मिलों की ग्राहकी बढ़ने से चना एवं उड़द तथा अरहर महंगी, मूंग एवं मसूर में मिलाजुला रुख

नई दिल्ली। नीचे दाम पर दाल मिलों की खरीद बढ़ने से घरेलू बाजार में शुक्रवार को चना एवं उड़द तथा अरहर की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, जबकि इस दौरान मूंग एवं मसूर के भाव में मिलाजुला रुख देखा गया।

भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार रविवार तक बांग्ला-पश्चिम बंगाल तट पर गंभीर चक्रवात का खतरा बनता दिख रहा है।

बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू और एफएक्यू की कीमतें 15-15 डॉलर तेज हुई। जबकि इस दौरान लेमन अरहर के भाव स्थिर बने रहे। उड़द एफएक्यू के भाव मई एवं जून शिपमेंट के 15 डॉलर तेज होकर 1,095 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 15 डॉलर बढ़कर 1,185 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,415 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर बने रहे।

चेन्नई में आयातित उड़द एफएक्यू और एसक्यू के दाम तेज हुए, जिस कारण घरेलू बाजार में भी दाल मिलों की मांग से उड़द की कीमतें तेज हुई। उड़द के डॉलर में तेज होने से आयात पड़ते और महंगे हुए हैं, इसलिए आयातक भाव करना चाहते हैं। व्यापारियों के अनुसार उड़द में आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की मांग कम हुई है, क्योंकि मध्य प्रदेश की नई समर फसल की आवक बढ़ी है। साथ ही म्यांमार से उड़द के आयात सौदे बराबर हो रहे हैं। केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें भी जोखिम कम ले रही है। इसलिए उड़द की कीमतों में एकतरफा बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। वैसे भी उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है तथा जून में आमतौर पर दलहन में मांग कम रहती है। इसलिए दाल मिलें उड़द की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही है।

लेमन एवं देसी अरहर के साथ ही अफ्रीकी देशों से आयातित की कीमतें तेज हुई। हालांकि चेन्नई में लेमन अरहर की कीमतें डॉलर में स्थिर बनी रही। व्यापारियों के अनुसार घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में काफी कम हुई है, जिस कारण स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज कर रहे हैं। वैसे भी चालू सीजन में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है। साथ ही आयातित अरहर के भाव में डिस्पैरिटी है। इसलिए भाव तेज तो हुए हैं, लेकिन बढ़े दाम पर मुनाफावसूली करते रहना चाहिए। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। साथ ही अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी बना रहने की उम्मीद है।

चना की कीमतों में सुबह के सत्र में गिरावट आई थी, लेकिन नीचे दाम पर मिलों की खरीद से शाम के सत्र में भाव तेज हो गए। जानकारों के अनुसार पिछले दो सप्ताह में चना के दाम 550 रुपये प्रति क्विंटल तक तेज हो चुके हैं तथा जिस तरह से उत्पादक मंडियों में चना की दैनिक आवक कम हुई है, उसे देखते हुए इसकी कीमतों में मंदा तो नहीं है। हालांकि बढ़ी हुई कीमतों में मुनाफावसूली आती रहेगी। जानकारों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया से चना के आयात पड़ते महंगे हैं, तथा आस्ट्रेलिया में नई फसल की आवक अगस्त एवं सितंबर में बनेगी। वैसे भी चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। जानकारों के अनुसार घटे भाव में खरीद करके ही व्यापार करना चाहिए।

मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 3,975 से 4,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 3,975 से 4,000 रुपये और कनाडा की पीली मटर के दाम 4,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 4,475 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम कमजोर हुए हैं, लेकिन आयातित की कीमतें तेज हुई। व्यापारियों के अनुसार मसूर के आयात पड़ते महंगे हैं, जिस कारण शिपमेंट कम आ रही है। इसलिए स्टॉकिस्ट भाव तेज कर रहे हैं। वैसे भी मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में मसूर की दैनिक आवकों में पहले की तुलना में कमी आई है लेकिन किसानों के पास अभी भी बकाया स्टॉक ज्यादा है तथा चालू सीजन में उत्पादन अनुमान ज्यादा था। उधर बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक भी बचा हुआ है। इसलिए मसूर में बढ़े दाम पर मसूर में मुनाफावसूली करते रहना चाहिए।

मूंग की कीमतों में मिलाजुला रुख देखा गया। जानकारों के अनुसार उत्पादक मंडियों में नई समर मूंग की दैनिक आवक लगातार बढ़ रही है, इसलिए इसके भाव में बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। वैसे भी बढ़े दाम पर मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर हुई है। उत्पादक राज्यों में मौसम अनुकूल है, इसलिए मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक आगामी दिनों में और बढ़ेगी। चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार जून में मूंग दाल में ग्राहकी आमतौर पर कम रहती है।

चेन्नई में एसक्यू उड़द के दाम 75 रुपये तेज होकर 9,875 से 9,900 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम 100 रुपये बढ़कर 9,125 से 9,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 25 रुपये तेज होकर 10,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। एफएक्यू के दाम 25 रुपये बढ़कर 9,450 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 9,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,500 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

कोलकाता में उड़द एफएक्यू के भाव 9,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 11,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

देसी अरहर की कीमतें जलगांव, कटनी, नागपुर, अकोला और रायपुर मंडियों में तेज हुई।

मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये बढ़कर 11,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 11,750 से 11,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें तेज हुई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 100 रुपये तेज होकर 12,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव तेज होकर 11,300 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 400 रुपये बढ़कर 11,000 से 11,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें तेज होकर 11,400 से 11,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।

दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये कमजोर होकर दाम 6,700 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

कनाडा की मसूर के भाव कंटेनर में 6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 50 रुपये तेज होकर 6,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 6,100 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए, जबकि हजीरा बंदरगाह पर इसके दाम25 रुपये तेज होकर 6,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इंदौर मंडी में देसी मसूर के बिल्टी भाव तेज होकर 6,250 से 6,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 100 रुपये बढ़कर 7,100 से 7,125 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के चना के भाव 75 रुपये तेज होकर 7,050 से 7,075 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

दिल्ली में मूंग के दाम 25 रुपये कमजोर होकर 8,450 से 8,600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इंदौर में नई समर मूंग के भाव 8,000 से 8,250 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इंदौर में बोल्ड मूंग के दाम 100 रुपये बढ़कर 8,300 से 8,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,200 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

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