दाल मिलों की सीमित मांग से अरहर एवं उड़द में मिलाजुला रुख, मूंग के साथ मसूर कमजोर
नई दिल्ली। दाल मिलों की खरीद कमजोर होने से घरेलू बाजार में सोमवार को मूंग के साथ ही मसूर की कीमतों में मंदा आया, जबकि इस दौरान अरहर एवं उड़द के भाव में मिलाजुला रुख रहा। चना के दाम सुबह के सत्र में कमजोर हुए, लेकिन शाम को मिलों की खरीद से सुधार आया।
चालू सीजन में मानसून की रिपोर्ट सकारात्मक है, तथा अच्छी बारिश हुई तो फिर खरीफ दलहन की बुआई शुरू होने पर व्यापारिक धारणा बदल जाती है। बुआई में बढ़ोतरी की खबरों से बिकवाली भी बढ़ जाती है।
बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू और एफएक्यू की कीमतें स्थिर हो गई। इस दौरान लेमन अरहर के भाव भी स्थिर बने रहे। उड़द एफएक्यू के भाव मई एवं जून शिपमेंट के 1,100 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव 1,190 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ बोले गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 1,410 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ पर स्थिर बने रहे।
चेन्नई में आयातित उड़द की कीमतें डॉलर में स्थिर हो गई, जबकि घरेलू बाजार में भी इसके भाव में मिलाजुला रुख रहा। व्यापारियों के अनुसार उड़द के आयात पड़ते महंगे हैं, इसलिए स्टॉकिस्ट दाम तेज करना चाहते हैं। इसलिए इसकी कीमतों में हल्की तेजी तो बन सकती है, लेकिन बड़ी तेजी टिक नहीं पायेगी। वैसे भी बढ़े दाम पर उड़द दाल में दक्षिण भारत की मांग सामान्य की तुलना में कमजोर है तथा जून में आमतौर पर दलहन में मांग कम हो जाती है। इसलिए दाल मिलें उड़द की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही है, क्योंकि मध्य प्रदेश की मंडियों में समर उड़द की आवक पहले की तुलना में बढ़ी है। उधर म्यांमार से भी उड़द के आयात सौदे बराबर हो रहे हैं। केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें भी जोखिम कम ले रही है। इसलिए मौजूदा कीमतों में एकतरफा बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।
आयातित लेमन अरहर की कीमतें डॉलर में चेन्नई में स्थिर बनी रही तथा लोकसभा चुनाव के मतदान के कारण मुंबई बाजार आज बंद रहा। हालांकि देसी अरहर की कीमतों में मिलाजुला रुख रहा। व्यापारियों के अनुसार घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है, जिस कारण स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज कर रहे हैं। वैसे भी चालू सीजन में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है। साथ ही आयातित अरहर महंगी है। ऐसे में इसकी कीमतों में हल्की तेजी तो बन सकती है, लेकिन बढ़े दाम पर मुनाफावसूली करते रहना चाहिए। वैसे भी अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी बना रहने की उम्मीद है। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। ऐसे में अरहर के भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।
चना की कीमतों में मुनाफावसूली से सुबह के सत्र में नरमी आई थी, लेकिन शाम को स्टॉकिस्टों की खरीद भाव में सुधार आया। व्यापारियों के अनुसार मौजूदा भाव में जहां दाल मिलें जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है, वहीं बिकवाली भी कम आ रही है। इसलिए इसकी कीमतों में अभी सीमित घटबढ़ बनी रह सकती है। हालांकि हालांकि चना में माल की मिलकत कम है, जिस कारण इसके भाव में बड़ी गिरावट के आसार नहीं है। उत्पादक मंडियों में चना की आवक अपेक्षा अनुरूप बढ़ नहीं पा रही है, क्योंकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। उधर ऑस्ट्रेलिया में दाम तेज होने के कारण आयात पड़ते महंगे हुए हैं, इसलिए चना का भविष्य तेजी का ही है।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 4,000 रुपये और कनाडा की पीली मटर के दाम 4,125 से 4,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 25 रुपये कमजोर होकर 4,425 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम कमजोर हुए। पिछले सप्ताह बिकवाली कम आने से मसूर के तेज हुए थे, लेकिन व्यापारी इसमें अभी एकतरफा बड़ी तेजी के पक्ष में नहीं है। हालांकि मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में मसूर की दैनिक आवकों में पहले की तुलना में कमी आई है लेकिन किसानों के पास अभी भी बकाया स्टॉक ज्यादा है। वैसे भी चालू सीजन में उत्पादन अनुमान ज्यादा था। उधर बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक भी बचा हुआ है। इसलिए बढ़े दाम पर मसूर में मुनाफावसूली करते रहना चाहिए।
मूंग के दाम कमजोर हुए हैं। जानकारों के अनुसार मूंग दाल में मौजूदा भाव में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है। इसलिए इसकी कीमतों में और भी नरमी आ सकती है। मौसम अनुकूल बना रहा तो मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक आगामी दिनों में बढ़ेगी। वैसे भी चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार जून में मूंग दाल में ग्राहकी आमतौर पर कम रहती है।
मध्य प्रदेश की जबलपुर मंडी में नई समर मूंग की आवक 200 क्विंटल की हुई तथा इसका व्यापार 7300-7800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से हुआ।
चेन्नई में एसक्यू उड़द के दाम 50 रुपये कमजोर होकर भाव 9,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम 25 रुपये घटकर 9,100 से 9,125 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 10,125 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। एफएक्यू के दाम तेज होकर 9,525 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 50 रुपये बढ़कर 9,350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,500 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
कोलकाता में उड़द एफएक्यू के भाव 50 रुपये घटकर 9,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 50 रुपये कमजोर होकर भाव 11,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
देसी अरहर की कीमतें सोलापुर, कटनी में तेज हुई, जबकि कानपूर, रायपुर और लातूर में इसके दाम कमजोर हुए।
मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये बढ़कर 11,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 11,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 12,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 10,800 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 10,500 से 10,600 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 11,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 25 रुपये कमजोर होकर दाम 6,550 से 6,575 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कनाडा की मसूर के भाव कंटेनर में 6,150 से 6,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 6,075 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए, जबकि हजीरा बंदरगाह पर इसके दाम 6,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। कटनी में देसी मसूर के भाव कमजोर होकर 6,525 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के चना के दाम 25 रुपये बढ़कर 6,800 से 6,825 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के चना के भाव 25 रुपये तेज होकर 6,750 से 6,775 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
दिल्ली में मूंग के दाम 150 रुपये कमजोर होकर 8,400 से 8,550 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इंदौर में समर मूंग के भाव 250 रुपये कमजोर होकर 7,800 से 8,100 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। लातूर में चमकी मूंग के दाम 6,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 100 रुपये घटकर 8,200 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।