। उधर मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर हुई है। उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल है, इसलिए मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक आगामी दिनों में और बढ़ेगी। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार जून में मूंग दाल में ग्राहकी आमतौर पर कम रहती है। इसलिए मूंग में बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।
चेन्नई में एसक्यू उड़द के दाम 50 रुपये तेज होकर 9,975 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम 25 रुपये बढ़कर 9,200 से 9,225 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द के दाम 10,225 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम 9,525 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 25 रुपये बढ़कर 9,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
कोलकाता में उड़द एफएक्यू के दाम 9,250 से 9,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,500 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 11,600 से 11,650 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
देसी अरहर की कीमतें इंदौर, अमरावती, सोलापुर, कानपुर एवं लातूर आदि मंडियों में तेज हुई, जबकि अन्य में स्थिर बने रहे।
दिल्ली में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये तेज होकर 12,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये बढ़कर 11,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें तेज हुई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 100 रुपये तेज होकर 12,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 200 रुपये तेज होकर 11,700 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 11,200 से 11,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 200 रुपये बढ़कर 11,600 से 11,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये तेज होकर दाम 6,775 से 6,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
कनाडा की मसूर के भाव कंटेनर में 6,250 से 6,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 6,150 से 6,200 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए, जबकि हजीरा बंदरगाह पर इसके दाम 6,175 से 6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर मंडी में देसी मसूर के बिल्टी भाव 6,250 से 6,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 25 रुपये बढ़कर 7,325 से 7,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के चना के भाव 7,275 से 7,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में मूंग के दाम 8,225 से 8,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में मीडियम मूंग के भाव 7,700 से 7,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 8,000 से 8,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 100 रुपये कमजोर होकर 8,200 से 8,600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।