दाल मिलों की मांग बढ़ने से अरहर एवं उड़द के साथ आयातित मसूर महंगी, चना मंदा
नई दिल्ली। आयात पड़ते महंगे होने के साथ ही दाल मिलों की मांग से घरेलू बाजार में मंगलवार को अरहर एवं उड़द के साथ आयातित मसूर के भाव तेज तेज हुए, जबकि इस दौरान चना की कीमतों में नरमी आई। मूंग के दाम लगभग स्थिर बने रहे।
भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी के अनुसार मानसून के 19 मई के आसपास दक्षिण अंडमान निकोबार में प्रवेश करने की उम्मीद है।
बर्मा से आयातित चेन्नई पहुंच उड़द एसक्यू एवं एफएक्यू की कीमतें 10-10 डॉलर तेज हो गई। इस दौरान लेमन अरहर की कीमतों में दूसरे दिन 20 डॉलर की तेजी आई। उड़द एफएक्यू के भाव मई एवं जून शिपमेंट के 10 डॉलर तेज होकर 1,070 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए, जबकि इस दौरान एसक्यू उड़द के भाव भी 10 डॉलर बढ़कर 1,160 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए। चेन्नई में लेमन अरहर के दाम 20 डॉलर बढ़कर 1,385 डॉलर प्रति टन, सीएडंएफ हो गए।
चेन्नई में आयातित उड़द की कीमतें डॉलर में हुई है, जिस कारण घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में सुधार आया। व्यापारियों के अनुसार उड़द के आयात पड़ते महंगे हुए है इसलिए आयातक दाम तेज करना चाहते हैं। हालांकि उड़द दाल में दक्षिण भारत की सामान्य की तुलना में कमजोर है तथा मई एवं जून में आमतौर पर मांग कम ही रहती है। दाम मिलें उड़द की खरीद जरुरत के हिसाब से ही कर रही है, क्योंकि मध्य प्रदेश में समर उड़द की आवक मंडियों में पहले की तुलना में बढ़ी है। उधर म्यांमार से भी उड़द के आयात सौदे बराबर हो रहे हैं। केंद्र सरकार की सख्ती को देखते हुए दाल मिलें जोखिम नहीं ले रही हैं। हालांकि इसलिए मौजूदा कीमतों में सीमित तेजी, मंदी बनी रहने का अनुमान है।
आयातित लेमन अरहर की कीमतों में डॉलर में दूसरे दिन तेजी आई, अत: घरेलू बाजार में इसके दाम तेज हुए है। व्यापारियों के अनुसार अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, तथा घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में कम हुई है। इसलिए स्टॉकिस्ट इसके दाम तेज करना चाहते हैं। वैसे भी चालू सीजन में अरहर के उत्पादन अनुमान में कमी आने की आशंका है। अत: इसकी कीमतों में हल्की तेजी बन सकती है, हालांकि तेजी आने पर मुनाफावसूली करते रहना चाहिए। वैसे भी अरहर दाल में थोक के साथ ही खुदरा में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, तथा म्यांमार के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी बना रहने की उम्मीद है। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा कर रही है। ऐसे में अरहर के भाव में अभी बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए।
चना की कीमतों में मुनाफावसूली से नरमी आई है। व्यापारियों के अनुसार इसकी कीमतों में हल्की नरमी और भी आ सकती है, लेकिन नीचे दाम पर बिकवाली भी घट गई। इसलिए ज्यादा मंदे के आसार भी नहीं है। वैसे भी उत्पादक मंडियों में चना की आवक अपेक्षा अनुरूप बढ़ नहीं पा रही है, क्योंकि चालू सीजन में चना का उत्पादन अनुमान कम है। उधर ऑस्ट्रेलिया में दाम तेज होने के कारण आयात पड़ते महंगे हुए हैं, इसलिए चना का भविष्य तेजी का ही है जानकारों के अनुसार चना में समय, समय पर मुनाफावसूली करते रहे।
मुंबई में कनाडा की पीली मटर के दाम 4,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 3,950 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मुंद्रा बंदरगाह पर रसिया की पीली मटर के भाव 3,950 रुपये और कनाडा की पीली मटर के 4,125 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर गए। कानपुर में देसी मटर के भाव 4,325 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में देसी मसूर के भाव स्थिर हो गए, जबकि आयातित की कीमतें बंदरगाह पर तेज हुई। हालांकि व्यापारी मसूर में बड़ी तेजी के पक्ष में नहीं है क्योंकि मसूर की आवक मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश की मंडियों में अभी बनी रहने की उम्मीद है। चालू रबी में मसूर की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। इसलिए मौजूदा कीमतों में बड़ी तेजी मानकर व्यापार नहीं करना चाहिए। जानकारों के अनुसार बंदरगाह पर आयातित मसूर का बकाया स्टॉक भी ज्यादा है साथ ही केंद्रीय पूल में मसूर का पुराना स्टॉक भी बचा हुआ है। हालांकि आयातित मसूर देसी की तुलना में ऊंचे दाम पर बिक रही है।
