भारत मे नवंबर से अप्रैल में 6.50 लाख टन DDGS उत्पादन का अनुमान है जो लोकल खपत से ज्यादा है।
भारत की क्वालिटी खराब है, ग्रेन्स से बन रही है। इस कारण एक्सपोर्ट टूट रहा है।
पिछले साल भारत ने 1.04 लाख टन एक्सपोर्ट किया था। जनवरी फ़रवरी में एक्सपोर्ट 7500 टन भी नहीं है।
इथेनॉल प्लांट्स भारत मे मक्का की पैरिटी ना होने से एडवांस लाइसेंस में यूक्रेन से इम्पोर्ट बनाये हुए है।
संसार मे अकेला अमेरिक ही DDGS का सबसे बड़ा शीपर है।