मूंग के दाम स्थिर बने हुए हैं। व्यापारियों के अनुसार मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है साथ ही मौसम अनुकूल रहा तो मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात की मंडियों में नई समर मूंग की आवक बढ़ेगी। वैसे भी चालू समर सीजन में मूंग की बुआई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, जिस कारण उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। व्यापारियों के अनुसार मूंग की कीमतों में तेजी उत्पादक राज्यों में मौसम कैसा रहता है, इस पर भी निर्भर करेगी। जून में दालों में ग्राहकी आमतौर पर कम रहती है।
चेन्नई में एसक्यू उड़द के दाम 50 रुपये तेज होकर 9,650 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि इस दौरान एफएक्यू के दाम 25 रुपये बढ़कर 9,025 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
दिल्ली में एसक्यू उड़द फसल सीजन 2023/24 के दाम 9,925 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। एफएक्यू के दाम 9,350 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
मुंबई में उड़द एफएक्यू के दाम 25 रुपये तेज होकर 9,225 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
इंदौर मंडी में बोल्ड उड़द के भाव 8,500 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
कोलकाता में उड़द एफएक्यू के भाव 9,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
चेन्नई में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 100 रुपये तेज 11,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
देसी अरहर की कीमतें सोलापुर, गुलबर्गा, लातूर और कानपुर मंडी में तेज हुई, जबकि अन्य उत्पादक मंडियों में स्थिर बनी रही।
मुंबई में नई लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 75 रुपये बढ़कर 11,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
दिल्ली में लेमन अरहर के दाम शाम के सत्र में 150 रुपये तेज होकर 11,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर हो गई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 11,650 से 11,700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। इस दौरान गजरी अरहर के भाव 10,500 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मतवारा अरहर के भाव 10,300 से 10,400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सफेद अरहर की कीमतें 10,800 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।
दिल्ली में देसी मसूर के दाम 6,425 से 6,450 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
कनाडा की मसूर के भाव कंटेनर में 6,150 से 6,175 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। मुंद्रा बंदरगाह पर मसूर के भाव 25 रुपये तेज होकर दाम 6,025 रुपये जबकि हजीरा बंदरगाह पर इसके दाम 25 रुपये बढ़कर 6,075 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। पटना में देसी मसूर के भाव 6,275 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।
दिल्ली में राजस्थान लाइन के नए चना के दाम 25 रुपये घटकर 6,600 से 6,625 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश लाइन के नए चना के भाव 25 रुपये कमजोर होकर 6,575 से 6,600 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
इंदौर में बोल्ड क्वालिटी की मूंग के भाव 8,200 से 9,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। लातूर में चमकी मूंग के दाम 6,500 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। जयपुर मंडी में मूंग के बिल्टी भाव 8,200 से 8,500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।